विविधा सिर्फ पैसों से साक्षरता नहीं बढ़ती

सिर्फ पैसों से साक्षरता नहीं बढ़ती

मदन मोहन झा हाल ही में योजना आयोग ने उस प्रस्ताव को मंजूर किया है जिसमें राष्‍ट्रीय औसत से कम साक्षरता दर वाले बिहार समेत…

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महिला-जगत बेटी कब से पराया धन हो गई

बेटी कब से पराया धन हो गई

11 अक्टूबर-बालिका दिवस पर विशेष सरिता सामरथ दूसरी बार अंतरिक्ष में पहुंचने वाली भारतीय मूल की सुनिता विलियम्स पर पूरा देश गौरवान्वित हो रहा है।…

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महत्वपूर्ण लेख सोनिया गांधी के दामाद का फर्जीवाड़ा

सोनिया गांधी के दामाद का फर्जीवाड़ा

रॉबर्ट वाड्रा ने सैकड़ों करोड़ की संपत्ति अर्जित की है. कहां से आए इतने पैसे? पिछले चार सालों में रॉबर्ट वाड्रा ने एक के बाद…

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आर्थिकी माटी-मानुष के लिए एफडीआई का विरोध

माटी-मानुष के लिए एफडीआई का विरोध

राजीव गुप्ता तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी का वर्तमान केंद्र सरकार से समर्थन वापसी का निर्णय अपने आप में न केवल एक अभूतपूर्ण निर्णय था…

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राजनीति शराबी लोकतंत्र की खराबी का राज

शराबी लोकतंत्र की खराबी का राज

राकेश कुमार आर्य पुरोहित कपिल दो सोने की मोहरें पाने के लिए राजा को आशीर्वाद देने गये। राजा ने कहा-”जितना चाहिए मांग लो।” कपिल के…

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आर्थिकी भारत के हर ‘संसाधन’ पर हक है मेरा!

भारत के हर ‘संसाधन’ पर हक है मेरा!

अदालती फैसले को सही संदर्भ में समझने की जरूरत संजय द्विवेदी राष्ट्रपति की ओर से भेजे गए संदर्भ पत्र पर उच्चतम न्यायालय की राय को…

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समाज हादसों में बदलती आस्था

हादसों में बदलती आस्था

प्रमोद भार्गव धार्मिक आयोजनों में जतार्इ जाने वाली श्रद्धा और भक्ति से यह आशय कतर्इ नहीं निकाला जा सकता कि वाकर्इ इनमें भागीदारी से इहलोक…

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प्रवक्ता न्यूज़ हरियाणा के पर्यटन मानचित्र में शामिल होने को तत्पर ‘बराड़ा’

हरियाणा के पर्यटन मानचित्र में शामिल होने को तत्पर ‘बराड़ा’

निर्मल रानी वैसे तो हरियाणा का सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला पूरे विश्व में अपनी धूम मचा चुका है। ज़ाहिर है हस्तशिल्प प्रदर्शनी तथा पर्यटकों को लुभाने…

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समाज गांधीगिरी सुनने में ही अच्छी, जीवन में ढालना मुश्किल

गांधीगिरी सुनने में ही अच्छी, जीवन में ढालना मुश्किल

 सिद्धार्थ शंकर गौतम वर्तमान पीढ़ी के लिए गांधी दर्शन और उनके आदर्शों पर चलना ठीक वैसा ही है जैसे नंगे पैर दहकते अंगारों पर चलना|…

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जन-जागरण हम सेक्युलर हैं, क्योंकि —

हम सेक्युलर हैं, क्योंकि —

विपिन किशोर सिन्हा हम सेक्युलर हैं, क्योंकि — १. हम भारत के संविधान में निहित प्रावधानों का उल्लंघन करके अल्पसंख्यकों को आरक्षण देते हैं। २.…

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समाज …मदद चाहती है ये हव्वा की बेटी

…मदद चाहती है ये हव्वा की बेटी

 प्रणय विक्रम सिंह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और गुदड़ी के लाल लालबहादुर शास्त्री के अवतरण दिवस के दिन अर्थात 2 अक्टूबर को प्रात समाचार पत्र पढ़ते…

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कविता भूख न मिटती पैसे की

भूख न मिटती पैसे की

चकाचौंध चकाचौंध है, चकाचौंध है पैसे की| किसी तरह से पैसा आये, चाहे आये जैसे भी|   पैसे की दुनियाँ दीवानी, पैसे के सब मीत…

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