विविधा सिनेमा फिल्म ‘सरकार 3’ की समीक्षा May 13, 2017 by पंडित दयानंद शास्त्री | Leave a Comment डायरेक्टर:– रामगोपाल वर्मा स्टार कास्ट:—सरकार 3 में अमिताभ बच्चन के साथ मनोज बाजपेयी, यामी गौतम, अमित साध और जैकी श्रॉफ और रोहिणी हथनगाडी मुख्य भूमिका में हैं| फिल्म ‘काबिल’ में बेहतरीन अभिनय कर तारीफ बटोरने वाली यामी गौतम इस फिल्म में काफी एग्रेसिव रोल में हैं | अवधि: 2 घंटा 12 मिनट सर्टिफिकेट: U/A रेटिंग: […] Read more » Featured सरकार 3
विधि-कानून विविधा धर्मग्रंथ बड़ा है कि राष्ट्रग्रंथ ? May 13, 2017 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | 1 Comment on धर्मग्रंथ बड़ा है कि राष्ट्रग्रंथ ? तीन तलाक के बारे में हमारे सर्वोच्च न्यायालय ने अभी जो शुरुआती विचार रखा है, उसी पर देश के विचारकों को खुली बहस चलाने की जरुरत है। अदालत ने कहा है कि वह सिर्फ तीन तलाक के मुद्दे पर विचार करेगी और यह देखेगी कि कुरान में उसका समर्थन है क्या? यदि कुरान तीन तलाक […] Read more » तीन तलाक धर्मग्रंथ राष्ट्रग्रंथ
विविधा स्वास्थ्य-योग जानिए कैसे मिटटी के बर्तन द्वारा आप अपना किस्मत/भाग्य संवार सकते हैं . May 12, 2017 by पंडित दयानंद शास्त्री | Leave a Comment मिट्टी के बर्तनों में पकी दाल-सब्जी में धातु विषैले तत्व और चमक पैदा करने वाले रसायनों की मिलावट भी नहीं होती है। मिट्टी उष्णता की कुचालक है अत: इस तरह के बर्तनों में भोजन पकाने से उसे धीरे-धीरे उष्णता प्राप्त होती है, जिसके परिणामस्वरूप दालसब्जी में प्रोटीन शतप्रतिशत सुरक्षित रहता है। यदि कांसे के बर्तन में खाना पकाया जाए तो कुछ प्रोटीन का क्षरण हो जाता है व एल्युमिनियम के बर्तन में पकाने से 87 प्रतिशत प्रोटीन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो जाता है। भोजन में कुछ एल्युमिनियम चले जाने से एल्जाइमर, पार्किन्सन आदि अनेक बीमारियां हो जाती हैं। Read more » Featured जानिए क्यों नहीं रखें खंडित बर्तन अपने घर में मिटटी के बर्तन मिटटी के बर्तनों द्वारा कैसे होगा स्वास्थ्य लाभ
विधि-कानून विविधा न्यायपालिका में भ्रष्टाचार या अवहेलना न्यायालय की ?? May 12, 2017 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on न्यायपालिका में भ्रष्टाचार या अवहेलना न्यायालय की ?? ऐसा नहीं है कि न्यायपालिका के ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप पहली बार लगे हैं | इसके पहले भी कई जजों को स्टिंग ऑपरेशन में रंगे हाथों पकड़ा गया है | सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश तथा प्रेस काउंसिल ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष रह चुके जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने कई बार सार्वजनिक रूप से न्यायपालिका में हो रहे भ्रष्टाचार पर चिंता जताई है | कितनी ही बार पूर्व न्यायाधीशों ने कोर्ट में हो रहे भ्रष्टाचार पर चिंता व्यक्त की है | न्यायपालिका में चल रहे भ्रष्टाचार पर जस्टिस काटजू ने भी कहा था कि “मेरा मानना है कि सुप्रीम कोर्ट के ज्यादातर मुख्य न्यायाधीश न्यायपालिका के भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करने से परहेज करते रहे हैं, शायद इसलिए कि इससे न्यायपालिका की बदनामी होगी |” Read more » Featured कलकत्ता उच्च न्यायालय न्यायपालिका में भ्रष्टाचार न्यायाधीश चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्नन सर्वोच्च न्यायालय
