राजनीति विधि-कानून न्याय से आशा एवं अहसास जगाते चन्द्रचूड़ August 5, 2024 / August 5, 2024 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग-50वें प्रधान न्यायाधीश (सीजेआइ) डी.वाई. चंद्रचूड़ की न्याय प्रणाली विसंगतियों एवं विषमताओं से जुड़ी इस स्वीकारोक्ति ने हर संवेदनशील भारतीय के मन को छुआ कि अदालतों में लंबे समय से लंबित मामलों से तंग आकर लोग बस समझौता करना चाहते हैं। ‘न्याय में देरी न्याय के सिद्धांत से विमुखता है’ वाली इस बात को […] Read more » Chandrachud awakens hope and feelings through justice डी.वाई. चंद्रचूड न्याय से आशा एवं अहसास
राजनीति विधि-कानून आरक्षण के भीतर आरक्षण की व्यवस्था का अहम फैसला August 2, 2024 / August 2, 2024 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ः ललित गर्ग :- सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जातियों-जनजातियों यानी एससी-एसटी समुदाय में आरक्षण के भीतर आरक्षण का रास्ता साफ करके आरक्षण की व्यवस्था को तार्किक, न्यायसंगत, समानतापूर्ण बनाने का सराहनीय कार्य किया है। न्यायालय के इस तरह के फैसले मिसाल ही नहीं, मशाल बन कर सामने आ रहे हैं, जिससे राष्ट्र की विसंगतियों एवं […] Read more » Important decision regarding reservation system within reservation SC ST reservation एससी-एसटी आरक्षण
राजनीति विधि-कानून नये कानून से बुजुर्ग मां-पिता की सुध लेने की सार्थक पहल July 16, 2024 / July 16, 2024 by ललित गर्ग | Leave a Comment – ललित गर्ग – देश में वृद्धों के साथ उपेक्षा, दुर्व्यवहार, प्रताड़ना बढ़ती जा रही है, बच्चे अपने माता-पिता के साथ बिल्कुल नहीं रहना चाहते, वे उनके जीवन-निर्वाह की जिम्मेदारी भी नहीं उठाना चाहते हैं, जिससे भारत की बुजुर्ग पीढ़ी का जीवन नरकमय बना हुआ है, वृद्धजनों की पल-पल की घुटन, तनाव, जीवन-निर्वाह करने की […] Read more » Meaningful initiative to take care of elderly parents through new law
राजनीति विधि-कानून देश की तस्वीर बदल देंगे नये कानून ? July 15, 2024 / July 15, 2024 by आचार्य विष्णु श्रीहरि | Leave a Comment नये कानूनों को प्रैक्टिस मे ंतो आने दीजिये स्मार्ट पुलिस, स्मार्ट थाने, स्मार्ट जज, स्मार्ट कोर्ट रूम की कितनी उम्मीद है, मुन्ना भाई एललएबी के दिन लदेंगे, पीड़ित पक्ष को न्याय मिलेगा, […] Read more » Will the new laws change the face of the country?
राजनीति विधि-कानून नये भारत में बदलाव के कानून, न्याय की ओर July 3, 2024 / July 3, 2024 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ः ललित गर्ग:-भारतीय न्याय प्रणाली की कमियां को दूर करते हुए उसे अधिक चुस्त, त्वरित एवं सहज सुलभ बनाना नये भारत की अपेक्षा है। मतलब यह सुनिश्चित करने से है कि सभी नागरिकों के लिये न्याय सहज सुलभ महसूस हो, कानूनी प्रावधान न्यायसंगत एवं अपराध-नियंत्रण का माध्यम हो, वह आसानी से मिले, जटिल प्रक्रियाओं से […] Read more » भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता भारतीय न्याय संहिता
लेख विधि-कानून यह है क़ानून का राज : हम कब करेंगे आत्मावलोकन ? June 24, 2024 / June 24, 2024 by तनवीर जाफरी | Leave a Comment तनवीर जाफ़री स्विट्ज़रलैंड की एक अदालत ने ब्रिटेन के सबसे अमीर भारतीयों में गिने जाने वाले भारतीय मूल के हिंदुजा परिवार के चार सदस्यों को अपने नौकरों के शोषण के मामले में दोषी क़रार देते हुए उन्हें चार से साढ़े चार वर्ष तक की कारागार की सज़ा सुनाई है। स्विस प्रशासन इस परिवार द्वारा अपने नौकरों […] Read more » क़ानून का राज
राजनीति विधि-कानून कानूनी सख्ती के बावजूद क्यों पनप रही है बाल-तस्करी April 8, 2024 / April 8, 2024 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग- देश की राजधानी दिल्ली में तमाम जांच एजेंसियों की नाक के नीचे नवजात बच्चों की खरीद-फरोश्त की मंडी चल रही थी जहां दूधमुंहे एवं मासूम बच्चों को खरीदने-बेचने का धंधा चल रहा था। दिल्ली की ‘बच्चा मंडी’ के शर्मनाक एवं खौफनाक घटनाक्रम का पर्दापाश होना, अमानवीतया एवं संवेदनहीनता की चरम पराकाष्ठा है। जिसने […] Read more » पनप रही है बाल-तस्करी बाल-तस्करी
लेख विधि-कानून आखिर वकीलों ने वकीलों के खिलाफ चिट्ठी क्यों लिखी? April 4, 2024 / April 4, 2024 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग- न्यायिक बिरादरी में गलत को सही ठहराने के लिये एक-दूसरे के पैरों के नीचे से फट्टा खींचने की कोशिशें अक्सर होती रही है। भले ही इससे देश कमजोर हो, राष्ट्रीय मूल्यों पर आघात लगता हो। लोकतंत्र के चार स्तंभों में महत्वपूर्ण इस न्यायिक बिरादरी ने राजनीतिक अपराधियों, घोटालों और भ्रष्टाचार के दोषियों को […] Read more » why did the lawyers write letters against the lawyers?
