श्रीमद्भगवद्गीता और छद्मधर्मनिरपेक्षवादी : चर्चा-३
Updated: December 7, 2011
विपिन किशोर सिन्हा प्रवक्ता में इसी सप्ताह एक लंबे लेख में एक निरंकुश लेखक ने गीता के एक श्लोक को उद्धरित करते हुए टिप्पणी लिखी…
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क्या दिग्विजय सिंह लश्कर-ए-तोयबा आदि संगठनों के एजेंट हैं
Updated: December 7, 2011
डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री शुरु-शुरु में ऐसा माना जाने लगा था कि कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह के आतंकवाद को लेकर दिए गए बयानों को…
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गरीबी हटाने के सरकारी तरीके
Updated: December 7, 2011
डॉ. कौशल किशोर श्रीवास्तव वे जिला प्रमुख है। उनके कार्यालय के ऊपर कोई मंजिल नही है पर उन्हें ऊपर से आदेश आते रहते हैं। इस…
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लोकमंगल हो मीडिया का ध्येयः स्वामी शाश्वतानंद
Updated: December 7, 2011
भोपाल, 6 अगस्त,2011। महामंडलेश्वर डा.स्वामी शाश्वतानंद गिरि का कहना है कि लोकमंगल अगर पत्रकारिता का उद्देश्य नहीं है तो वह व्यर्थ है। हमें हमारे सामाजिक…
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और सोनिया कांग्रेस में अन्तर को समझना होगा
Updated: December 7, 2011
डॉ0 कुलदीप चन्द अग्निहोत्री सोनिया कांग्रेस की गतिविधियों, उसके कार्यक्रमों और भारतीयता अथवा हिन्दुत्व के प्रति उसके एजेंडा को लेकर पिछले कुछ अर्से से व्यापक…
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सबसे बड़ा डंडा खुद का चरित्र है…..क़ानून नहीं
Updated: December 7, 2011
राजीव थेप्रा हम रोज-ब-रोज तरह-तरह के अपराधों के बारे में पढ़ते हैं,सुनते हैं और साथ ही बड़े लोगों के अपराधों के बारे या अपराधियों को…
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असमानता की आजादी का जश्न!
Updated: December 7, 2011
डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’ 15 अगस्त, 2011 को हम आजादी की 65वीं सालगिरह मनाने जा रहे भारत में कौन कितना-कितना और किस-किस बात के लिये…
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श्रीमद्भगवद्गीता और छद्म धर्मनिरपेक्षवादी – चर्चा-२
Updated: December 7, 2011
विपिन किशोर सिन्हा श्रीकृष्ण को अच्छी तरह समझे बिना गीता तक नहीं पहुंचा जा सकता। शरीर और आत्मा जैसी दो चीजें नहीं हैं। आत्मा का…
Read moreदौरे-उल्फत की हर बात याद है मुझे
Updated: January 4, 2012
दौरे-उल्फत की हर बात याद है मुझे तुझसे हुई वह मुलाकात याद है मुझे। बरसते पानी में हुस्न का धुल जाना दहकी हुई वह बरसात…
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अलग थलग दुनियाँ से फिर भी इस दुनियाँ में रहता हूँ
Updated: December 7, 2011
श्यामल सुमन भावना अलग थलग दुनियाँ से फिर भी इस दुनियाँ में रहता हूँ अनुभव से उपजे चिन्तन की नव-धारा संग बहता हूँ पद…
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अराजकता के इस दौर में देश में सैनिक शासन की संभावनायें
Updated: December 7, 2011
मेरा बड़ा बेटा स्टेशनरी की दुकान चलाता है|वहीं पर कम्प्यूटर फोटो कापी इत्यादि भी उपलब्ध हैं सेवा निवृति के बाद मैं भी इस दुकान में…
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सांस्कृतिक साम्राज्यवाद
Updated: August 5, 2011
कैलाश बुधवार देश को स्वतंत्र हुए इतने वर्ष हो जाने के बाद भी अक्सर यह दुख दुहराया जाता है कि हमारी दास मानसिकता नहीं गई…
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