आर्थिकी राजनीति आर्थिक विकास के लिए आवश्यक है सामाजिक संतुलन February 1, 2016 by शैलेन्द्र चौहान | 1 Comment on आर्थिक विकास के लिए आवश्यक है सामाजिक संतुलन शैलेन्द्र चौहान भारत ने 90 के दशक में आर्थिक सुधार शुरू किया। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह उस समय देश के वित्त मंत्री थे। सुधारों से उम्मीद थी कि लोगों के आर्थिक हालात सुधरेंगे, लेकिन शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर ध्यान न देने की वजह से गरीबी, कुपोषण, भ्रष्टाचार और लैंगिक विषमता जैसी सामाजिक समस्याएं बढ़ी हैं। […] Read more » Featured आर्थिक विकास सामाजिक संतुलन
राजनीति मिले तो सम्मान अन्यथा मज़ाक़? February 1, 2016 by तनवीर जाफरी | Leave a Comment तनवीर जाफ़री पिछले दिनों भारत सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों की देश की 112 हस्तियों को पद्म सम्मान दिए जाने की घोषणा की गई। सर्वप्रथम इन सभी सम्मान प्राप्त कर्ताओं को मेरी हार्दिक बधाई। इसमें कोई शक नहीं कि पद्म पुरस्कारों को जिसमें पदमश्री, पदमभूषण तथा पद्मविभूषण जैसे सर्वोच्च पुरस्कार शामिल हैं तथा इनके अतिरिक्त भारत […] Read more » Anupam Kher Featured मिले तो सम्मान अन्यथा मज़ाक़?
राजनीति अमित शाहः कांटों का ताज February 1, 2016 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment संजय द्विवेदी भारतीय जनता पार्टी ने अंततः अमित शाह को दुबारा अपना अध्यक्ष बनाकर यह संदेश दे दिया है कि पार्टी में ‘मोदी समय’ अभी जारी रहेगा। कई चुनावों में पराजय और नाराज बुजुर्गों की परवाह न करते हुए बीजेपी ने साफ कर दिया है कि अमित शाह, उसके ‘शाह’ बने रहेगें। दिल्ली और बिहार […] Read more » Featured अमित शाहः कांटों का ताज
राजनीति प्रदेश में जातिवादी राजनीति का खेल शुरू February 1, 2016 by मृत्युंजय दीक्षित | Leave a Comment मृत्युंजय दीक्षित उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने में अभी एक साल का पूरा समय है। कुछ समय 2017 का भी होगा लेकिन प्रदेश के सभी राजनैतिक दलों ने अपने आप को मथना शुरू कर दिया है। लेकिन अभी से जिस प्रकार के बयान सभी दलों की ओर से आ रहे हैं उसे यह साफ […] Read more » Featured up vidhansabha chunav प्रदेश में जातिवादी राजनीति का खेल शुरू
राजनीति शाह की ताजपोशी के मायने January 30, 2016 / February 1, 2016 by देवेन्द्र शर्मा | Leave a Comment अमित शाह को दोबारा भाजपा अध्यक्ष की कुर्सी पर बिठाकर भाजपा ने अपने पुराने सिपाहसलार पर भरोसा दिखाया है। अमित शाह के पिछले कार्यकाल में लोकसभा में भाजपा ने 85 में से 71 सीटों पर अपना कब्जा जमाया था। ऐसे में अमित शाह को दोबारा चुनकर भाजपा ने यूपी में अगले साल होने वाले चुनाव […] Read more » Amit Shah meaning of shah as bjp president शाह की ताजपोशी के मायने
राजनीति कितने खरे उतरे अखिलेश? January 29, 2016 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment अवनीश सिंह भदौरिया सपा प्रमुख मुखिया मुलायम सिंह यादव ने जब अखिलेश को सत्ता देनी चाही पर, जनता ने नकार दिया था । वहीं दूसरी बार अखिलेश मीडिया और मतदाताओं के अनुरूप अपना रवैया बदल चुके थे। आंतरिक बदलाव का एहसास अखिलेश जी को हुआ और वह परिवर्तन उनके अंदर और पार्टी के अंदर […] Read more » Featured कितने खरे उतरे अखिलेश?
