कविता मानव आज कितना सिमट गया है |

मानव आज कितना सिमट गया है |

मानव आज कितना सिमट गया है | केवल वह मोबाइल से चिपट गया है || उसे फुर्सत नहीं है किसी से मिलने की | उसे…

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कविता मतदान व मतदाता

मतदान व मतदाता

मत का दान जो करे,वह मतदाता कहलाय | मत का दान जो ले,वह सीधा नेता बन जाय || मन भेद न कीजिये,भले ही मत भेद…

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लेख पंथनिरपेक्षता और छत्रपति शिवाजी महाराज

पंथनिरपेक्षता और छत्रपति शिवाजी महाराज

भारत में प्राचीन काल से ही पंथनिरपेक्ष शासन व्यवस्था की कल्पना हमारे ऋषि – महर्षियों ने की है । राजा की न्यायप्रियता इसी बात में…

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कविता आया आज बैशाखी का त्यौहार |

आया आज बैशाखी का त्यौहार |

आया आज बैशाखी का त्यौहार | जिसमे होती है अन्न की बौछार || इन दिनों खेतो में अन्न पाक जाता | पक कर अन्न घरो…

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कविता प्रकृति क्यों बदला लेती है ?

प्रकृति क्यों बदला लेती है ?

घनघोर घटायें घिर रही,घन भी घडघडाहट कर रहे |दामिनी दम दम दमक रही,ये दिन को रात कर रहे || ओलावृष्टि भी हो रही,धरती भी सफेद…

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राजनीति चुनाव के समय मतदाता को जागरूक करने में लगे राजनैतिक दल

चुनाव के समय मतदाता को जागरूक करने में लगे राजनैतिक दल

देश में एक बार फिर चुनाव होने जा रहे हैं और लगभग हर राजनैतिक दल मतदाताओं को “जागरूक” करने में लगा है। लेकिन इस चुनाव…

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राजनीति घृणा की राजनीति और देश के कलाकार

घृणा की राजनीति और देश के कलाकार

राकेश कुमार आर्य भारत को कोई तब तक नहीं समझ सकता जब तक कि भारत के वेद को या भारत के वैदिक साहित्य को वह…

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लेख मराठा साम्राज्य के जनक छत्रपति शिवाजी महाराज

मराठा साम्राज्य के जनक छत्रपति शिवाजी महाराज

अध्याय 1 राकेश कुमार आर्य शिवाजी भारतीय स्वाधीनता संग्राम के देदीप्यमान नक्षत्र हैं, जिनकी दीप्ति से भारत का समकालीन इतिहास आज भी दीप्तिमान है ।…

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राजनीति कांग्रेस का चुनावी घोषणापत्र: आसमानी वादों से जमीन तलाशने की कोशिश

कांग्रेस का चुनावी घोषणापत्र: आसमानी वादों से जमीन तलाशने की कोशिश

ब्रह्मानंद मिश्र, वरिष्ठ पत्रकार    जमीनी हकीकत से कोसों दूर हो चुकी कांग्रेस ने अपने चुनावी वादे में इस बार गरीबों के साथ ‘न्याय’ करने का…

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राजनीति मतदाता ही नही, मतवान भी बनें

मतदाता ही नही, मतवान भी बनें

देश का यह चुनाव निर्णायक है | यह पहले से चले आ रहे चुनावों की तरह नही है | इस चुनाव के शिल्प बदल चुके…

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राजनीति चुनाव सुधार को नया सूरज बनाना होगा

चुनाव सुधार को नया सूरज बनाना होगा

-ललित गर्ग- लोकसभा चुनाव 2019 की सरगर्मियां उग्र से उग्र होती जा रही है, राष्ट्र में आज ईमानदारी एवं निष्पक्षता हर क्षेत्र मंे अपेक्षित है,…

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कविता माँ ! अम्बे कैसे उतारू तेरी आरती ?

माँ ! अम्बे कैसे उतारू तेरी आरती ?

माँ ! अम्बे कैसे उतारू तेरी आरती ?जब संकट में पड़ी है मेरी माँ भारती || चारो तरफ जब चुनाव माहौल बना हुआ है |उजाले…

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