कविता मानव आज कितना सिमट गया है | April 12, 2019 / April 12, 2019 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment मानव आज कितना सिमट गया है | केवल वह मोबाइल से चिपट गया है || उसे फुर्सत नहीं है किसी से मिलने की | उसे फुर्सत नहीं है किसी को सुनने की || वह तो अपने आप में कही खो गया है | मानव आज कितना सिमट गया है || न रही फुर्सत उसे अपने […] Read more » मानव आज कितना सिमट गया है |
कविता मतदान व मतदाता April 12, 2019 / April 12, 2019 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment मत का दान जो करे,वह मतदाता कहलाय | मत का दान जो ले,वह सीधा नेता बन जाय || मन भेद न कीजिये,भले ही मत भेद हो जाय | सही सच्चा रास्ता,कभी भी दुःख न हो पाय || मतदान से पहले नेता,मतदाता के चक्कर लगाय | मतदान के बाद , मददाता नेता के चक्कर लगाय || […] Read more » Vote voters मतदाता मतदान मतदान व मतदाता
लेख पंथनिरपेक्षता और छत्रपति शिवाजी महाराज April 12, 2019 / April 12, 2019 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment भारत में प्राचीन काल से ही पंथनिरपेक्ष शासन व्यवस्था की कल्पना हमारे ऋषि – महर्षियों ने की है । राजा की न्यायप्रियता इसी बात में मानी और देखी गई है कि वह जब न्याय करे तो न्याय की आशा करके आने वाले पक्ष की जाति , सम्प्रदाय , लिंग या भाषा आदि कुछ भी ना […] Read more » Pantheism Pantheism and Chhatrapati Shivaji Maharaj छत्रपति शिवाजी महाराज
कविता आया आज बैशाखी का त्यौहार | April 10, 2019 / April 10, 2019 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment आया आज बैशाखी का त्यौहार | जिसमे होती है अन्न की बौछार || इन दिनों खेतो में अन्न पाक जाता | पक कर अन्न घरो पर है आ जाता || फिर झूम जाते है सभी कृषक परिवार | मनाते ख़ुशी से ये बैशाखी का त्यौहार || आया आज बैशाखी का त्यौहार | जिसमे होती है […] Read more »
कविता प्रकृति क्यों बदला लेती है ? April 10, 2019 / April 10, 2019 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment घनघोर घटायें घिर रही,घन भी घडघडाहट कर रहे |दामिनी दम दम दमक रही,ये दिन को रात कर रहे || ओलावृष्टि भी हो रही,धरती भी सफेद चादर ओढ़ रही |चारो और हाहाकार मचा,कैसी भू पर अनावृष्टि हो रही || चारो तरफ जीवन अस्त-वयस्त है,बिजली भी चली गयी |चारो तरफ अँधेरा छा गया ये कैसी हालत हमारी […] Read more »
लेख मराठा साम्राज्य के जनक छत्रपति शिवाजी महाराज April 10, 2019 / April 10, 2019 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment अध्याय 1 राकेश कुमार आर्य शिवाजी भारतीय स्वाधीनता संग्राम के देदीप्यमान नक्षत्र हैं, जिनकी दीप्ति से भारत का समकालीन इतिहास आज भी दीप्तिमान है । शिवाजी एक ऐसे व्यक्तित्व हैं जिनके नाम से आज भी इस देश के युवा प्रेरणा लेते हैं । ऐसे महानायक को कुछ षड्यंत्रकारी इतिहासकारों ने बहुत ही संकीर्ण दृष्टिकोण से […] Read more » chatrapati shivaji maharaj shivaji maharaj छत्रपति शिवाजी महाराज मराठा साम्राज्य
