लेख साहित्य इतिहास के सुनहरे अक्षरों में लिखा है वीरांगना अवंतीबाई लोधी का नाम March 18, 2017 by ब्रह्मानंद राजपूत | Leave a Comment वीरांगना अवंतीबाई लोधी ने वीरांगना झाँसी की रानी की तरह ही अपने पति विक्रमादित्य के अस्वस्थ्य होने पर ऐसी दशा में राज्य कार्य संभाल कर अपनी सुयोग्यता का परिचय दिया और अंग्रेंजों की चूलें हिला कर रख दी। सन 1857 में जब देश में स्वतंत्रता संग्राम छिडा तो क्रान्तिकारियो का सन्देश रामगढ भी पहुंचा। रानी तो अंग्रेजो से पहले से ही जली भुनी बैठी थी। क्योकि उनका राज्य भी झाँसी की तरह कोर्ट कर लिया गया था। Read more » Featured वीरांगना अवंतीबाई वीरांगना अवंतीबाई लोधी
आलोचना साहित्य सच निकली सपा में चुनावी स्क्रिप्ट की बात, साथ दिखे अखिलेश-शिवपाल March 17, 2017 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment राजधानी लखनऊ में स्थित पार्टी मुख्यालय के सभागार में 104 दिन के बाद एसपी सुप्रीमो अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवापाल यादव एक साथ दिखे। बैठक में पार्टी के सभी नवनिर्वाचित 47 विधायक मौजूद थे। जसवंत नगर से समाजवादी पार्टी के विधायक शिवपाल यादव बैठक के दौरान खामोश ही रहे। Read more » अखिलेश-शिवपाल
कहानी साहित्य इतिहास से सीख (लघुकथा) March 16, 2017 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी महाभारत के कौरव तथा पाण्डवों के बीच हुए युद्ध तथा विवाद के बारे में एक पिता पुत्र के मध्य वार्तालाप हो रही थी। पिता बार बार श्रीकृष्ण की दूरदर्शिता की सराहना कर रहे थे और पुत्र बार बार तर्क देकर श्रीकृष्ण के नाटकीय चरित्र पर उंगली उठाकर आशंका व्यक्त कर रहा था। […] Read more » इतिहास से सीख
कविता आवा हो भइया होली मनाई March 14, 2017 / March 14, 2017 by शालिनी तिवारी | Leave a Comment अब तो गावन कै लड़िका भी पप्पू टीपू जानि गएन, 'यूपी को ये साथ पसन्द है' ऐह जुम्ला का वो नकार दहेन, Read more » आवा हो भइया होली मनाई
कविता साहित्य इन रंगन से अब का डरनो, अब तो आ गई होरी March 12, 2017 by अरुण तिवारी | Leave a Comment कुछ रंगन में भंग परी है, कुछ रंगन में हाला, कुछ रंगन में गोरी, कुछ रंग गड़बड़ झाला। वीरू-जय औ पप्पू-टीपू ले रंगन को प्याला, हाथी, झाडू़, सीटी, नारियल हर रंग शतरंज वाला। कौन रंग वोटर मन भावे, जो रंगरेज़, सोई जाने ईवीएम को तो कमीशन जाने, हम तो जाने रंग तिरंगो वाला। इन रंगन […] Read more » अब तो आ गई होरी इन रंगन से अब का डरनो
कहानी साहित्य आधुनिकता का गरुर March 8, 2017 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी पापा मुझे चोट लग गया खून आ रहा है। स्कूल के लिए निकलते एक बच्चे के मुख से ये शब्द निकला था। 5 साल के अपने बच्चे के मुँह से इतना सुनते ही लगभग 40 साल पूर्व साधारण सा दिखने वाले एक पापा सब कुछ छोड़ छाड़ कर बच्चे को गोदी में […] Read more » आधुनिकता
