महाशिवरात्रि 2018 पर बन रहा हैं बेहद शुभ योग …
Updated: January 17, 2018
इस महाशिवरात्रि पर कालसर्प दोष की पूजा से कई जन्मों तक मिलेगा फल प्रिय पाठकों/मित्रों, हिंदु धर्म मॆ समस्त पर्व ग्रहों, तिथि, ऋतु तथा शुभ…
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सन्तानों को संस्कारवान बनाने पर विचार
Updated: January 17, 2018
आज का युग आधुनिक युग कहलाता है जहां क्या वृद्ध, क्या युवा और क्या बच्चे, सभी पाश्चात्य संस्कारों में दीक्षित हो रहे हैं। दूर के…
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महिला कल्याण से जुड़ेगी हज सब्सिडी
Updated: January 17, 2018
प्रमोद भार्गव हज यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को इस साल से अब कोई सब्सिडी नहीं मिलेगी। अल्पसंख्यकों मामलों के मंत्री मु,तार अब्बास नकबी ने…
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अंतरिक्ष में उड़ानों का शतक
Updated: January 16, 2018
प्रमोद भार्गव नए साल 2018 की शुरूआत में ही भारत ने अंतरिक्ष में किर्ती पताका लहरा दी है। अंतरिक्ष में सफल उड़ान का शतक पूरा…
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गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-38
Updated: January 16, 2018
राकेश कुमार आर्य   गीता का छठा अध्याय और विश्व समाज आत्म कल्याण कैसे सम्भव है संसार के लोग अपने आप पर अपनी ही…
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सिक्का और पर्ची न्याय
Updated: January 15, 2018
प्रायः शर्मा जी मेरे घर नहीं आते। बुजुर्ग व्यक्ति हैं, इसलिए मैं ही दूसरे-चौथे दिन उनके घर चला जाता हूं; पर आज ठीक से सुबह…
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गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-37
Updated: January 15, 2018
राकेश कुमार आर्य   गीता का छठा अध्याय और विश्व समाज योगेश्वर श्रीकृष्णजी ऐसे पाखण्डियों के विषय में कह रहे हैं कि ऐसे लोग…
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मोटापा वीरस्य भूषणम
Updated: January 15, 2018
अमित शर्मा (CA) मोटापा ऊपरवाले की देन है जिसे वो आलस और पेटूपन जैसे अपने अंडरकवर एजेंट्स की सहायता से धरती पर रवाना करता है। …
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जानिए वैवाहिक जीवन में तनाव के कारण
Updated: January 15, 2018
विवाह हमारे पारम्परिक सोलह संस्कारों में से एक है, जीवन के एक पड़ाव को पार करके किशोरावस्था से युवास्था में प्रवेश करने के बाद व्यक्ति…
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धर्म भारत की आत्मा
Updated: January 15, 2018
डा.राधेश्याम द्विवेदी धर्म की व्यापकता – जीवन के सभी क्षेत्रों में धर्म व्याप्त है और धर्म के बिना जीवन जिया ही नहीं जा सकता। इसी…
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मरी हुई संवेदना
Updated: January 14, 2018
मर चुकी हैं संवेदना नेताओं की शिक्षकों की और चिकित्सकों की भी, साहित्यकारों की जो सिर्फ व्यापारी है, जिनकी नहीं मरी हैं उनको मारने की कोशिश जारी है क्योकि उनसे ख़तरा है व्यापारी को। आज बात करूंगी शब्दों के सौदागर की जो साहित्यिक व्यापारी हैं। शब्दों के तराशते है मरी हुई है संवेदना के साथ, राज्य सभा की सीट या कोई पद, इनका लक्ष्य………कोई सरकारी पद पद मिलते ही विदेशों में हिन्दी सम्मेलन, यहां फोटो वहां फोटो शब्दों की जोड़ी तोड़ लो जी गया काम हो गया काम हो गया काम नाम, पर साहित्य शून्य, भाषा शून्य, कल्पना शून्य, शून्य संवेदना शून्य। ये है उनके पूरब की संस्कृति, जी भर कर लिखेगें पर बच्चे कहीं संस्कृत नहीं पढ़ेंगे आक्सफोर्ड में पढेगें…
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प्रार्थनाएं धर्म की नहीं, भारतीयता की प्रचारक
Updated: January 13, 2018
– लोकेन्द्र सिंह देश के लगभग एक हजार केंद्रीय विद्यालयों में पढऩे वाले विद्यार्थियों को संस्कृत और हिंदी में प्रार्थना कराई जाती हैं। वर्षों से यह…
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