Category: विविधा

विविधा

मोदी सरकार के तीन साल में बही विकास की गंगा

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प्रधानमंत्री मोदी ने इन तीन सालों में 1 करोड़ से ज्यादा अमीर लोगों को गैस सब्सिडी छोड़ने की लिए प्रेरित किया, इससे मोदी सरकार पर काफी भार कम हुआ है। इसके साथ ही मोदी सरकार ने पूरे देश में वीआईपी कल्चर को पूर्ण रूप से खत्म कर दिया। अब सिर्फ एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस जैसी इमरजेंसी सेवाओं में लगी गाडियां ही नीली बत्ती का इस्तेमाल कर सकेंगी। इसके साथ ही कैशलेश लेन-देन के लिए मोदी सरकार भीम एप्प लेकर आयी है, अब तक देश में 2 करोड़ से ज्यादा लोग भीम एप्प डाउनलोड कर चुके हैं।

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विधि-कानून विविधा

बातचीत से सुलझ सकता है जाधव का मसला

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जाधव के मामले में पाकिस्तानी राजनीति में जूतम पैजार शुरु हो गई है लेकिन यह संतोष का विषय है कि भारत में पक्ष और विपक्ष एकजुट हैं। भारत सरकार, खासतौर से हमारी विदेश मंत्री सुषमा स्वराज बधाई की पात्र हैं, जिन्होंने जाधव के मामले में इतनी दृढ़ता और कर्मण्यता दिखाई लेकिन अभी खुशी से फूलकर कुप्पा हो जाना ठीक नहीं है। पाकिस्तान पर दबाव बनाए रखना जरुरी है। सभी दक्षेस देशों, इस्लामी राष्ट्रों और महाशक्तियों से फोन करवाए जाएं और संयुक्त राष्ट्र के नए महासचिव अंतानियो गुतरस भी मध्यस्थता करें तो बेहतर हो।

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विविधा

गोरे असुरों का भारत-अभियान अर्थात आधुनिक देवासुर संग्राम

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लूट-पाट को अपना पेशा बना चुके वे लोग उस तथाकथित ‘सभ्य समाज’ की राज-सत्ता और ‘रोमन-चर्च’ की धर्म-सत्ता के आतंक से भागे तो थे सभ्य-सम्पन्न बनने की मजबूरी में, किन्तु भागने से रिश्ता खत्म थोडे ही होता है । जिनके द्वारा भगाये गये थे, अथवा जिनसे दूर भागे थे, उन्हीं से सम्मान पाने की लालसा भी थी उनमें । इसलिए लूट और डकैती के माल का एक अंश वे उस ‘सभ्य-समाज’ के उन ‘सभ्य लोगों’ को भी देने लगे, जिनमें ‘वेटिकन’ के पोप एवं उसके चर्च के पादरी और ब्रिटिश राजमहल के राजा-रानी से लेकर दरबारी- लार्ड-जागीरदार तक शामिल थे ।

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विधि-कानून विविधा

अलविदा-तीन तलाक

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मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड अब तीन तलाक की वर्तमान में जारी प्रक्रिया को सुधारने की दिशा में मौलवियों और काजियों को दिशा-निर्देश जारी करेगा। इन दिशा-निर्देशों को पूर्णत: लोकतांत्रिक और एक उदार सामाजिक व्यवस्था के अनुरूप बनाने व ढालने का प्रयास किया जाएगा। अब विवाद होने पर पति पत्नी पारस्परिक सहमति से हल निकालेंगे। यदि उनकी पारस्परिक सहमति से हल नहीं निकलता है तो कुछ समय के लिए वे अस्थायी रूप से अलग हो जाएंगे जिससे कि परिस्थितियों की उत्तेजना शांत हो सके और दोनों को एक दूसरे को समझते हुए अपनी गलती का अहसास करने का अवसर मिल सके।

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विविधा

आगरा के ताज कोरिडोर के विहंगम विकास की योजना

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कहा यह भी जाता है कि औरंगजेब के भाई दारा ने उसे मरवाने के लिए एक शराबी हाथी से भिड़वा दिया था दारा शिकोह की शादी के बाद शाहजहाँ ने दो हाथियों सुधाकर और सूरत सुंदर के बीच एक मुकाबला करवाया। ये मुगलों के मनोरंजन का पसंदीदा साधन हुआ करता था. अचानक सुधाकर घोड़े पर सवार औरंगज़ेब की तरफ़ अत्यंत क्रोध में दौड़ा. औरंगज़ेब ने सुधाकर के माथे पर भाले से वार किया जिससे वो और क्रोधित हो गया.उसने घोड़े को इतनी ज़ोर से धक्का दिया कि औरंगज़ेब ज़मीन पर आ गिरे. प्रत्यक्षदर्शियों जिसमें उनके भाई शुजा और राजा जय सिंह शामिल थे, ने औरंगज़ेब को बचाने की कोशिश की लेकिन अंतत: दूसरे हाथी श्याम सुंदर ने सुधाकर का ध्यान बंटाया और उसे मुकाबले में दोबारा खीच लिया. इस घटना का ज़िक्र शाहजहाँ के दरबार के कवि अबू तालिब ख़ाँ ने अपनी कविताओं में किया है.इतिहासकार अक़िल ख़ाँ रज़ी अपनी किताब वकीयत-ए-आलमगीरी में लिखते हैं कि इस पूरे मुकाबले के दौरान दारा शिकोह पीछे खड़े रहे और उन्होंने औरंगज़ेब को बचाने की कोई कोशिश नहीं की.

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विविधा

संदेश ले०उमर फ़ैयाज़ की शहादत के?

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गुपचुप तरीक़े से कश्मीरी आंदोलन में जेहादी तत्वों की घुसपैठ की चर्चा तो पहले भी होती रही है परंतु पहले ये नौबत कभी नहीं आई थी कि कोई आतंकी कमांडर हुर्रियत नेताओं को कश्मीर मसले को राजनैतिक मसला बताने के लिए इस हद तक खबरदार करे कि वह हुर्रियत नेताओं के सिर काटकर लाल चौक पर लटकाने की धमकी तक दे दे। बहरहाल इस धमकी के बाद तथा लेिफ्टनेंट उमर फ़ैयाज़ की हत्या व उस हत्या के बाद आए आतंकियों के संदेश के बाद तो यह बात साफ़ हो चुकी है कि कश्मीर को सीमापार से हो रहे हस्तक्षेप की मदद से कथित जेहाद की आग में झोंकने की तैयारी भी हो चुकी है।

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पर्यावरण विविधा

बिहार गाद संकट: समाधान, पहल और चुनौतियां

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जब तक भगीरथी पर टिहरी बांध, गंगा पर भीमगौड़ा, नरोरा जैसे ढांचे नहीं थे, तब तक यह बैक्टीरियोफाॅज हिमालय में पैदा होकर बिहार और बंगाल तक आते थे। बहुत संभव है कि इनके कारण उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड और बंगाल के गंगा किनारे के भूजल की निर्मलता भी सुनिश्चित होती रही हो। नीरी की एक रिपोर्ट बताती है कि अब मात्र 10 प्रतिशत बैक्टीरियोफाॅज ही नीचे आते हैं। शेष 90 प्रतिशत टिहरी की झील में बंधकर रह जाते हैं। जाहिर है कि टिहरी बांध द्वारा पैदा की रुकावट के कारण अब यह बैक्टीरियोफाॅज और हिमालय से निकली विशिष्ट गुणों वाली सिल्ट अब बिहार तक नहीं पहुंचती।

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