राजनीति सांप्रदायिकता, असहिष्णुता और मोदी January 27, 2016 by विपिन किशोर सिन्हा | Leave a Comment भाजपा और जनसंघ पर इनके जन्म के साथ ही सांप्रदायिकता का आरोप लगाने का जो सिलसिला आरंभ हुआ था, वह नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद अचानक ठप्प हो गया। लेकिन प्रधानमंत्री बनने के पहले इस व्यक्ति को सांप्रदायिक सिद्ध करने के देश और विदेश में जितने प्रयास किए गए, उतने आजतक नहीं […] Read more » Featured असहिष्णुता और मोदी\ सांप्रदायिकता
राजनीति भारतीय गणतंत्र की चुनौतियां January 27, 2016 by अरविंद जयतिलक | 1 Comment on भारतीय गणतंत्र की चुनौतियां अरविंद जयतिलक 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ। कैबिनेट मिषन योजना (1946) के तहत ब्रिटिश सरकार ने भावी भारत के संविधान के लिए संविधान सभा के गठन की मंजूरी दी। 9 दिसंबर 1946 को डा0 सचिदानन्द सिंहा की अध्यक्षता में संविधान सभा की पहली बैठक हुई और डा. राजेंद्र प्रसाद संविधान सभा […] Read more » Featured the challenges of indian republic
राजनीति अमित शाह के लिए चुनौतियां January 26, 2016 by पंकज कुमार नैथानी | Leave a Comment शुरुआत में ही बड़ी चुनौती अमित शाह की दूसरी पारी में कड़ी परीक्षा के साथ शुरू होगी…क्योंकि इस साल मई- जून में पांच राज्यों (पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी) में विधानसभा चुनाव होने हैं । हाल के विधानसभा चुनावों के नतीजे पार्टी के लिए अच्छे नहीं रहे हैं । सरकार को लेकर भी […] Read more » अमित शाह के लिए चुनौतियां
राजनीति छात्र आंदोलनः खो गया है रास्ता January 26, 2016 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment संजय द्विवेदी हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्र रोहित वेमूला की आत्महत्या की घटना ने हमारे शिक्षा परिसरों को बेनकाब कर दिया है। सामाजिक-राजनीतिक संगठनों में काम करने वाले छात्र अगर निराशा में मौत चुन रहे हैं, तो हमें सोचना होगा कि हम कैसा समाज बना रहे हैं? किसी राजनीति या विचारधारा से सहमति-असहमति एक अलग बात […] Read more » death of Rohith Vemula Featured छात्र आंदोलन
राजनीति सुभाष बोसः मोदी का साहस January 25, 2016 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment डॉ. वेदप्रताप वैदिक नेताजी सुभाष बोस संबंधी सभी गुप्त दस्तावेजों को प्रकाशित करके नरेंद्र मोदी सरकार ने साहस का परिचय दिया है। इसमें साहस की कोई खास बात नहीं है लेकिन फिर भी मैं इसे साहस की बात क्यों कह रहा हूं? इसलिए कि पिछली सभी सरकारों ने सुभाष बाबू के मामले में दब्बूपन का […] Read more » Featured reveal death of Subhash Bose मोदी का साहस सुभाष बोस
राजनीति जन नहीं बदलेगा तो तंत्र कैसे बदलेगा January 24, 2016 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 2 Comments on जन नहीं बदलेगा तो तंत्र कैसे बदलेगा इक़बाल हिंदुस्तानी संविधान समाज को रास्ता ही दिखा सकता है चला नहीं सकता ! गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस अब देश में रस्म अदायगी जैसे बनकर रह गये हैं। सरकारी कार्यालयों और स्कूलों में अगर इस अवसर पर भाषण व सांस्कृतिक कार्यक्रम न हों तो आम जनता को पता भी न चले कि कब राष्ट्रीय […] Read more » 26th january Featured republic day