धर्म-अध्यात्म ऋषिभक्त आर्यों, नेताओं व विद्वानों का राग-द्वेष से मुक्त होना आवश्यक

ऋषिभक्त आर्यों, नेताओं व विद्वानों का राग-द्वेष से मुक्त होना आवश्यक

सत्यार्थप्रकाश को ऋषि दयानन्द सरस्वती जी का सबसे महत्वपूर्ण ग्रन्थ कह सकते हैं। इसके उत्तरार्ध के चार समुल्लासों में अन्तर्देशीय व दूर विदेशों में उत्पन्न…

Read more
राजनीति कहीं अपने होने का अर्थ ही न खो दें राहुल गांधी !

कहीं अपने होने का अर्थ ही न खो दें राहुल गांधी !

राहुल गांधी शुरू से ही राजनीति को लेकर दुविधा में दिखते रहे हैं। वे सार्वजनिक रूप से यहां तक कह चुके हैं कि सत्ता तो…

Read more
विधि-कानून बातचीत से सुलझ सकता है जाधव का मसला

बातचीत से सुलझ सकता है जाधव का मसला

जाधव के मामले में पाकिस्तानी राजनीति में जूतम पैजार शुरु हो गई है लेकिन यह संतोष का विषय है कि भारत में पक्ष और विपक्ष…

Read more
समाज सर्वोदयवादी और अन्त्योदयवादी लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था के लिए था हमारा संघर्ष

सर्वोदयवादी और अन्त्योदयवादी लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था के लिए था हमारा संघर्ष

भारतीय लोगों पर और विशेषत: हिंदुओं पर यह आरोप लगाया जाता है कि वे मुस्लिम शासकों का इसलिए विरोध कर रहे थे कि वे मुस्लिम…

Read more
धर्म-अध्यात्म पूजनीय प्रभो हमारे……भाग-15

पूजनीय प्रभो हमारे……भाग-15

इस श्लोक को देश के राजा (राष्ट्रपति) की पीठिका (गद्दी) के पीछे लिखने का उद्देश्य है कि यह देश आज भी सत्य का अनुसंधान करने…

Read more
शख्सियत सूना हो गया नदी का घर

सूना हो गया नदी का घर

एक वर्ष से केंद्रीय पर्यावरण मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे अनिल माधव दवे का जन्म 6 जुलाई, 1956 को उज्जैन के भदनगर में हुआ था।…

Read more
समाज मनुष्य जीवन के उत्थान का एक सरल उपाय

मनुष्य जीवन के उत्थान का एक सरल उपाय

मनुष्य जीवन में संगतिकरण का भी महत्व है। अच्छे लोगों की संगति का अच्छा परिणाम होता है और बुरे लोगों की संगति से मनुष्य का…

Read more
विविधा गोरे असुरों का भारत-अभियान अर्थात आधुनिक देवासुर संग्राम

गोरे असुरों का भारत-अभियान अर्थात आधुनिक देवासुर संग्राम

लूट-पाट को अपना पेशा बना चुके वे लोग उस तथाकथित ‘सभ्य समाज’ की राज-सत्ता और ‘रोमन-चर्च’ की धर्म-सत्ता के आतंक से भागे तो थे सभ्य-सम्पन्न…

Read more
धर्म-अध्यात्म आर्यसमाज के प्रचार की धीमी गति के कारणों पर विचार

आर्यसमाज के प्रचार की धीमी गति के कारणों पर विचार

आर्यसमाज के प्रचार की धीमी गति में आर्यसमाज में पदाधिकारियों व सदस्यों की गुटबाजी व उसके पीछे कुछ लोगों के निहित स्वार्थ यथा लोकैषणा, वित्तैषणा…

Read more
राजनीति तीन साल तो मात्र एक पड़ाव है

तीन साल तो मात्र एक पड़ाव है

अंतरराष्ट्रीय मंच पर आतंकवाद को नीति के रूप में प्रयोग कर रहे पाकिस्तान को भारत ने अलग थलग करने में भी सफलता हासिल की है…

Read more
समाज उपेक्षाओं के मध्य ‘दलित उड़ान’

उपेक्षाओं के मध्य ‘दलित उड़ान’

दलित समाज को जागृत करने के नाम पर मायावती तथा रामविलास पासवान जैसे और भी कई नेताओं को राजनैतिक रूप से काफी अवसर भी मिले।…

Read more
शख्सियत हमेशा अपने दमदार अभिनय से मां  के किरदार को जीवंत किया रीमा लागू ने (स्मृति-शेष)

हमेशा अपने दमदार अभिनय से मां  के किरदार को जीवंत किया रीमा लागू ने (स्मृति-शेष)

रीमा लागू का जन्म 1958 में हुआ था। रीमा के बचपन का नाम गुरिंदर भादभाड़े था। रीमा लागू जानीमानी मराठी एक्ट्रेस मंदाकनी भादभाड़े की बेटी…

Read more