कविता माँ ! अम्बे कैसे उतारू तेरी आरती ? April 8, 2019 / April 8, 2019 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment माँ ! अम्बे कैसे उतारू तेरी आरती ?जब संकट में पड़ी है मेरी माँ भारती || चारो तरफ जब चुनाव माहौल बना हुआ है |उजाले में भी चारो ओर अँधेरा बना हुआ है ||ये नेता जब कोरा झूठ बोल रहे है |वोटरों को हर तरह से ये छोल रहे है ||इनका कोई धर्म ईमान न […] Read more »
कविता नवरात्र में माँ फिर आईं हैं April 8, 2019 / April 8, 2019 by डॉ नीलम महेन्द्रा | Leave a Comment नवरात्र में माँ फिर आईं हैं प्रकृति ने भी धरती सजाई है शाखों पर नए पत्ते शर्मा रहे हैं पेड़ों पर नए पुष्प इठला रहे है खेतों में नई फसलें लहलहा रही हैं चिड़ियाँ चहक रही हैं कोयल गा रही है सम्पूर्ण सृष्टि स्वागत गान गा रही है हे शक्ति की देवी समृद्धि की देवी […] Read more » chaiti navratra maa durga in chaitra maas नवरात्र
कविता नववर्ष मंगलमय हो ! April 3, 2019 / April 3, 2019 by आलोक पाण्डेय | Leave a Comment सत्य सनातन सभ्यता के रक्षक , हे उन्नत विचारों वाले , क्रुर , दु:सह दु:ख – जड़ता का विध्वंसक , हे उन्मत्त ! सुधारों वाले ! सत्यता की मलिन दशा क्यों हो गयी है आज , बन्धु लूटे खूब बान्धव को , है नहीं बची कुछ लाज ! लूट रही संपदा विविध , सर्वत्र लगी […] Read more » नववर्ष
लेख जलालशाह और मीरबाकी द्वारा कपटपूर्ण ढ़ंग से मस्ज्दि का निर्माण April 3, 2019 / April 3, 2019 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment राम जन्मभूमि मन्दिर का सच्चा इतिहासडा. राधेश्याम द्विवेदीवैदिक नगर वास्तु-परम्परा कालिदास के रघुवंश में चतुर्मुखी तोरण-धारिणी ब्रह्मा के रूप में प्राप्त है। ब्रिटिश और मुसलमानी अभिलेखों में भी इस स्थान को ‘रामजन्मभूमि’ या ‘जन्मभूमि’ या जन्मस्थान के रूप में उल्लेख है। इस स्थान के विवादित ढाँचे की रचना पूर्वकालिक विष्णु-हरि मन्दिर के ध्वंसावशेष का प्रयोग […] Read more » Babri Masjid ramjanambhoomi कपटपूर्ण ढ़ंग से मस्ज्दि का निर्माण जलालशाह मीरबाकी म जन्मभूमि मन्दिर का सच्चा इतिहास राम जन्मभूमि मन्दिर
लेख साहित्य यह सुधार समझौतों वाली मुझको भाती नहीं ठिठोली April 3, 2019 / April 3, 2019 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment पं. माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती पर विशेष(4 अप्रैल,1989) -प्रो. संजय द्विवेदी पं.माखनलाल चतुर्वेदी हिंदी पत्रकारिता और साहित्य के क्षेत्र में एक ऐसा नाम हैं, जिसे छोड़कर हम पूरे नहीं हो सकते। उनकी संपूर्ण जीवनयात्रा,आत्मसमर्पण के खिलाफ लड़ने वाले की यात्रा है। रचना और संघर्ष की भावभूमि पर समृद्ध हुयी उनकी लेखनी में अन्याय के खिलाफ प्रतिरोध […] Read more » Makhan lal Pandit Makhan lal chaturvedi Pandit Makhan lal chaturvedi university of journalism पं.माखनलाल चतुर्वेदी हिंदी पत्रकारिता माखनलाल जी
व्यंग्य चोरी का राष्ट्रीय उद्यम April 2, 2019 / April 2, 2019 by मोहन कुमार झा | Leave a Comment एक समय था जब चोरी करना या चोरी होना बहुत बड़ी घटना होती थी। मेरे गांव में जब चोरी होती थी तो महीनों तक चर्चा चलती रहती। जिस घर चोरी होती थी अक्सर उस घर की कोई बूढ़ी अपने बुढ़े मुंह से कई दिनों तक सुबह-शाम, दिन-दोपहर चोरों को दिव्य श्राप दिया करती। ये श्राप […] Read more » चोरी चोरी का राष्ट्रीय उद्यम