कविता रात के ख्वाब जो दिन में देखने लगे है

रात के ख्वाब जो दिन में देखने लगे है

रात के ख्वाब जो दिन में देखने लगे |उन्ही को दिन में अब तारे दिखने लगे || खता करके पूछती हो,ऐसा मैंने क्या किया ?नयनो…

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लेख मजबूत इच्छाशक्ति से बदलता भारत

मजबूत इच्छाशक्ति से बदलता भारत

आचार्य डाॅ. लोकेशमुनि- देश में जब से नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बने हंै, सकारात्मक परिवर्तन की बयार बहती दिख रही है। इसके पीछे मजबूत नेतृत्व, विकास…

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कविता सागर

सागर

सागर मौला मस्त सा ख़ुद से ही अंजान, वाष्प बना उड़ता गया बादल बन बरस गया। कौन तूफ़ानों में घिरा, कब सुनामी आई, वो तो…

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कविता सफ़र लम्बा है |

सफ़र लम्बा है |

सफ़र लम्बा है मगर जाना तो पड़ेगा | टूटी है चप्पल , मगर पांव को पहनना तो पड़ेगा | भूख है जोरो की और चावल…

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कविता अच्छी बात नहीं।

अच्छी बात नहीं।

औरों के घर में हो अंधेरा, तुम्हारे घर में हो उजाला, यह तो अच्छी बात नहीं। हमारे हो महल दुमहले, और तरसे झोपड़े को भी,…

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लेख जम्मू-कश्मीर पर अनर्गल बयानबाजी बंद होनी चाहिए

जम्मू-कश्मीर पर अनर्गल बयानबाजी बंद होनी चाहिए

मनोज ज्वालासंविधान के अनुच्छेद-370 को निरस्त कर दिए जाने एवं जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरु होने के साथ ही अपने देश में अभिव्यक्ति की…

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ज्योतिष जाने और समझें पितृपक्ष (महालय/श्राद्ध) का महत्व

जाने और समझें पितृपक्ष (महालय/श्राद्ध) का महत्व

बह्म पूराण के अनुसार देवताओ को प्रसन्न करने से पहले मनुष्य को अपने पितृ यानकी पूर्वजो को पहले प्रसन्न करना आवश्क हे।भारत में बुजूर्गां के…

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कविता मैया ,मोहे दाऊ आज बहुत चिढायो

मैया ,मोहे दाऊ आज बहुत चिढायो

आर के रस्तोगी  मैया,मोहे दाऊ आज बहुत चिढायो |मोसो कहत तू मोल को लीन्हो,इसलिए तुझे मोबाइल न दिलायो ||ग्वाल-बाल सबके पास है मोबाइल |मोहे तूने…

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लेख दक्षिण में हिन्दी का विरोध क्यों?

दक्षिण में हिन्दी का विरोध क्यों?

-ललित गर्ग-गतदिनों बंगलूरू के गणेशबाग में एक जैन आचार्य के चातुर्मास के लिए लगाए गए हिंदी बैनर कोे कथित तौर पर फाड देने एवं तोड़फोड़…

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चिंतन “ईश्वर अनादि काल से हमारा साथी है और हमेशा रहेगा”

“ईश्वर अनादि काल से हमारा साथी है और हमेशा रहेगा”

-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। अथर्ववेद के एक मन्त्र ‘अन्ति सन्तं न जहात्यन्ति सन्तं न पश्यति। देवस्य पश्य काव्यं न ममार न जीर्यति।।’ में कहा गया…

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लेख “पुनर्जन्म न मानने वालों से प्रश्न”

“पुनर्जन्म न मानने वालों से प्रश्न”

-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। वैदिक मान्यता है कि जीवात्मा अनादि, नित्य, अनुत्पन्न, अजर व अमर है। यदि जीवात्मा का यह जन्म हुआ है तो इससे…

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लेख फिर लौटी लूणी की मिठास

फिर लौटी लूणी की मिठास

दिलीप सिंह बीदावत यह तीसरा अवसर है लूणी में पानी के प्रवाह का। इससे पूर्व 2017 में अरावली क्षेत्र में हुई भारी बारिश से बाढ़ के…

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