पेंटिंग पर ’महाभारत’ …!
Updated: May 1, 2014
तारकेश कुमार ओझा आदमी गरीब हो अमीर…। उसके कुछ न कुछ शौक जरूर होते हैं। यह और बात है कि साधारणतः गरीब का शौक गरीबी…
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डराँव, डराँव नहीं हराओ, हराओ … नरेंदरवा हराओ!
Updated: April 30, 2014
-डॉ. मधुसूदन – सबेरे जागकर तनिक बाहर झाँक्यो, तो, क्या सुन रियो हूँ? जंगल से एक ध्वनि आ रही थीं। समझ नहीं पायो, कि काहेकी…
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विकासोन्मुखी शासन की भारतीय दिशा
Updated: April 30, 2014
-कन्हैया झा- आम-चुनाव 2014 के दौरान विकास के गुजरात मॉडल, बिहार मॉडल, आम-आदमी पार्टी का स्वराज मॉडल, आदि चर्चा में रहे. परन्तु चुनाव की गहमा-गहमी…
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‘हाथ’ के टूटने का समय आ गया है
Updated: April 30, 2014
-राकेश कुमार आर्य- 15 अगस्त 1947 को देश ने सदियों के स्वातंत्रय समर की अपनी लंबी साधना के पश्चात स्वतंत्रता प्राप्त की। अब देश के…
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चल फारूक अब्दुल्ला, दरिया में डूब जाएं!
Updated: April 29, 2014
-प्रवीण गुगनानी- शेख अब्दुल्ला परिवार के चिरागदीन फारुक अब्दुल्ला किसी भी स्थिति में सठियाये नहीं हैं और न ही वे अपना होश खो बैठे हैं!…
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नयी सरकार से उद्योग जगत को सफलता की आस
Updated: April 29, 2014
-डॉ. मयंक चतुर्वेदी- पिछले कई सालों से सरकार की नीतियों से मुरझाया और कुमलाहट से भरा उद्योग जगत आम चुनाव के बाद देश में बनने…
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फ़ारूक और उमर दे रहे अपनी भविष्य की राजनीति के संकेत
Updated: April 29, 2014
–डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री- आम तौर पर माना जाता है कि चुनाव के दिनों में नेता जो बोलते और कहते हैं, उसे ज़्यादा गंभीरता से…
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मोदी का युद्ध है चोरों से
Updated: April 29, 2014
-विपिन किशोर सिन्हा- पुरखों का युद्ध था गोरों से, मोदी का युद्ध है चोरों से। हे भारत मां के अनुपम सुत। जन-जन की आंखों के…
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कांग्रेस मुक्त भारत के संकेत
Updated: April 29, 2014
-प्रवीण दुबे- लोकसभा चुनाव अब अंतिम चरण में हैं। चुनाव की घोषणा से लेकर अभी तक देश की राजनीति में जो कुछ घटा है वास्तव…
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राष्ट्रभक्ति का प्रवाह कहीं रूक न पाये
Updated: April 29, 2014
-विनोद कुमार सर्वोदय- मुस्लिम समाज को मोदी जी का डर दिखाकर उनकी वोट लेने के लिये अन्य सभी पार्टियां एडी चोटी का जोर लगा रही…
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स्वराज की कामना और क्षत्रिय धर्म
Updated: April 29, 2014
-कन्हैया झा- “सर्वे भवन्तु सुखिनः” लेखों की कड़ी के अंतर्गत धर्म, अर्थ, काम एवं मोक्ष-वर्णाश्रम के इन चार पुरुषार्थों में से धर्म एवं अर्थ पर…
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बनारस- भारतीयता, सांस्कृतिक एकता का नाभिकुंड
Updated: April 29, 2014
-भारतचंद्र नायक- समर्थ भारत का आह्वान जलप्लावन के समय जब सृष्टि जलमग्न होने लगी, काशी विश्वनाथ ने अपने त्रिशूल पर पृथ्वी को स्थिर कर प्राणीमात्र…
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