लेख खुद मियाँ फजीहत…

खुद मियाँ फजीहत…

चार…………..एक ऐसा माध्यम जिसके जरिये हर कोई आसानी से सुर्खियों में रहता है। इसे प्रचार और आत्म प्रचार का जुग कहा जा सकता है। अपना…

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लेख भ्रमजाल में फंसी आधुनिकता की धारणा

भ्रमजाल में फंसी आधुनिकता की धारणा

-अनिल अनूप  हमारा समाज संक्रमण के जिस दौर से गुजर रहा है, उसमें हम परम्परा और आधुनिकता के बीच चुनाव के द्वंद्व में फंसे हैं.…

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लेख “पं0 लेखराम न होते तो हम ऋषि दयानन्द के खोजपूर्ण जीवन चरित से वंचित रहते”

“पं0 लेखराम न होते तो हम ऋषि दयानन्द के खोजपूर्ण जीवन चरित से वंचित रहते”

-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। महर्षि दयानन्द जी का जन्म सन् 1825 में गुजरात राज्य के टंकारा नामक ग्राम में हुआ था। आपने अपनी आयु के…

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गजल हिंदी गजल

हिंदी गजल

हवा बहुत बदगोई है। रात कलप कर रोई है।। उनने अपने जीवन में, केवल कटुता बोई है। गर तुम हो जर्किन पहने, वह भी ओढ़े…

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लेख रौशनी के बिना शिक्षा की लौ नहीं जलती

रौशनी के बिना शिक्षा की लौ नहीं जलती

बशारत अख़्तर कुपवाड़ा, कश्मीर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2019-20 का बजट प्रस्तुत करते हुए मोदी सरकार की जिन महत्वाकांक्षी योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया है…

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कविता हिंदी ग़ज़ल

हिंदी ग़ज़ल

अविनाश ब्यौहार गरज गरज कर अंबुद बरसे। औ सावन प्यासा ही तरसे।। अषाढ़-सावन-भादों में है, हरीतिमा के खुले मदरसे। याद आते त्यौहार में अब, माँ…

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लेख ज्ञान-विज्ञान के भारतीय स्रोत पुनः प्रवाहित होने चाहिए

ज्ञान-विज्ञान के भारतीय स्रोत पुनः प्रवाहित होने चाहिए

मनोज ज्वाला एक प्रसिद्ध ग्रंथ ‘स्टोरी ऑफ सिविलाइजेशन’ के अमेरिकी लेखक और इतिहासकार विल डुरांट ने भारत को दुनिया की समस्त सभ्यताओं की जननी कहा…

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राजनीति ट्रम्प हों या ओबामा, अमेरिकी ‘भारत-नीति’ का एक ही पैमाना

ट्रम्प हों या ओबामा, अमेरिकी ‘भारत-नीति’ का एक ही पैमाना

मनोज ज्वाला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता करने सम्बन्धी भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तथाकथित अपील का बयान देकर बता दिया…

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राजनीति ट्रिपल तलक  आस्था नही, अधिकारों की लड़ाई है ।

ट्रिपल तलक आस्था नही, अधिकारों की लड़ाई है ।

डॉ नीलम महेंद्र ट्रिपल तलाक पर रोक लगाने का बिल लोकसभा से तीसरी बार पारित होने के बाद  एक बार फिर चर्चा में है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट…

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चिंतन “ऋषि दयानन्द ने सभी सुखों का त्याग कर वेदप्रचार क्यों किया?”

“ऋषि दयानन्द ने सभी सुखों का त्याग कर वेदप्रचार क्यों किया?”

-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। ऋषि दयानन्द ने 10 अप्रैल, सन् 1875 को मुम्बई में आर्यसमाज की स्थापना की और इसके द्वारा संगठित रूप से वेद…

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कविता रूठना मत कभी,हमे मनाना नहीं आता

रूठना मत कभी,हमे मनाना नहीं आता

रूठना मत कभी,हमे मनाना नही आता |दूर नही जाना,हमे बुलाना नहीं आता || तुम भूल जाओ हमे,ये तुम्हारी मर्जी |हम क्या करे,हमे भुलाना नहीं आता ||…

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लेख चिट्ठी का मौसम

चिट्ठी का मौसम

बचपन में गुरुजी ने हमें बताया था कि मौसम तीन तरह के होते हैं। ये हैं सरदी, गरमी और बरसात; पर भारत में मौसम की…

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