विधि-कानून विविधा भारतरत्न संविधान निर्माता :- डा. अंबेेडकर December 6, 2016 by मृत्युंजय दीक्षित | Leave a Comment भारतीय समाज में सामाजिक समता, सामाजिक न्याय, सामाजिक अभिसरण जैसे समाज परिवर्तन के मुददों को उठाने वाले भारतीय संविधान के निर्माता व सामाजिक समरसता के प्रेरक भारतरत्न डा.भीमराव अम्बेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को महू मध्यप्रदेश में हुआ था। इनके पिता रामजी सकपाल व माता भीमाबाई धर्मप्रेमी दम्पति थे। Read more » Dr.B R ambedkar Featured डा. अंबेेडकर भारतरत्न संविधान निर्माता
आर्थिकी विधि-कानून विविधा वस्तु एंव सेवा कर : एक लाभकारी कदम December 5, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | 1 Comment on वस्तु एंव सेवा कर : एक लाभकारी कदम एक बहुचर्चित विधेयक है जिसमें 01 अप्रैल 2017 से पूरे देश में एकसमान मूल्य वर्धित कर लगाने का प्रस्ताव है। इस कर को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) कहा गया है। यह एक अप्रत्यक्ष कर होगा जो पूरे देश में निर्मित उत्पादों और सेवाओं के विक्रय एवं उपभोग पर लागू होगा। 03 अगस्त 2016 को राज्यसभा में यह बिल पारित हो गया। Read more » Featured जीएसटी जीएसटी का आम जन पर प्रभाव जीएसटी का व्यवसायों पर प्रभाव जीएसटी की चार स्तरीय की दर टैक्स पर टैक्स व्यवस्था समाप्त वस्तु एंव सेवाकर
विधि-कानून विविधा नीति और नियमों का सरलीकरण जरूरी December 5, 2016 by ललित गर्ग | Leave a Comment #कालेधन एवं #भ्रष्टाचार से मुक्ति के लिये नीति एवं नियमों का सरलीकरण जरूरी है। नीति आयोग के अध्यक्ष अरविंद पानगड़िया ने इसी बात की आवश्यकता व्यक्त करते हुए कहा कि जटिल टैक्स नियमों को सरल बनाने और टैक्स दरों को कम करने का काम प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए, नोटबंदी का उद्देश्य तभी सफल होेगा। Read more » Featured notebandi नीति आयोग नोटबंदी पानगड़िया नीति
विधि-कानून विविधा राष्ट्र गान देशभक्ती की चेतना अवश्य जगाएगा December 3, 2016 by डॉ नीलम महेन्द्रा | Leave a Comment " एक बालक को देशभक्त नागरिक बनाना आसान है बनिस्बत एक वयस्क के क्योंकि हमारे बचपन के संस्कार ही भविष्य में हमारा व्यक्तित्व बनते हैं।" Read more » Featured national anthem national anthem in theatres राष्ट्र गान सिनेमा हॉल में हर शो से पहले राष्ट्र गान बजाना अनिवार्य होगा सुप्रीम कोर्ट का फैसला
विधि-कानून विविधा न्यायपालिका और सरकार में टकराव उचित नहीं November 30, 2016 by प्रमोद भार्गव | 1 Comment on न्यायपालिका और सरकार में टकराव उचित नहीं प्रमोद भार्गव केंद्र सरकार और न्यायपालिका के बीच एक बार फिर जजों की नियुक्तियों को लेकर टकराव सतह पर आया है। इस बार सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीष टीएस ठाकुर ने न्यायालयीन ट्रिब्यूनलों की खस्ताहाल स्थिति को भी उजागार किया है। अखिल भारतीय केंद्रीय प्रशासनिक पंचाट के इसी कार्यक्रम में उपस्थित विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद […] Read more » .S Thakur Featured t कार्यपालिका और न्यायपालिका में सुधार न्यायपालिका न्यायपालिका और सरकार में टकराव मंत्री रविशंकर प्रसाद सरकार
विधि-कानून विविधा बस्ते में बंद पड़ा लोकपाल November 30, 2016 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment लोकपाल की नियुक्ति बावत न्यायलय में जनहित याचिका गैर सरकारी संगठन काॅमन काॅज ने लगाई हुई है। अदालत ने जब लोकपाल की नियुक्ति नहीं किए जाने बावत सरकार से जवाब-तलब किया तो सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने उत्तर दिया कि ‘इस समय लोकसभा में विपक्ष का कोई नेता नहीं है, इसलिए लोकपाल का चयन संभव नहीं हो पा रहा है। Read more » Featured lokpal बस्ते में बंद पड़ा लोकपाल