विविधा राष्ट्रीय सुरक्षा की अवहेलना क्यों ? May 12, 2017 by विनोद कुमार सर्वोदय | Leave a Comment हमारी ढुलमुल शत्रु नीति व समझौतावादी प्रवृति का ही दुष्परिणाम है कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भी सीमाओं पर अनेक दर्दनाक घटनाऐं राष्ट्रीय सुरक्षा की पोल खोलने के लिए पर्याप्त है। इस पर भी आज राष्ट्र में पूर्णकालिक रक्षा मंत्री का न होना हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति सतर्कता व गंभीरता के अभाव का बोध करा रही है। कहा गये वो "आंख में आंख डाल कर उसी की भाषा में उत्तर देने वाले " साहसिक नारे और कहां गई वह "एक के बदले दस सिर " लाने के उत्साहवर्धक वक्तव्य ? क्या यह सब चुनावी लुभावने थोथे नारे थे या कुछ धरातल पर कर दिखाने की वास्तविक इच्छा ? Read more » Featured National security Day राष्ट्रीय सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा की अवहेलना
विविधा जाधव: सांप मरे, लाठी न टूटे May 12, 2017 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment हेग की अदालत की सलाह का लाभ उठाकर प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ अपने सेनापति को भी मना सकते हैं। यों मोदी और सुषमा, नवाज़ और सरताज अजीज़ से सीधे बात कर सकते थे लेकिन भारत सरकार की यह उत्तम कूटनीति है कि उसने अप्रत्यक्षतः नवाज़ के हाथ मजबूत कर दिए हैं। यों भी नवाज़ और सेनापति बाजवा के बीच ‘डान लीक’ के मामले में अब शांति हो गई है। नवाज़ शरीफ और मोदी दोनों ही भारत-पाक संबंधों को सुधारना चाहते हैं। यदि हेग की अदालत का फैसला जाधव की रिहाई के लिए हो जाए और पाकिस्तान उसे मान ले तो सांप भी मर जाएगा और लाठी भी नहीं टूटेगी। Read more » Featured कुलभूषण जाधव
पर्यावरण विविधा पर्यावरण की सुरक्षा – हमारा नैतिक कर्त्तव्य May 12, 2017 by संचित पुरोहित | Leave a Comment यदि कोई चाहकर भी वृ़क्षारोपण के कार्य में सहयोग न दे पाये तो कोई बात नहीं । वह कम से कम इतना सहयोग तो जरूर कर ही सकता है कि - हममें से हर कोई रेल और सडक मार्ग से यात्रा जरूर करता है । इन यात्राओं के दौरान खाये जाने वाले फलों के बीजों को इधर-उधर कचरे के रूप में न फेंककर यात्रा के दौरान ही सडक या रेल मार्ग के किनारे बिखेर दें । उन बिखेरे गये बीजों से कुछ नहीं तो यदि 10 प्रतिशत पौधे ही पनप जायें तो भी पर्यावरण संरक्षण की दिषा में उनका यह बहुत बडा योगदान होगा । Read more » environment protection पर्यावरण पर्यावरण की सुरक्षा
विविधा आगरा की वेदना May 12, 2017 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment कल कल करने वाली यमुना के तट पर होते हुए मैं प्यासा हूं। कारण यह है कि यमुना नें प्यास मिटाने की क्षमता खो दी है। पहले मेरी प्यास बुझाने के लिए यमुना काफी थी, लेकिन सरकारी नीतियों ने हत्या कर दी है। मेरी यमुना में पानी के नाम पर मलमूत्र और फैक्ट्रियों के कचरे मात्र है। दिल्ली, हरियाणा से ही मलमूत्र आ रहा है। मेरी यमुना को शुद्ध करने के लिए हजारों करोड़ रुपये जल निगम वाले डकार चुके हैं। सिर्फ बारिश में यमुना कुछ समय के लिए भरी हुई दिखती है। इसके बाद तो सिर्फ नाला ही नजर आती है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी यमुना में गंदगी डाली जा रही है। Read more » Featured आगरा आगरा का गौरवशाली अतीत
