व्यंग्य/ मेरी ऐनक प्लीज!
Updated: September 29, 2012
अशोक गौतम इधर सरकार ने महंगाई से त्रस्त बंदे को महंगाई भत्ता देने की घोषणा भर की तो सुबह उधर लाला ने आटा बीस से…
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महाराष्ट्र में राजनीतिक उथल-पुथल / मा. गो. वैद्य
Updated: September 29, 2012
मराठी में ‘घड़ामोड़’ (बनना-बिगड़ना) यह एक बहुत अच्छा अर्थपूर्ण शब्द है. ‘घड़ामोड़’ मतलब जिसमें कुछ बनता है और कुछ बिगड़ता भी है. बात सही तरीके…
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‘हिंदी प्रलाप’ – अरुण माहेश्वरी
Updated: September 29, 2012
दक्षिण अफ्रीका के विश्व हिंदी सम्मेलन से घूम कर आने के ठीक बाद हिंदी के प्रोफेसर और भारत सरकार के केन्द्रीय हिन्दी संस्थान के पूर्व…
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यहां कुत्ते रहते हैं
Updated: September 27, 2012
बहुत दिनों बाद इंदौर आना हुआ तो पुराने साथियों की याद आ गई|जय प्रकाश गुप्ता और मैं कई साला एक ही विभाग में काम करते…
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महाराजा की वापसी
Updated: September 29, 2012
सतीश सिंह सरकार द्वारा बरती अनियमितता, गलत प्रबंधन और अंदरुनी गड़बडि़यों की वजह से आज महाराजा कंगाली के कगार पर है। एक जनहित याचिका में…
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स्त्री-आकर्षण का केन्द्र : अनुभूति, ताकत नहीं – सारदा बनर्जी
Updated: September 29, 2012
आम तौर पर पुरुषों में यह धारणा प्रचलित रही है कि स्त्रियां पुरुषों के मर्दानगी वाले एटीट्यूड, बलिष्ठ भुजाओं वाले ताकतवर शरीर से ही आकर्षित…
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बस उलझन की बात यही है
Updated: September 27, 2012
श्यामल सुमन किसकी गलती कौन सही है बस उलझन की बात यही है हंगामे की जड़ में पाया कारण तो बिलकुल सतही है …
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कविता-चींटी
Updated: September 27, 2012
चींटी मिश्री के इक दाने को, लाखों चलीं उठाने को, अपने घर ले जाने को, ऐसा संगठन नहीं मिलता, इंसानो को। ये हैं छोटी…
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थोड़ा सा फर्क
Updated: September 27, 2012
“दादाजी दादाजी ‘बनाना’ को हिंदी में क्या बोलते हैं?” “बेटे ‘बनाना’ को हिंदी में केला कहते हैं|” “और दादाजी वो जो राउंड ,राउंड, ऱेड, रेड…
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तमिलनाडु में हिन्दी लोकप्रिय?
Updated: September 27, 2012
डॉ. मधुसूदन उवाच ॐ प्रति वर्ष ६ लाख हिन्दी के परीक्षार्थी। ॐ सर्वाधिक लोकप्रिय तृतीय भाषा ॐ हिन्दी प्रचार सभा काफी व्यस्त ॐ जपानी का…
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कविता-पुनर्जन्म:विजय निकोर
Updated: September 27, 2012
तुम्हारा अंकुरित स्नेह सुकुमार ज्यों अकलंकित आकाश ने फेंक दिए सितारे सारे मेरी झोली में आज, और फिर भी मैं डरा-डरा-सा खड़ा रहा कितने कटु…
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आर्थिक-सुधारों की राजनीती और बदहाल जन
Updated: September 27, 2012
पियुष द्विवेदी ‘भारत’ ममता बनर्जी द्वारा किराने में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के नीतिगत मतभेद के चलते यूपीए-२ को नमस्कार करने के बाद, आर्थिक-सुधारों के निहितार्थ…
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