राजनीति विधि-कानून केंद्र सरकार का अगला क़दम क्या जनसंख्या नियंत्रण क़ानून होगा? August 23, 2020 / August 23, 2020 by सोनम लववंशी | Leave a Comment मोदी सरकार ने वर्षों से अटके मुद्दों यथा- धारा 370, तीन तलाक़ और राम मंदिर को चुटकियां बजाते ही मानों ख़त्म कर दिया हो। इतना ही नहीं मोदी सरकार की दूरदर्शिता और सामाजिक सरोकार से जुड़े होने का ही यह परिणाम है, कि देश को नई शिक्षा नीति प्राप्त हो सकी। जिसकी दरकार वर्षों से […] Read more » जनसंख्या नियंत्रण क़ानून जनसंख्या वृद्धि का मूल कारण तीन तलाक़ धारा 370 परिवार नियोजन राम मंदिर लैंगिक असमानता
महिला-जगत लेख विधि-कानून महिलाओं के लिए विवाह की आयु बढ़ाना सही रहेगा या नहीं। August 20, 2020 / August 20, 2020 by प्रियंका सौरभ | 1 Comment on महिलाओं के लिए विवाह की आयु बढ़ाना सही रहेगा या नहीं। भारत में जिस समय महिलाओं को उनके भविष्य और शिक्षा की ओर ध्यान देना चाहिये, उस समय उन्हें विवाह के बोझ से दबा दिया जाता है, आज अब 21वीं सदी में इस रुढ़िवादी प्रथा में बदलाव की आवश्यकता है, जो कि महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम साबित होगा। —प्रियंका सौरभ प्रधान […] Read more » महिलाओं के लिए विवाह की आयु विवाह की न्यूनतम आयु पर पुनर्विचार
राजनीति विधि-कानून सिनेमा सुशांत, शिवसेना, सुप्रीम कोर्ट, सीबीआई और सरकार पर संकट ! August 20, 2020 / August 20, 2020 by निरंजन परिहार | 1 Comment on सुशांत, शिवसेना, सुप्रीम कोर्ट, सीबीआई और सरकार पर संकट ! सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में जांच भले ही सीबीआई को सौंप दी हो लेकिन अभी भी राजनीति रुकने का नाम नहीं ले रही। दिल्ली और बिहार से लेकर मुंबई तक इस मामले में राजनीति देखने व सुनने को मिल रही है। पूरे मामले में साफल लगता रहा कि […] Read more » शिवसेना सीबीआई और सरकार पर संकट सुप्रीम कोर्ट सुशांत सुशांत सिंह राजपूत की मौत
विधि-कानून न्याय में देरी न्याय से वंचित होना है August 18, 2020 / August 18, 2020 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment आज के दिन सुप्रीम कोर्ट में 60,450 मामले लंबित है। उच्च न्यायालयों में 45,12,800 मामले लंबित हैं, जिनमें से 85% मामले पिछले 1 साल से लंबित हैं। 2,89,96000 से अधिक मामले, देश के विभिन्न अधीनस्थ न्यायालयों में लंबित हैं। —-प्रियंका सौरभ सुप्रीम कोर्ट से लेकर निचली अदालतों तक मामलों की पेंडेंसी बढ़ने से उपराष्ट्रपति एम […] Read more » Delay in justice is denial of justice न्याय में देरी न्याय से वंचित
विधि-कानून समाज बेटियां हकदार लेकिन कई मुश्किलें August 13, 2020 / August 13, 2020 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment डॉ. वेदप्रताप वैदिक सर्वोच्च न्यायालय के ताजा फैसले ने देश की बेटियों को अपने पिता की संपत्ति में बराबरी का हकदार बना दिया है। अदालत के पुराने फैसले रद्द हो गए हैं, जिनमें कई किंतु-परंतु लगाकर बेटियों को अपनी पैतृक संपत्ति का अधिकार दिया गया था। मिताक्षरा पद्धति या हिंदू कानून में यह माना जाता […] Read more » पैतृक संपत्ति में बेटियों का अधिकार बेटों के बराबर बेटियों को अपने पिता की संपत्ति में बराबरी का हकदार सर्वोच्च न्यायालय
राजनीति विधि-कानून भारत की नई शिक्षा नीति की घोषणा August 12, 2020 / August 12, 2020 by सुरेन्द्र नाथ गुप्ता | Leave a Comment सुरेन्द्र नाथ गुप्ता बहुत लम्बी प्रतीक्षा के पश्चात भारत की नई शिक्षा नीति कि घोषणा का हार्दिक स्वागत | इसमें भारत की शिक्षा में आमूल-चूल परिवर्तन की संकल्पना दिखाई देती है |मानव संसाधन मंत्रालय का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय करना सरकार के शिक्षा के प्रति भारतीय सोच को प्रकट करता है| मनुष्य को केवल संसाधन […] Read more » नई शिक्षा नीति भारत की नई शिक्षा नीति
