राजनीति विधि-कानून लोकतांत्रिक स्तंभों में टकराव October 19, 2015 by आदर्श तिवारी | Leave a Comment सुप्रीम कोर्ट नेशुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए सरकार द्वारा गठित राष्ट्रीय न्यायिक न्युक्ति आयोग को असंवैधानिक बताते हुए खारिज कर दिया है तथा इससे संबंधित अधिनियम को भी रदद् कर दिया.केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जजों की न्युक्ति और तबादले के लिए राष्ट्रीय न्यायिक न्युक्ति आयोग एक्ट का गठन किया […] Read more » Featured लोकतांत्रिक स्तंभों में टकराव
राजनीति ये कैसी राजनीति ? October 19, 2015 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment सुप्रिया सिंह बिहार विधानसभा चुनाव में व्यस्त भाजपा के लिए इस समय उसके सहयोगी ही उसकी परेशानियों का कारण बने हुए है और पार्टी की फजीहत कराने में लगे है। लम्बे समय से गठबंधन में रहे भाजपा और शिवसेना इस समय एक दूसरे पर बयानी वार छोड़ने का काम कर रहे है। महाराष्ट्र विधानसभा […] Read more » ये कैसी राजनीति
टॉप स्टोरी राजनीति पुरस्कार लौटाने का औचित्य समझें October 19, 2015 by मयंक चतुर्वेदी | 1 Comment on पुरस्कार लौटाने का औचित्य समझें डॉ. मयंक चतुर्वेदी इन दिनों साहित्यकारों के पुरस्कार लौटाने के दिन चल रहे हैं, देश के मान्यधान साहित्यकारों को अपने मिले तमगे लौटाते देख लग ऐसा रहा है कि जैसे उनके बीच होड़ लगी है, पहले आप, पहले आप की कि कौन अपने पुरस्कार केंद्रीय सरकार को असफल बताते हुए पहले लौटाता है। आश्चर्य होता […] Read more » Featured पुरस्कार लौटाने का औचित्य समझें
राजनीति समाज गोमांस पर अनावश्यक विवाद October 18, 2015 by विजय कुमार | 1 Comment on गोमांस पर अनावश्यक विवाद हमारा प्रिय भारत देश महान है; पर यहां का मीडिया उससे भी अधिक महान है। जिस समाचार से उनकी प्रसिद्धि बढ़े और विज्ञापन से उनकी झोली भरे, उसे वे सिर पर उठा लेते हैं। यदि खबर दिल्ली के आसपास की हो, तो फिर कहना ही क्या ? याद कीजिये दिल्ली का निर्भया कांड, नौएडा का […] Read more » Featured गोमांस गोमांस पर अनावश्यक विवाद
जन-जागरण राजनीति अनिवार्य नहीं रहा आधार October 18, 2015 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव पहचान-पत्र आधार को अनिवार्य करने के मुद्दे पर सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को एक बार फिर झटका दिया है। हालांकि केंद्र को मामूली राहत भी मिली है। अब इसका उपयोग स्वैच्छिक रूप से मनरेगा,भविष्यनिधि,पेंशन और जन-धन योजना में किया जा सकेगा। पीडीएस और एलपीजी में सब्सिडी के लिए आधार की मंजूरी न्यायालय […] Read more » Featured अनिवार्य नहीं रहा आधार आधार
टॉप स्टोरी राजनीति राजनीति का केंद्रबिंदु बनती हमारी गाय October 17, 2015 by मृत्युंजय दीक्षित | Leave a Comment मृत्युंजय दीक्षित दादरी कांड के बाद गाय देश की राजनीति का एक महत्वपूर्ण केंद्र बिंदु उभर कर सामने आ रही है। गाय को अब हर कोई वोटबैंक के रूप में इस्तेमाल करना चाह रहा है। यह तब से राजनीति के केंद्रबिंदु में आ गयी हैं जब से महाराष्ट्र में गोवध पर पुर्ण प्रतिबंध लगाने का […] Read more » Featured गाय राजनीति का केंद्रबिंदु हमारी गाय
