प्रवक्ता न्यूज़ “ऋषि दयानन्द के समकालीन उनके वेद प्रचारक योगिराज महात्मा कालूराम”

“ऋषि दयानन्द के समकालीन उनके वेद प्रचारक योगिराज महात्मा कालूराम”

-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। योगिराज महात्मा कालूराम जी का जन्म शेखावटी के एक नगर रामगढ़ में ज्येष्ठ कृष्णा 6 शुक्रवार सम्वत् 1893 विक्रमी (सन् 1936)…

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लेख हमारे विचार

हमारे विचार

यह सही है कि कश्मीर में सुरक्षा और सतर्कता बढ़ानी पड़ी है, लेकिन इसे लेकर चिंतित हो रहे लोग यह क्यों नहीं देख पा रहे…

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कविता बसे है दिन रात जो दिल में मेरे

बसे है दिन रात जो दिल में मेरे

बसे है दिन रात जो दिल में मेरे | उनका नाम अब बताऊं मै कैसे || जो बिल्कुल बोलते नहीं है |उनसे बात बताऊँ मै कैसे…

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कविता बैसाखी

बैसाखी

अवधेश सिंह विरासत में मिली है मुझे सोने के फ्रेम में मढ़ी वंचित – निषिद्ध तमाम अमानुषिक पीड़ाओं और जख्मों से कराहती , आज भी भय…

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लेख …और बाबा के होकर रह गए मुरली

…और बाबा के होकर रह गए मुरली

 “शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्लाह खां” पुस्तक 2009 में हुई प्रकाशित  “सफर-ए-बिस्मिल्लाह” डॉक्यूमेंट्री 2017 में हुई रिलिज  “बिस्मिल्लाह खां विश्वविद्यालय” के लिए 2013…

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पर्यावरण प्लास्टिक प्रदूषण-मुक्त भारत का संकल्प

प्लास्टिक प्रदूषण-मुक्त भारत का संकल्प

ललित गर्ग- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्लास्टिक कचरे से मुक्त करने की अपील करते हुए एक महाभियान का…

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कविता उत्ताल ताल आकाश में आच्छादित है !

उत्ताल ताल आकाश में आच्छादित है !

(मधुगीति १९०८१९ बग्रसा) उत्ताल ताल आकाश में आच्छादित है, मधुर वायु अधर का स्पर्श लिये आई है; अग्नि त्रिकोणीय आभा ले दीप्तिमान हुई है, जल…

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कविता आज उस में सब समा गया है !

आज उस में सब समा गया है !

(मधुगीति १९०८१९ अग्रसु)  आज उस में सब समा गया है, आज रब उस में रम गया है; आज रव अविरत हो गया है, आज रवि…

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राजनीति क्या सिंधिया भी छोड़ रहे है कांग्रेस का कुनबा???

क्या सिंधिया भी छोड़ रहे है कांग्रेस का कुनबा???

*मप्र में सिंधिया के बीजेपी में जाने की सियासी खबरों के निहितार्थ* *सोशल मीडिया और अखबारों में आ रही खबरों पर सिंधिया की चुप्पी चर्चा…

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लेख मोब लिंचिंग

मोब लिंचिंग

असहिष्णुता एवं माब लिंचिंग का सच मोदी सरकार के पहले दौर से लेकर दूसरे दौर की शुरूआत मोब भी असहिष्णुता और माब लिंचिंग की बात…

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चिंतन “ऋषि दयानन्द संसार में सबसे महान एवं सर्वोत्तम मनुष्य थे”

“ऋषि दयानन्द संसार में सबसे महान एवं सर्वोत्तम मनुष्य थे”

-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। मनुष्य वह होता है जो अपने सभी निर्णय व कार्य मनन करके करता हे। मनुष्य का शिशु के रूप में अपनी…

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लेख एक थी धारा-370

एक थी धारा-370

दुलीचंद कालीरमन जब से राजनीतिक रूप से होश संभाला था | भारत की राजनीतिक व्यवस्था पढ़ते- पढ़ते एक शब्द कान में शीशे की तरह पड़ता…

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