विधि-कानून विश्ववार्ता राष्ट्र रक्षार्थ “जनसंख्या नियंत्रण कानून” बने… August 12, 2020 / August 12, 2020 by विनोद कुमार सर्वोदय | Leave a Comment श्रीराम जन्म भूमि पूजनोत्सव के साथ ही भाजपा के राज्यसभा सांसद डा. अनिल अग्रवाल ने एक महत्वपूर्ण पत्र लिख कर प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी जी से बहुप्रतिक्षित “जनसंख्या नियन्त्रण कानून” बनाने की राष्ट्रीय मांग को मूर्त रूप देने का आग्रह किया है।निसन्देह यह सर्वविदित है कि आज हमारे देश में बढ़ती जनसँख्या एक भयानक समस्या […] Read more » Population control laws जनसंख्या नियंत्रण कानून
लेख विधि-कानून अपनेपन की छाप दिखती नई शिक्षा नीति में August 11, 2020 / August 11, 2020 by सोनम लववंशी | Leave a Comment कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी। सदियों रहा है दुश्मन दौर ए जमाना हमारा।।मशहूर शायर इकबाल की ये पंक्तियां भारतीय परिवेश और हमारे गौरवशाली इतिहास पर एक दम सटीक बैठती है। यूं तो हमारी पुरातन संस्कृति को खण्ड-खण्ड करने की औछी राजनीति सदियों से ही चली आ रही है। फिर बात चाहे […] Read more » NEP new education policy नई शिक्षा नीति
आर्थिकी जन-जागरण लेख विधि-कानून नए उपभोक्ता संरक्षण कानून के लागू होने से पुराने नियमों की खामियाँ दूर हुई है August 5, 2020 / August 5, 2020 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment नये कानून के मुताबिक घटिया समान बेचने वालों को, गुमराह करने वाले विज्ञापन देने वालों को जेल की हवा खानी पड़ेगी.-डॉo सत्यवान सौरभउपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 पहले के उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 की जगह, 20 जुलाई से लागू हो गया है। उपभोक्ता संरक्षण विधेयक, 2019 को अगस्त 2019 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली। नये कानून के […] Read more » New Consumer Protection Act नए उपभोक्ता संरक्षण कानून
विधि-कानून बार काउंसिल ने माना अंग्रेज़ी भाषा का ज्ञान बौद्धिक क्षमता का निर्धारण नहीं करता July 5, 2020 / July 5, 2020 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment भारतीय विधिज्ञ परिषद (बार काउंसिल) ने अंग्रेजी के अलावा, भारतीय भाषाओं में राष्ट्रीय विधि विद्यालयों में प्रवेश के लिए संयुक्त विधि प्रवेश परीक्षा (संविप्र परीक्षा या क्लैट) आयोजित करने की व्यावहारिकता का पता लगाने के लिए एक समिति का गठन किया है। भारतीय विधिज्ञ परिषद ने यह कदम दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा प्रथम कौशिक, नवीन कौशिक और अरुण भारद्वाज […] Read more » Bar Council recognized that knowledge of English language does not determine intellectual ability बार काउंसिल
लेख विधि-कानून सरकारी नौकरी, बड़े व्यापारी और नेताओं के लिए सैनिक सेवा अनिवार्य हो. June 27, 2020 / June 27, 2020 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment डॉo सत्यवान सौरभ, अब समय आ गया है कि सरकारी कर्मचारियों और 5 लाख से ऊपर की आय वालों के लिए आर्मी सर्विस अनिवार्य की जाये.ताकि देशभक्ति नारों से निकलकर वास्तविक रंग में आये और सबको पता चले कि कैसे एक फौजी देश की धड़कन है?? जो वतन की मिट्टी के लिए कुर्बान […] Read more » big businessmen and politicians. Military service should be mandatory for government jobs tour of duty बड़े व्यापारी नेताओं के लिए सैनिक सेवा अनिवार्य सरकारी नौकरी
लेख विधि-कानून अधिकारों से पहले कर्तव्य , अध्याय — 5 June 19, 2020 / June 19, 2020 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment ईश्वर के प्रति हमारे कर्तव्य हमारा इस संसार में आना कोई आकस्मिक घटना नहीं है । इसके पीछे हमारे जन्म जन्मांतरों के संस्कार और प्रारब्ध का पूरा एक खेल है। जिसके परिणाम स्वरूप ईश्वर ने हमें यह मानव जन्म दिया है । ईश्वर ने संसार के समग्र ऐश्वर्यों को केवल हम मनुष्यों को ही भोगने […] Read more » Duty before rights अधिकारों से पहले कर्तव्य