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म लेख विधि-कानून विश्व की एकमात्र पाप-नाशिनी है नर्मदा जिसका कंकड़ भी नर्मदेश्वर शिवलिंग बन जाता है। January 29, 2024 / January 29, 2024 by आत्माराम यादव पीव | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव समूचे विश्व में जो दिव्य व रहस्यमयी है तो वह नर्मदा। नर्मदा का वर्णन चारों वेदों की व्याख्या में विष्णु के अवतार वेदव्यास जी ने स्कन्द पुराण के रेवाखंड में किया है। रामायण और महाभारत में भी नर्मदा का उल्लेख मिलता है। कालिदास ने नर्मदा को सोमप्रभवा कहा है और रघुवंश में […] Read more » पाप-नाशिनी नर्मदा
राजनीति विधि-कानून भारतीय संविधान: शिरोधार्य हो रामत्व January 29, 2024 / January 29, 2024 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment प्रवीण गुगनानी रामराज्य एक सनातनी शासन पद्धति है, इस तथ्य को गर्वपूर्वक स्वीकारना चाहिये। जब हेग कन्वेंशन में, युद्ध नियम हमारे सनातनी शास्त्रों से ग्रहण किए जा सकते हैं तो फिर रामराज्य को सनातनी मानने में संकोच क्यों?! यह सर्वसमावेशी, सर्वव्यापी, सर्वस्पर्शी शासन पद्धति है। भारतीय समाज में व भारतीय संविधान में “श्रीराम” का केवल […] Read more » भारतीय संविधान भारतीय संविधान शिरोधार्य हो रामत्व शिरोधार्य हो रामत्व
लेख विज्ञान विधि-कानून विविधा न्यू कोचिंग पालिसी से शिक्षा में आयेंगे सुधार ! January 24, 2024 / January 24, 2024 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment हाल ही में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने कोचिंग संस्थानों के लिए नए दिशानिर्देशों की घोषणा की है, जो बहुत ही स्वागत योग्य कदम है। वास्तव में शिक्षा मंत्रालय द्वारा ये कदम कोचिंग संस्थानों को विनियमित करने के लिए दिशा-निर्देश एक कानूनी ढांचे(लीगल फ्रेमवर्क ) की आवश्यकता को पूरा करने के साथ साथ ही बेतरतीब तरीके […] Read more » New coaching policy New coaching policy will bring improvements in education
लेख विधि-कानून समाज लिव इन रिलेशन – क़ानून बनने के बाद भी विरोध जारी December 13, 2023 / December 13, 2023 by निर्मल रानी | Leave a Comment निर्मल रानी लिव-इन रिलेशनशिप अर्थात ‘स्वैच्छिक सहवास’ को हमारे देश में क़ानूनी मान्यता हासिल हो चुकी है। भारत में लिव-इन रिलेशनशिप को जब कानूनी मंज़ूरी मिली थी, उस समय बद्री प्रसाद बनाम डायरेक्टर ऑफ़ कंसॉलिडेशन नामक एक मुक़द्द्मे में सर्वोच्च न्यायलय ने पहली बार लिव-इन रिलेशनशिप को वैध ठहराया था। इसके बाद 2010 में महिलाओं की […] Read more » लिव इन रिलेशन - क़ानून