समाज कुफ्र का फ़तवा या वैचारिक कट्टरता?

कुफ्र का फ़तवा या वैचारिक कट्टरता?

ग़ुलाम रसूल देहलवी हाल ही में बिहार के मंत्री खुर्शीद आलम उर्फ फ़िरोज़ अहमद के “जय श्री राम” कहने पर इमारत-ए-शरिया नामी मदरसे से जुड़े मुफ्तियों की…

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विविधा विदेशी आतंक से मुक्त होती घाटी

विदेशी आतंक से मुक्त होती घाटी

संदर्भः- विदेशी आतंकी अबु दुजाना का सुरक्शाबलों के हाथों मारा जाना प्रमोद भार्गव सेना ने दुर्दांत आतंकियों की सूची में शामिल खुंखार आतंकी अबु दुजाना…

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राजनीति धारा 370 खत्म करने का वक्त

धारा 370 खत्म करने का वक्त

जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने दिल्ली की एक संगोष्ठी में जो कहा, वह नहीं कहती तो क्या कहतीं ? उन्होंने कहा कि यदि संविधान…

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धर्म-अध्यात्म क्या वेदों की रक्षा हो पाती यदि ऋषि दयानन्द वेद प्रचार न करते?

क्या वेदों की रक्षा हो पाती यदि ऋषि दयानन्द वेद प्रचार न करते?

मनमोहन कुमार आर्य महाभारत काल के बाद ऋषि दयानन्द पहले व्यक्ति हैं जिन्होंने वेदों को ईश्वरीय ज्ञान बताकर वेदों से सम्बन्धित अनेक तथ्यों पर प्रकाश…

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राजनीति सेक्युलर्टाइटिस के एक विषाणु के पंख झडे 

सेक्युलर्टाइटिस के एक विषाणु के पंख झडे 

किन्तु नरेन्द्र मोदी और भाजपाध्यक्ष अमित शाह की राजनीति को क्या कहा जाए ; ‘कूटनीति’ या ‘टूटनीति’ ? सच तो यह है कि राजनीति और…

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विविधा मैथिलीशरण गुप्त सच्चे अर्थों में राष्ट्रीय कवि थे

मैथिलीशरण गुप्त सच्चे अर्थों में राष्ट्रीय कवि थे

मैथिलीशरण गुप्त जयन्ती, 3 अगस्त 2017 के उपलक्ष्य में   ललित गर्ग ”पर्वतों की ढलान पर हल्का हरा और गहरा हरा रंग एक-दूसरे से मिले…

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धर्म-अध्यात्म वेदों के यौगिक, योगरूढ़ व रूढ़ शब्द

वेदों के यौगिक, योगरूढ़ व रूढ़ शब्द

मनमोहन कुमार आर्य सुप्रसिद्ध वैदिक विद्वान डा. रामनाथ वेदालंकार जी के वेद विषयक कुछ लेखों का ‘आर्ष ज्योति’ के नाम से एक संकलन स्वामी दीक्षानन्द…

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धर्म-अध्यात्म ऋषि दयानन्दोक्त वैदिक उपासना पद्धति ही विश्व की सर्वोत्तम पद्धति

ऋषि दयानन्दोक्त वैदिक उपासना पद्धति ही विश्व की सर्वोत्तम पद्धति

मनमोहन कुमार आर्य विश्व में मत-मतान्तर, पंथ, सम्प्रदाय, मजहब व रिलीजन तो अनेक हैं परन्तु धर्म एक ही है। उस धर्म को केवल धर्म अथवा…

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विविधा इन घोटालों पर कौन सोचेगा?

इन घोटालों पर कौन सोचेगा?

राकेश कुमार आर्य  भारत में ऐसी-ऐसी मूर्खताएं शासन स्तर पर की गयी हैं कि उनसे देश का भारी अहित हुआ है। आज जबकि मोदी…

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विविधा आखिरी दौर में हुर्रियत गैंग और पत्थरबाज

आखिरी दौर में हुर्रियत गैंग और पत्थरबाज

ललित कौशिक सांप मरने के काफी समय बाद फङफङाता रहता है, उसका फड़फड़ाना देखकर काफी समय तक लोग उसके नजदीक नही आते, नजदीक नही आने…

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व्यंग्य घुन और खत-पतवार  

घुन और खत-पतवार  

एक बार विजयनगर साम्राज्य के प्रतापी राजा कृष्णदेव राय ने अपने दरबारी तेनालीराम से पूछा कि साल में कितने महीने होते हैं ? तेनाली ने…

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राजनीति आओ! मोदी के नये भारत की अगवानी करें

आओ! मोदी के नये भारत की अगवानी करें

‘मन की बात’ करने वाले मोदीजी देश के लिये ही सोचते हैं, देश के लिये ही करते हैं, देश के लिये ही जीते हैं। जबकि…

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