विधि-कानून विविधा यह न्यायिक आपातकाल क्यों? May 11, 2017 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment पता नहीं, वह उनसे इतना डरा हुआ क्यों है? एक माह बाद वे सेवा-निवृत्त होने वाले थे। वे हो जाते। मामला खत्म होता लेकिन अब सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आप को दलदल में फंसा लिया है। उसका यह आदेश तो बिल्कुल भी मानने लायक नहीं है कि अखबार और टीवी चैनल कर्णन का कोई भी बयान प्रकाशित न करें। कर्णन का न करें और उनका करें, यह क्या मजाक है? क्या यह न्यायिक आपात्काल नहीं है? Read more » 6 months jail Justice Karnan Supreme Court TV channels कर्णन कलकत्ता हाईकोर्ट द्रविड़ मुनेत्र कड़गम सर्वोच्च न्यायालय सी एस कर्णन
विविधा “अम्ब्रेला शॉप : बुन्देलखण्ड के किसान की चलती फिरती दुकान” May 11, 2017 by अनुज हनुमत | Leave a Comment बुन्देलखन्ड के आम जनजीवन पर आई ताजा रिपोर्ट से सरकार को उलझन मससूस हो सकती है पर यहाँ के हालात बहुत चिंताजनक है,इस पर कोई दोराय नही । पूरा बुन्देलखण्ड पिछले तीन दशक से लगातार सूखे की मार झेल रहा है और इसके लिए पूर्णतया पर्यावरण असन्तुलन ही जिम्मेदार है । पीने के पानी का स्रोत (कुंओ,तालाबों) सूख गए हैं या ज्यादातर का भूजल स्तर 15 सालों में बुरी तरह नीचे गिरा है इसके कारण यहाँ के कई इलाकों के लगभग सभी कुएँ और हैण्डपम्प सूख गए हैं । इस भूजल स्तर के गिरने का प्रमुख कारण है विकास के नाम पर तालाबों का बलिदान। ऐसे में सवाल यह है की क्या हम वाकई में सम्रद्ध हो रहे हैं ? Read more » Featured अम्ब्रेला शॉप बुन्देलखन्ड
विविधा शहरी नक्सल भारत के ‘अदृश्य दुश्मन’ – भाग 1 May 10, 2017 by हरिहर शर्मा | 1 Comment on शहरी नक्सल भारत के ‘अदृश्य दुश्मन’ – भाग 1 शहरी नक्सल भारत के ‘अदृश्य दुश्मन’ हैं, उनमें से कुछ को तो पकड़ा जा चुका है, किन्तु अधिकांश आज भी पुलिस राडार के बाहर हैं और भारतीय राज्य व्यवस्था के खिलाफ विद्रोह फैला रहे है। ये सभी उस तबके में से हैं, जिन्हें शहरी बुद्धिजीवी कहा जाता है | ये प्रभावशाली लोग, नक्सल आन्दोलन की […] Read more » Featured भारत के 'अदृश्य दुश्मन' शहरी नक्सल
विविधा नर्मदा कार्ययोजना : कुछ विचारणीय सुझाव May 10, 2017 by अरुण तिवारी | Leave a Comment किसी भी कार्ययोजना के निर्माण से पहले नीति बनानी चाहिए। नीतिगत तथ्य, एक तरह से स्पष्ट मार्गदर्शी सिद्धांत होते हैं। एक बार दृष्टि साफ हो जाये, तो आगे विवाद होने की गुंजाइश कम हो जाती है। इन सिद्धांतों के आलोक में ही कार्ययोजना का निर्माण किया जाना चाहिए। कार्ययोजना निर्माताओं और क्रियान्वयन करने वालों को किसी भी परिस्थिति में तय सिद्धांतों की पालना करनी चाहिए। ऐसा करने से कार्ययोजना हमेशा अनुकूल परिणाम लाने वाली होती है। Read more » Featured नर्मदा कार्ययोजना प्रवाह की समृद्धि हेतु कुछ सुझाव