लेख “पं0 लेखराम न होते तो हम ऋषि दयानन्द के खोजपूर्ण जीवन चरित से वंचित रहते” July 31, 2019 / July 31, 2019 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment महर्षि दयानन्द जी का जन्म सन् 1825 में गुजरात राज्य के टंकारा नामक ग्राम में हुआ था। आपने अपनी आयु के चौदहवें वर्ष में शिवरात्रि का व्रत रखा था। इससे आपको मूर्तिपूजा की अनुपयोगिता का रहस्य ज्ञात हुआ था। आपको सच्चे शिव की तलाश थी। इसके बाद चाचा तथा बहिन की मृत्यु ने आपमें वैराग्य […] Read more » deprived of the explanatory life-style Rishi Dayanand
साहित्य कुछ कुंडलिया July 31, 2019 / July 31, 2019 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment आर के रस्तोगी लता ओट में छिप गये,कान्हा नन्द किशोर |रही ढूँढती गोपिया,कहाँ गये चित चोर ||कहाँ गये चित चोर,उनका मन ना लागे |बंशी धुन को सुनने,इधर उधर सब भागे ||कह रस्तोगी कविराय,कैसे लगे कान्हा का पता |नृत्य गोपिया सब करे,झूमेगी जब सब लता || आर के रस्तोगी गुरुग्राम मो 9971006425 Read more » hindi some kundelia
लेख खुद मियाँ फजीहत… July 30, 2019 / July 30, 2019 by भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी | Leave a Comment चार…………..एक ऐसा माध्यम जिसके जरिये हर कोई आसानी से सुर्खियों में रहता है। इसे प्रचार और आत्म प्रचार का जुग कहा जा सकता है। अपना माल (उत्पाद) बेंचना हो तो प्रचार काफी कारगरसिद्ध होता है। वैसे इण्डिया में नामचीन हस्तियों/सेलीब्रिटीज को ब्राण्ड एम्बेस्डर नियुक्त कर छोटे से बड़ा उत्पाद आसानी से लोक प्रिय बनाकर बेंचा […] Read more » own miya faziat
लेख भ्रमजाल में फंसी आधुनिकता की धारणा July 30, 2019 / July 30, 2019 by अनिल अनूप | Leave a Comment -अनिल अनूप हमारा समाज संक्रमण के जिस दौर से गुजर रहा है, उसमें हम परम्परा और आधुनिकता के बीच चुनाव के द्वंद्व में फंसे हैं. एक ओर पश्चिमी जीवनशैली का सम्मोहन है तो दूसरी ओर सांस्कृतिक अस्मिता का आग्रह है. अनिश्चय और अनिर्णय कई बार हमसे ऐसे आधारहीन, अवसरवादी, हास्यास्पद और सिद्धांतहीन समझौते करवाते हैं […] Read more » modernism Perception trapped in delusion
लेख “पं0 लेखराम न होते तो हम ऋषि दयानन्द के खोजपूर्ण जीवन चरित से वंचित रहते” July 30, 2019 / July 30, 2019 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। महर्षि दयानन्द जी का जन्म सन् 1825 में गुजरात राज्य के टंकारा नामक ग्राम में हुआ था। आपने अपनी आयु के चौदहवें वर्ष में शिवरात्रि का व्रत रखा था। इससे आपको मूर्तिपूजा की अनुपयोगिता का रहस्य ज्ञात हुआ था। आपको सच्चे शिव की तलाश थी। इसके बाद चाचा तथा बहिन की […] Read more » life character pandit lekhraam Rishi Dayanand
गजल हिंदी गजल July 30, 2019 / July 30, 2019 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment हवा बहुत बदगोई है। रात कलप कर रोई है।। उनने अपने जीवन में, केवल कटुता बोई है। गर तुम हो जर्किन पहने, वह भी ओढ़े लोई है। साला हूं मै भी गर तो, वह मेरा बहनोई है। जब जब आड़ा वक्त पड़ा, यहाँ न मिलता कोई है। हमनें बस उम्मीदें की, उसने इज्जत धोई है। […] Read more » hindi gazal hindi literature wind
