कुफ्र का फ़तवा या वैचारिक कट्टरता?
Updated: August 3, 2017
ग़ुलाम रसूल देहलवी हाल ही में बिहार के मंत्री खुर्शीद आलम उर्फ फ़िरोज़ अहमद के “जय श्री राम” कहने पर इमारत-ए-शरिया नामी मदरसे से जुड़े मुफ्तियों की…
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विदेशी आतंक से मुक्त होती घाटी
Updated: August 2, 2017
संदर्भः- विदेशी आतंकी अबु दुजाना का सुरक्शाबलों के हाथों मारा जाना प्रमोद भार्गव सेना ने दुर्दांत आतंकियों की सूची में शामिल खुंखार आतंकी अबु दुजाना…
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धारा 370 खत्म करने का वक्त
Updated: August 2, 2017
जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने दिल्ली की एक संगोष्ठी में जो कहा, वह नहीं कहती तो क्या कहतीं ? उन्होंने कहा कि यदि संविधान…
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क्या वेदों की रक्षा हो पाती यदि ऋषि दयानन्द वेद प्रचार न करते?
Updated: August 2, 2017
मनमोहन कुमार आर्य महाभारत काल के बाद ऋषि दयानन्द पहले व्यक्ति हैं जिन्होंने वेदों को ईश्वरीय ज्ञान बताकर वेदों से सम्बन्धित अनेक तथ्यों पर प्रकाश…
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सेक्युलर्टाइटिस के एक विषाणु के पंख झडे
Updated: August 2, 2017
किन्तु नरेन्द्र मोदी और भाजपाध्यक्ष अमित शाह की राजनीति को क्या कहा जाए ; ‘कूटनीति’ या ‘टूटनीति’ ? सच तो यह है कि राजनीति और…
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मैथिलीशरण गुप्त सच्चे अर्थों में राष्ट्रीय कवि थे
Updated: August 2, 2017
मैथिलीशरण गुप्त जयन्ती, 3 अगस्त 2017 के उपलक्ष्य में ललित गर्ग ”पर्वतों की ढलान पर हल्का हरा और गहरा हरा रंग एक-दूसरे से मिले…
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वेदों के यौगिक, योगरूढ़ व रूढ़ शब्द
Updated: August 2, 2017
मनमोहन कुमार आर्य सुप्रसिद्ध वैदिक विद्वान डा. रामनाथ वेदालंकार जी के वेद विषयक कुछ लेखों का ‘आर्ष ज्योति’ के नाम से एक संकलन स्वामी दीक्षानन्द…
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ऋषि दयानन्दोक्त वैदिक उपासना पद्धति ही विश्व की सर्वोत्तम पद्धति
Updated: August 2, 2017
मनमोहन कुमार आर्य विश्व में मत-मतान्तर, पंथ, सम्प्रदाय, मजहब व रिलीजन तो अनेक हैं परन्तु धर्म एक ही है। उस धर्म को केवल धर्म अथवा…
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इन घोटालों पर कौन सोचेगा?
Updated: August 2, 2017
राकेश कुमार आर्य  भारत में ऐसी-ऐसी मूर्खताएं शासन स्तर पर की गयी हैं कि उनसे देश का भारी अहित हुआ है। आज जबकि मोदी…
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आखिरी दौर में हुर्रियत गैंग और पत्थरबाज
Updated: August 2, 2017
ललित कौशिक सांप मरने के काफी समय बाद फङफङाता रहता है, उसका फड़फड़ाना देखकर काफी समय तक लोग उसके नजदीक नही आते, नजदीक नही आने…
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घुन और खत-पतवार
Updated: August 2, 2017
एक बार विजयनगर साम्राज्य के प्रतापी राजा कृष्णदेव राय ने अपने दरबारी तेनालीराम से पूछा कि साल में कितने महीने होते हैं ? तेनाली ने…
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आओ! मोदी के नये भारत की अगवानी करें
Updated: August 2, 2017
‘मन की बात’ करने वाले मोदीजी देश के लिये ही सोचते हैं, देश के लिये ही करते हैं, देश के लिये ही जीते हैं। जबकि…
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