व्यंग्य खिचड़ी बनाम बिरयानी

खिचड़ी बनाम बिरयानी

“मालिन का है दोष नहीं ,ये दोष है सौदागर का, जो भाव पूछता गजरे का और देता दाम महावर का”  ऐसा ही कुछ आजकल के धरना…

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राजनीति क्या महज औपचारिक रह गई है गांधी टोपी!

क्या महज औपचारिक रह गई है गांधी टोपी!

लिमटी खरे कांग्रेस का इतिहास गौरवमयी रहा है, इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है। एक दशक से कांग्रेस अपने मूल मार्ग से…

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पर्यावरण फिर दिखाई दे सकते हैं कुलांचे भरते चीते

फिर दिखाई दे सकते हैं कुलांचे भरते चीते

लिमटी खरे लगभग 72 साल पहले भारत से चीता विलुप्त हो गया था। देश में काफी विलंब से ही सही सरकारों के द्वारा बाघ, शेर…

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बच्चों का पन्ना दूर है स्कूल, बच्चे पढ़ाई छोड़ने को मजबूर

दूर है स्कूल, बच्चे पढ़ाई छोड़ने को मजबूर

अरुण जिंदल करौली, राजस्थान मोदी सरकार ने 2020-21 के बजट में शिक्षा के क्षेत्र में पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना अधिक खर्च करने की घोषणा की है।…

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धर्म-अध्यात्म परमात्मा ने संसार सत्पुरुषों के सुख व आत्म कल्याण के लिये बनाया है

परमात्मा ने संसार सत्पुरुषों के सुख व आत्म कल्याण के लिये बनाया है

–मनमोहन कुमार आर्य                हमारा यह संसार स्वतः नहीं बना और न ही यह पौरुषेय रचना है। इस संसार को मनुष्य अकेले व अनेक मिलकर…

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राजनीति कमजोर वर्ग के नेता के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटते ही क्या लालू की राजद में सवर्णों का बढ़ेगा बोलबाला ?

कमजोर वर्ग के नेता के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटते ही क्या लालू की राजद में सवर्णों का बढ़ेगा बोलबाला ?

मुरली मनोहर श्रीवास्तव बिहार राजद (राष्ट्रीय जनता दल) में दो कदावर नेताओं के बीच जुबानी जंग थमने का नाम नहीं ले रहा है। हम बात…

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दोहे रच कौन क्या गया है सृष्टि !

रच कौन क्या गया है सृष्टि !

रच कौन क्या गया है सृष्टि, कौन देखता; कितना अनन्त उसके शून्य, वही झाँकता; गुणवत्ता आँकता है वही, सत्ता परखता; अलवत्ता उसे कोई कभी, ही…

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विश्ववार्ता दो सदियों से सत्ता का केंद्र रहा है व्हाईट हाउस

दो सदियों से सत्ता का केंद्र रहा है व्हाईट हाउस

लिमटी खरे कहा जाता है कि लगभग दो सदियों से दुनिया का चौधरी बना बैठा है अमेरिका। अमेरिका की खोज क्रिस्टोफर कोलंबस के द्वारा 12…

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कविता अपना आपा खो दॅू

अपना आपा खो दॅू

अपने घर -परिवार के लिये, अपने सगे संबंधियों के लिये अपने समाज व देश के लिये मैं जीना चाहता हॅू सभी के लिये इस हद…

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दोहे स्वर्गलोक-भूलोक हो एकीभूत

स्वर्गलोक-भूलोक हो एकीभूत

जो गिरा हुआ है, उसे गिरने का क्या डर होगा जो नतमस्तक है, उसे घमण्ड ने क्या छुआ होगा। खुद मालिक उसे राह दिखायेे,जो नम्र…

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आर्थिकी ग्रामीण भारत को खुशहाल बनाने वाला बजट

ग्रामीण भारत को खुशहाल बनाने वाला बजट

प्रमोद भार्गव इसमें दो राय नहीं कि नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का दूसरा बही-खाता ग्रामीण भारत के चौतरफा विकास का स्पष्ट संकेत देता…

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राजनीति बोडोलैंड समझौताः शांति का रास्ता

बोडोलैंड समझौताः शांति का रास्ता

प्रमोद भार्गव त्रिपक्षीय समझौते के बाद करीब पांच दशक से अलग बोडोलैंड विवाद का शांतिपूर्ण हल हो गया। हिंसक इबारतें लिखने वाला यह आंदोलन अब गांधीवादी अहिंसा…

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