राजनीति पुरस्कार लेने और लौटाने की राजनीति October 17, 2015 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | Leave a Comment डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री नयनतारा सहगल नेहरु परिवार से ताल्लुक़ रखतीं हैं । अंग्रेज़ी भाषा में पढ़ती लिखती रही हैं । उनके लिखे पर कभी साहित्य अकादमी ने उन्हें पुरस्कार दिया था । पिछले दिनों उन्होंने वह पुरस्कार साहित्य अकादमी को वापिस कर दिया । वैसे तो उम्र के जिस पड़ाव पर नयनतारा सहगल हैं […] Read more » Featured पुरस्कार लेने और लौटाने की राजनीति
राजनीति कभी बाबरी तो कभी दादरी…..! October 17, 2015 by नरेश भारतीय | Leave a Comment नरेश भारतीय गोहत्या को रोकने के लिए मानव हत्या करना अनुचित ही नहीं अपराध भी है. इसकी निंदा होनी ही चाहिए. सभी पक्षों ने निंदा की भी है. लेकिन इसके बाद भी जो कुछ वादविवाद के रूप में देखने को मिल रहा है उससे सामाजिक सद्भाव को बनाए रखने के महत्व को और भी उजागर […] Read more » Featured कभी दादरी.....! कभी बाबरी
राजनीति आजम तलाश रहे बाहर जाने का रास्ता ! October 17, 2015 by संजय सक्सेना | Leave a Comment सपा में अमर के आने की आहट आजम तलाश रहे बाहर जाने का रास्ता ! संजय सक्सेना समाजवादी पार्टी में आजम खान की हैसियत क्या है,यह बताने की जरूरत नहीं है। आजम को सपा में फ्री हैंड मिला हुआ है। वह बिना किसी बंदिश और भय के कुछ भी बोलने की ताकत रखते हैं।उन्हें किसी […] Read more » Featured आजम तलाश रहे बाहर जाने का रास्ता !
राजनीति अपने पारिभाषिक शब्दों से ही शीघ्र उन्नति। October 17, 2015 by डॉ. मधुसूदन | 5 Comments on अपने पारिभाषिक शब्दों से ही शीघ्र उन्नति। डॉ. मधुसूदन (१) भारत की उन्नति शीघ्र कैसे होगी? जनभाषा और हिन्दी ही शीघ्र उन्नति करवा सकते है। अंग्रेज़ी तो बैसाखी है। उसपर दौड कर विश्व का ऑलिम्पिक जीता नहीं जा सकता। (२) अंग्रेज़ी से क्या हानि? अंग्रेजो ने हमारी टांगे काट कर अंग्रेज़ी की बैसाखी हमें थमा दी है। और उससे कुछ ही लोग […] Read more » Featured अपने पारिभाषिक शब्दों से ही शीघ्र उन्नति।
राजनीति बिहार में सत्ता परिवर्तन के संकेत October 16, 2015 by सुरेश हिन्दुस्थानी | Leave a Comment सुरेश हिंदुस्थानी बिहार में विधानसभा चुनावों के लिए प्रथम और द्वित्तीय चरण का मतदान पूरा हो गया। मतदाताओं में जिस प्रकार के उत्साह की जा रही थी, वह इन चरणों के चुनाव में दिखाई नहीं दिया, लेकिन इस मतदान में जो खास बात देखने को मिली वह यही है कि बिहार में इस बार परिवर्तन […] Read more » Featured बिहार में सत्ता परिवर्तन के संकेत
राजनीति विधि-कानून सबके कल्याण की संहिता October 15, 2015 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment डॉ. वेदप्रताप वैदिक सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार से पूछा है कि वह देश के सभी नागरिकों के लिए समान आचार संहिता कब बनाएगी। बनाएगी या नहीं? उसने यह इसलिए पूछा है कि संविधान के नीति−निर्देशक तत्वों में ऐसा कहा गया है। समान आचार संहिता की मांग सिर्फ भाजपा करती है। अन्य कोई राजनीतिक दल नहीं […] Read more » Featured uniform civil code सबके कल्याण की संहिता