लेख रौशनी के बिना शिक्षा की लौ नहीं जलती July 30, 2019 / July 30, 2019 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment बशारत अख़्तर कुपवाड़ा, कश्मीर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2019-20 का बजट प्रस्तुत करते हुए मोदी सरकार की जिन महत्वाकांक्षी योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया है उनमें सौभाग्य योजना भी शामिल है। बजट में इस बात पर ख़ास ज़ोर दिया गया है कि साल 2022 तक शत प्रतिशत परिवारों तक बिजली पहुंचा दी जाएगी। उत्तर प्रदेश, ओडिशा, […] Read more » Society there is no light
कविता हिंदी ग़ज़ल July 30, 2019 / July 30, 2019 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment अविनाश ब्यौहार गरज गरज कर अंबुद बरसे। औ सावन प्यासा ही तरसे।। अषाढ़-सावन-भादों में है, हरीतिमा के खुले मदरसे। याद आते त्यौहार में अब, माँ के हाँथों बने अँदरसे। घटाटोप बादल को देखा, मोर, पपीहा, दादुर हरषे। भूख पेट में मचल रही है, सूखी रोटी भी है सरसे। अविनाश ब्यौहार रायल एस्टेट कटंगी रोड जबलपुर Read more » hindi hindi gazal poetry
लेख ज्ञान-विज्ञान के भारतीय स्रोत पुनः प्रवाहित होने चाहिए July 30, 2019 / July 30, 2019 by मनोज ज्वाला | Leave a Comment मनोज ज्वाला एक प्रसिद्ध ग्रंथ ‘स्टोरी ऑफ सिविलाइजेशन’ के अमेरिकी लेखक और इतिहासकार विल डुरांट ने भारत को दुनिया की समस्त सभ्यताओं की जननी कहा है। उन्होंने ‘दी केस फॉर इण्डिया’ नामक अपनी पुस्तक में लिखा है- ‘भारत से ही सभ्यता की उत्पत्ति हुई। संस्कृत सभी यूरोपियन भाषाओं की भी जननी है। हमारा समूचा दर्शन […] Read more » flowing Indian Knowledge Science
कविता रूठना मत कभी,हमे मनाना नहीं आता July 29, 2019 / July 29, 2019 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment रूठना मत कभी,हमे मनाना नही आता |दूर नही जाना,हमे बुलाना नहीं आता || तुम भूल जाओ हमे,ये तुम्हारी मर्जी |हम क्या करे,हमे भुलाना नहीं आता || स्वपन देखती हो सोकर,कभी जाग कर देखो |मोहब्बत का ख़्वाब,हमे दिखाना नहो आता || मालूम चला,तुमने रात जाग कर काट दी |रात में जागना मत,हमे सुलाना नहीं आता || सोते […] Read more » dont be angry i dont know how to persuade
लेख चिट्ठी का मौसम July 29, 2019 / July 29, 2019 by विजय कुमार | Leave a Comment बचपन में गुरुजी ने हमें बताया था कि मौसम तीन तरह के होते हैं। ये हैं सरदी, गरमी और बरसात; पर भारत में मौसम की बजाय छह ऋतुएं होती हैं। उन्होंने पहले वाली तीन के साथ हेमंत, शिशिर और वसंत को भी जोड़ दिया। पर पिछले कुछ समय से एक नया मौसम भारत में नमूदार […] Read more » letter weather of letter
व्यंग्य डाल डाल की दाल July 29, 2019 / July 29, 2019 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment दिलीप कुमार “दाल रोटी खाओ प्रभु के गुण गाओ ” बहुत बहुत वर्षों से ये वाक्य दोहरा कर सो जाने वाले भारतीयों का ये कहना अब नयी और मध्य वय की पीढ़ी को रास नहीं आ रहा है।दाल की वैसे डाल नहीं होती लेकिन ना जाने क्यों फीकी और भाग्य से प्राप्त […] Read more » and remember god eat pulse and bread pulse