विधि-कानून विविधा न्याय व्यवस्था का गिरता हुआ स्तर November 29, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment आज कानून का पालन करने वालों से कानून तोडऩे वालों की प्रतिष्ठा अधिक है। इतना ही नहीं, कानून तोडऩे की ‘क्षमता’ ही लोगों की आर्थिक, सामाजिक या राजनीतिक ‘प्रतिष्ठा’ का मापदंड बनती जा रही है। वैसे तो सभी राजनीतिक पक्ष ऐसी संपूर्ण स्वतंत्र और निष्पक्ष न्याय प्रणाली चाहते हैं, जिन्हें सिर्फ उनके ही पक्ष में निर्णय पाने की स्वतंत्रता रहे। इस हालात में किसी भी संवेदनशील व्यक्ति की आंखों में आंसू आएंगे ही। उन आंसूओं में प्रायश्चित और वेदना की अहमियत है, जो व्यवस्था को शक्ति प्रदान कर सकती है। Read more » Featured गिरता हुआ स्तर न्याय व्यवस्था
विधि-कानून #संविधान दिवस विशेष: ‘क्या आज भी उतना ही प्रासंगिक है संविधान ?’ November 27, 2016 by अनुज हनुमत | Leave a Comment आज समूचा देश 26 नवंबर के दिन अपना संविधान दिवस मना रहा है और इसकी शुरूआत 2015 से हुई क्योंकि ये वर्ष संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर के जन्म के 125वें साल के रूप में मनाया गया था। आज संविधान को अंगीकृत किये हुए देश को 66 वर्ष का समय हो गया है लेकिन मौजूदा समय में सबसे बड़ा प्रह्न यह है कि क्या आज भी हमारा संविधान उतना ही प्रासंगिक है या फिर राजनीतिक बेड़ियों में जकड़ कर नेताओ द्वारा अपने हिसाब से प्रयोग किया जा रहा है Read more » #संविधान दिवस Constitution Day Featured
विधि-कानून विविधा काला धन पर लगाम लगना शुरू November 10, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment पांच सौ और हजार रुपए के नोट के चलन पर रोक लगाने के केंद्र सरकार के फैसले का लोगों ने स्वागत किया है। देश से कालाधन समाप्त करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का लोगों ने हमेशा समर्थन किया है। मध्यवर्ग, किसानों, व्यवसायियों, छात्र, गृहिणियों की समस्या को देखते हुए पुराने करेंसी नोट के बदले नए करेंसी नोट का प्रचलन प्रभावी तरीके से जल्द होना चाहिए। ज Read more » Featured काला धन काला धन पर लगाम
आर्थिकी विधि-कानून विविधा एक मजबूत अर्थव्यस्था के स्तंभ – कुछ अनछूए पहलू (व्यंग्य) November 9, 2016 / November 9, 2016 by कुंज बिहारी जोशी | Leave a Comment सभी सकारात्मक पहलूओं के बावज़ूद एक वाइरस ऐसा है जो किसी देश की अर्थव्यवस्था को चुपचाप ही घुन की तरह खाये जाता है जिसका किसी देश की जनता तो क्या सरकारों को भी पता नहीं चल पाता – वह है “चाइना बाज़ार”. इसके उत्पाद घरेलू(स्वदेशी) उत्पादों की कीमतों की तुलना में अत्यधिक सस्ते होते हैं और दिखने में सुंदर! जिससे घरेलू उत्पाद बिकना बंद हो जाते हैं. Read more » demonetization Featured features of strong economy अर्थव्यस्था एक मजबूत अर्थव्यस्था के स्तंभ
आर्थिकी उत्पाद समीक्षा विधि-कानून विविधा खाद्य सुरक्षा कानून देशभर में लागू November 6, 2016 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment अनाज वितरण की विसंगतियों के चलते राज्य सरकारें आबंटित कोटा वक्त पर नहीं उठातीं हैं। क्योंकि पीडीएस के अनाज का ढुलाई खर्च उन्हें उठाना होता है। दरअसल अब सरकारों को भण्डारण के इंतजाम पंचायत स्तर पर करने की जरूरत है। यदि ऐसा होता है तो अनाज का दोतरफा ढुलाई खर्च तो बचेगा ही, इस प्रक्रिया में अनाज का जो छीजन होता है उससे भी निजात मिलेगी। Read more » Featured Food Security Bill खाद्य सुरक्षा कानून खाद्य सुरक्षा कानून देशभर में लागू
राजनीति विधि-कानून बच्चा चुराने वालों को अब आजीवन कारावास November 6, 2016 by मयंक चतुर्वेदी | Leave a Comment इस विधेयक के पास हो जाने के बाद यह संभव हो सकेगा कि मानव तस्करी के गंभीर मामलों में जो दोषी पाए जाएंगे उन्हें हत्या करने या उसके प्रयासों के लिए दी जाने वाली सजा के समकक्ष तक माना जा सकेगा। साथ ही मानव तस्करी रोधी विधेयक के माध्यम से यह भी एक श्रेष्ठ निर्णय लिया जा रहा है कि इसमें बंधुआ मजदूर से लेकर भीग मंगाने के उद्देश्य से बच्चों का इस्तेमाल कर रहे लोगों एवं शादी के लिए बिना उसकी इच्छा और स्वीकारोक्ति के किसी महिला की तस्करी या उसे एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाये जाने जैसे अपराध को भी सम्मिलित किया गया है। Read more » Featured आजीवन कारावास बच्चा चुराने वालों को अब आजीवन कारावास