समाज शमसोई गांव के वाल्मीकि समाज के लोग क्यों मुसलमान होना चाहते हैं ?

शमसोई गांव के वाल्मीकि समाज के लोग क्यों मुसलमान होना चाहते हैं ?

दूसरी तरफ कुछ सवालात उन लोगों से भी होने चाहिए जो लगता है कि इस्लाम मज़हब को दूसरों को ब्लैकमेल करने का ज़रिया समझ बैठे…

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दोहे माखन चखत मोहन रहत !

माखन चखत मोहन रहत !

माखन चखत मोहन रहत, गोपिन के मन गोपन रमत;

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धर्म-अध्यात्म ऋषिभक्त आर्यों, नेताओं व विद्वानों का राग-द्वेष से मुक्त होना आवश्यक

ऋषिभक्त आर्यों, नेताओं व विद्वानों का राग-द्वेष से मुक्त होना आवश्यक

सत्यार्थप्रकाश को ऋषि दयानन्द सरस्वती जी का सबसे महत्वपूर्ण ग्रन्थ कह सकते हैं। इसके उत्तरार्ध के चार समुल्लासों में अन्तर्देशीय व दूर विदेशों में उत्पन्न…

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राजनीति कहीं अपने होने का अर्थ ही न खो दें राहुल गांधी !

कहीं अपने होने का अर्थ ही न खो दें राहुल गांधी !

राहुल गांधी शुरू से ही राजनीति को लेकर दुविधा में दिखते रहे हैं। वे सार्वजनिक रूप से यहां तक कह चुके हैं कि सत्ता तो…

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विधि-कानून बातचीत से सुलझ सकता है जाधव का मसला

बातचीत से सुलझ सकता है जाधव का मसला

जाधव के मामले में पाकिस्तानी राजनीति में जूतम पैजार शुरु हो गई है लेकिन यह संतोष का विषय है कि भारत में पक्ष और विपक्ष…

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समाज सर्वोदयवादी और अन्त्योदयवादी लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था के लिए था हमारा संघर्ष

सर्वोदयवादी और अन्त्योदयवादी लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था के लिए था हमारा संघर्ष

भारतीय लोगों पर और विशेषत: हिंदुओं पर यह आरोप लगाया जाता है कि वे मुस्लिम शासकों का इसलिए विरोध कर रहे थे कि वे मुस्लिम…

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धर्म-अध्यात्म पूजनीय प्रभो हमारे……भाग-15

पूजनीय प्रभो हमारे……भाग-15

इस श्लोक को देश के राजा (राष्ट्रपति) की पीठिका (गद्दी) के पीछे लिखने का उद्देश्य है कि यह देश आज भी सत्य का अनुसंधान करने…

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शख्सियत सूना हो गया नदी का घर

सूना हो गया नदी का घर

एक वर्ष से केंद्रीय पर्यावरण मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे अनिल माधव दवे का जन्म 6 जुलाई, 1956 को उज्जैन के भदनगर में हुआ था।…

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समाज मनुष्य जीवन के उत्थान का एक सरल उपाय

मनुष्य जीवन के उत्थान का एक सरल उपाय

मनुष्य जीवन में संगतिकरण का भी महत्व है। अच्छे लोगों की संगति का अच्छा परिणाम होता है और बुरे लोगों की संगति से मनुष्य का…

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विविधा गोरे असुरों का भारत-अभियान अर्थात आधुनिक देवासुर संग्राम

गोरे असुरों का भारत-अभियान अर्थात आधुनिक देवासुर संग्राम

लूट-पाट को अपना पेशा बना चुके वे लोग उस तथाकथित ‘सभ्य समाज’ की राज-सत्ता और ‘रोमन-चर्च’ की धर्म-सत्ता के आतंक से भागे तो थे सभ्य-सम्पन्न…

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धर्म-अध्यात्म आर्यसमाज के प्रचार की धीमी गति के कारणों पर विचार

आर्यसमाज के प्रचार की धीमी गति के कारणों पर विचार

आर्यसमाज के प्रचार की धीमी गति में आर्यसमाज में पदाधिकारियों व सदस्यों की गुटबाजी व उसके पीछे कुछ लोगों के निहित स्वार्थ यथा लोकैषणा, वित्तैषणा…

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राजनीति तीन साल तो मात्र एक पड़ाव है

तीन साल तो मात्र एक पड़ाव है

अंतरराष्ट्रीय मंच पर आतंकवाद को नीति के रूप में प्रयोग कर रहे पाकिस्तान को भारत ने अलग थलग करने में भी सफलता हासिल की है…

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