आर्थिकी देश की अर्थव्‍यवस्‍था में महत्‍वपूर्ण है जूट

देश की अर्थव्‍यवस्‍था में महत्‍वपूर्ण है जूट

राजेश मल्‍होत्रा जूट उद्योग का भारत की अर्थव्‍यवस्‍था में महत्‍वपूर्ण स्‍थान है। यह पूर्वी क्षेत्र खासकर पश्‍चि‍म बंगाल के प्रमुख उद्योगों में एक है। स्‍वर्ण…

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राजनीति कहां जाकर लगेगा भारद्वाज का तीर

कहां जाकर लगेगा भारद्वाज का तीर

लिमटी खरे कर्नाटक में महामहिम राज्यपाल हंसराज भारद्वाज ने मुख्यमंत्री बी.एस.येदयुरप्पा के खिलाफ तलवार तानकर भले ही कांग्रेस का हित साधा हो पर उनके इस…

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विविधा दारुल उलूम देवबंद में बवाल

दारुल उलूम देवबंद में बवाल

नए कुलपति को हटाने के लिए पर्दे के पीछे से खेल जारी वसतानवी के खिलाफ खबर नहीं छापने के लिए उर्दू के दो अखबार ने…

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विविधा मनमानी की पाठशाला

मनमानी की पाठशाला

विनोद उपाध्याय बात 1978 की है जब लेफ्टिनेंट जनरल (अवकाश प्राप्त) केटी सतारावला को जबलपुर विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्ति किया गया था तब उन्होंने कहा…

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उर्दू पत्रकारिता पर विमर्श के बहाने एक सही शुरूआत

उर्दू पत्रकारिता पर विमर्श के बहाने एक सही शुरूआत

भारतीय भाषाओं को बचाने के लिए आगे आने की जरूरत – संजय द्विवेदी यह मध्यप्रदेश का सौभाग्य है कि उसकी राजधानी भोपाल से उर्दू पत्रकारिता…

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धर्म-अध्यात्म आखिर वसिष्ठ कौन थे?

आखिर वसिष्ठ कौन थे?

सूर्यकांत बाली किसी भी भारतवासी के सामने आप वसिष्ठ का नाम ले लें तो एकदम बोल उठेगा, वही जो, दशरथ के कुलगुरू, जिन्होंने उनके चार…

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विविधा विकास का संदर्भ और स्वरूप

विकास का संदर्भ और स्वरूप

के. एन. गोविन्दाचार्य भारतीय संदर्भ में विकास के साथ कुछ बुनियादी शर्त जुड़ी हैं। यहां वास्तविक विकास कार्य उसी को कहा जा सकता है जिसमें…

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विविधा जीवन संवारने की तीन कलाएं

जीवन संवारने की तीन कलाएं

चैतन्य प्रकाश बदलाव लगातार है। थोड़ा गहरे से देखें तो यह बदलाव हर पल हो रहा है। सृष्टि का, संसार का अगर ठीक गुणवाचक नाम…

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भारतीय भाषाओं में अंतरसंवाद

भारतीय भाषाओं में अंतरसंवाद

अंग्रेजी के भाषाई साम्राज्यवाद के विरूद्ध संघर्ष की जरूरत भोपाल, 23 जनवरी, 2010। भोपाल के संभागायुक्त और चिंतक मनोज श्रीवास्तव का कहना है कि मातृभाषाओं…

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प्रवक्ता न्यूज़ उर्दू पत्रकारिता पर राष्ट्रीय संगोष्ठी सम्पन्न

उर्दू पत्रकारिता पर राष्ट्रीय संगोष्ठी सम्पन्न

भोपाल,22 जनवरी, 2010। पूर्व केंद्रीय मंत्री आरिफ बेग का कहना है कि उर्दू अपने घर में ही बेगानी हो चुकी है। सियासत ने इन सालों…

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विविधा क्या सर्वोच्च न्यायालय की चेतावनी कोई दिल्ली में सुनने वाला है ?

क्या सर्वोच्च न्यायालय की चेतावनी कोई दिल्ली में सुनने वाला है ?

डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री सर्वोच्च न्यायालय ने दारा सिंह को फांसी देने की केन्द्रीय सरकार की अपील को नामंजूर कर दिया है। कुछ साल पहले…

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खेत-खलिहान जब कोई किसान आत्महत्या करता है

जब कोई किसान आत्महत्या करता है

अन्नदाता से को इस जाल से निकालने की जिम्मेदारी सत्ता और समाज दोनों की – संजय द्विवेदी यह सप्ताह दुखी कर देने वाली खबरों से…

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