कविता साहित्य आओ खेलें वैदिक होली March 8, 2017 by विमलेश बंसल 'आर्या' | Leave a Comment विमलेश बंसल ‘आर्या’ होली को पावन त्यौहार आज कछु ऐसे मनाऊँगी। लगाकर सबके चंदन माथे, सौम्य हो जाऊंगी। बड़ों को करके ॐ नमस्ते, छोटों को हृदय लगाऊंगी। नवान्न आटे की गुजिया बना, प्रसाद बनाऊंगी। वृहद यज्ञ सामूहिक कर के नौत खिलाऊंगी। उंच नीच का भेद भुलाकर, प्रीति निभाऊंगी उत्तम पेय पिला ठंडाई, फाग गवाऊँगी। पूरे […] Read more »
व्यंग्य यह मैने नहीं मेरी कलम ने लिखा …!! March 6, 2017 by तारकेश कुमार ओझा | 2 Comments on यह मैने नहीं मेरी कलम ने लिखा …!! तारकेश कुमार ओझा मैं एक बेचारे ऐसे अभागे जो जानता हूं जिसे गरीबी व भूखमरी के चलते उसके बड़े भाई ने पास के शहर में रहने वाले रिश्तेदार के यहां भेज दिया। जिससे वह मेहनत – मजदूरी कर अपना पेट पाल सके। बेचारा जितने दिनों तक उसे काम ढूंढने में लगे, उतने दिन मेजबान की […] Read more »
पुस्तक समीक्षा साहित्य “शतपथ ब्राह्मण का महत्वपूर्ण लघु परिचयात्मक ग्रन्थ शतपथ सुभाषित” March 6, 2017 by मनमोहन आर्य | 1 Comment on “शतपथ ब्राह्मण का महत्वपूर्ण लघु परिचयात्मक ग्रन्थ शतपथ सुभाषित” मनमोहन कुमार आर्य शतपथ ब्राह्मण पर स्मृति-शेष प्रतिष्ठित आर्य विद्वान पं. वेदपाल जी ने ‘शतपथ सुभाषित’ नाम से एक लघु पुस्तक लिखी है। इस पुस्तक का प्रकाशन सन् 1998 में हुआ। डा. भवानीलाल भारतीय जी ने इस ग्रन्थ पर अपनी सम्मति दी है जिसे हम प्रस्तुत कर रहे हैं। वह लिखते हैं कि शतपथ […] Read more » shatpath subhashit शतपथ ब्राह्मण
कहानी साहित्य खुंखार कुत्ता भीगी बिल्ली बना March 5, 2017 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी एक बादशाह अपने खुंखार कुत्ते के साथ नाव में बैठकर यात्रा कर रहा था। उस नाव में अन्य यात्रियों के साथ एक दार्शनिक भी था। उस कुत्ते ने कभी नौका में सफर नहीं किया था, इसलिए वह अपने को सहज महसूस नहीं कर पा रहा था। वह उछल-कूद कर रहा था और […] Read more » खुंखार कुत्ता भीगी बिल्ली
कहानी साहित्य अजनबीपन और मासूमियत March 5, 2017 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | 4 Comments on अजनबीपन और मासूमियत डा. राधे श्याम द्विवेदी एक पाँच साल का मासूम सा बच्चा अपनी छोटी बहन को लेकर एक मंदिर में एक तरफ कोने में बैठा हाथ जोडकर भगवान से न जाने क्या मांग रहा था । उसके कपड़े में मैले से लग रहे थे मगर वह साफ जैसा दिख रहा था। उसके नन्हें- नन्हें से गाल […] Read more » अजनबीपन मासूमियत
व्यंग्य निज़ाम-ए मुस्तफा March 5, 2017 by एल. आर गान्धी | Leave a Comment बापू की एक और इच्छा थी ,,,,वे कहते थे जब मेरा काम यहाँ पूरा हो जायेगा मैं पाक चला जाऊंगा। बापू की अधूरी इच्छा को पूरा करना अब गाँधी भक्त कांग्रेसियो और अफ़ज़ल गैंग के आज़ादी परस्त छात्रों और उनको उकसाने वाले बुद्धिजीवी अवार्डवापसी गैंग का है पाक जाएं और अपने आकाओं की बिरियानी का हक़ अदा करें और निज़ाम-ए मुस्तफा कायम करने में अपना योगदान दें !!!! Read more » Featured निज़ाम-ए मुस्तफा