कश्मीर में अधिक स्वायत्तता के दुष्परिणाम

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प्रमोद भार्गव सुलझने को आई कश्मीर की गुत्थी को उलझाने का काम पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिंदबरम और नेशनल क्रांफेंस के अध्यक्ष फारुख अब्दुल्ला ने कर दिया है। इन दोनों नेताओं ने कश्मीर को और अधिक स्वयत्तता देने की मांग उस समय उठाई है, जब खुफिया ब्यूरो (आईबी) के पूर्व प्रमुख दिनेष्वर शर्मा की नियुक्ति… Read more »

अनुच्छेद 370 के मृतक अंगों को बाहर निकालना –

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डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 की चर्चा आम तौर पर होती ही रहती है । लेकिन आजकल कुछ ज़्यादा ही हो रही है क्योंकि एक और अनुच्छेद 35 A उसके पिछवाड़े में पकड़ा गया है , जिसके बारे में अब विधि विशारद कह रहे हैं कि वह भी अनुच्छेद 370 के… Read more »

कश्मीर का बिना शर्त भारत में पूर्ण विलय ,  फिर अनुच्छेद 370 का क्या औचित्य…❔

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▶कश्मीर का भारत में विलय➖ 26 अक्टूबर 1947 को भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 ( इंडियन इंडिपेंडेंस एक्ट 1947 )  के अनुसार जिस विलय पत्र पर कश्मीर के राजा हरीसिंह ने हस्ताक्षर किये थे वह पूर्णतः बिना किसी शर्त के था। इस अधिनियम के अनुसार किसी भी राज्य के भारत में विलय के निर्णय का संपूर्ण… Read more »

कश्मीर, अनुच्छेद 370 और हमारा तत्कालीन नेतृत्व

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-राकेश कुमार आर्या- छद्म धर्मनिरपेक्षी भारतीय राजनीतिज्ञों ने कश्मीर के इस्लामीकरण के इतिहास को ही पढ़ा है, तभी तो इसका अतीत इस्लाम माना है या कहिए कि मानने का नाटक किया है अर्थात ये दोनों स्थितियां ही ‘अक्षम्यअपराध’ की श्रेणी के अंतर्गत आती हैं। किसी के भीतर यह साहस नहीं कि वह कश्मीर के उज्ज्वल… Read more »

370 पर विमर्श क्यों नहीं

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-अरविंद जयतिलक- प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह द्वारा अनुच्छेद 370 को समाप्त करने के बयान के बाद पर सियासत गरमा गयी है। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुला ने धमकी दी है कि या तो अनुच्छेद 370 मौजूद रहेगा या जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं रहेगा। उधर, संघ परिवार ने भी उमर अब्दुला पर निशाना… Read more »

धारा 370 के कुछ ज्वलंत प्रश्न

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-विनोद कुमार सर्वोदय- जम्मू-कश्मीर के भूतपूर्व राज्यपाल श्री जगमोहन मल्होत्रा जी द्वारा भूतपूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी को लिखे गये ‘खले पत्र’ से कश्मीर में अपनी सारी भूलों और अपराधों के पाप छिपाने की कोशिश में और अपनी उस ओछी राजनीति के अनुसार जो राष्ट्र को टुकड़े-टुकडे़े करने और वोट-बैंक निर्माण करने से आगे कहीं… Read more »

कश्मीर हित के लिए हटना ही चाहिए धारा 370

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-सुरेश हिन्दुस्थानी- जम्मू कश्मीर में अस्थाई रूप से लगाई गई धारा 370 के औचित्य पर उठ रहे सवालों को लेकर देश का जनमानस इस बात को समझना चाहता है कि आखिर इस धारा का परिणाम क्या रहा रहा। वास्तव में देखा जाए तो जम्मू कश्मीर में अलगाव को रोकने के लिए धारा 370 को समाप्त… Read more »

अनुच्छेद 370 का राज्य के विलय की पूर्णता से कोई संबंध नहीं

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वीरेन्द्र सिंह चौहान भारतीयसंविधान का अनुच्छेद 370 बार फिर चर्चा में है। राष्ट्रीय स्तर पर यहचर्चा या बहस छिडऩा नितांत स्वाभाविक है। ऐसा इसलिए चूंकि इस देशविरोधीसंवैधानिक प्रावधान का खुल कर विरोध करती रही भारतीय जनता पार्टी का इस समयदेश में शासन है। अनुच्छेद तीन सौ सत्तर के अप्रासांगिक, अनुपयोगी और राज्यके विकास में बाधा… Read more »

जम्मू-कश्मीर में लोक शक्ति को कुंठित करता अनुच्छेद 370

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-डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३७० को लेकर देश भर में एक नई बहस शुरु हुई है । इसकी शुरुआत गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक दिसम्बर को जम्मू की एक जनसभा में की । मुख्य प्रश्न यह है की इस अनुच्छेद से किन लोगों अथवा समूहों के हितों की रक्षा… Read more »

राष्ट्रीय एकीकरण की राह में रोड़ा है अनुच्छेद 370

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आशुतोष भटनागर जम्मू-कश्मीर भारतीय संघ का वैसे ही अभिन्न अंग है जैसे कोई भी अन्य राज्य। जम्मू-कश्मीर का प्रत्येक निवासी भारतीय नागरिक है और उसे वे सभी अधिकार हासिल हैं जो भारत के किसी भी नागरिक को हैं। संविधान का कोई भी प्रावधान उसे मौलिक अधिकार प्राप्त करने से रोक नहीं सकता। अगर अनुच्छेद 370… Read more »