मुझे समझ नहीं आता
Updated: May 22, 2014
-आजाद दीपक- तुझसे क्या बातें करूं मुझे समझ नहीं आता, इश्क करूं या सवाल! मुझे समझ नहीं आता; मेरी कहानी जब लिखेगा वो ऊपर वाला,…
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‘मोदी चालीसा’
Updated: May 21, 2014
-पीयूष कुमार द्विवेदी- > त्राहि-त्राहि जनता करे, तन-मन व्यापी पीर। > देख दशा निज देश की, भारत मातु अधीर॥ > भारत जर्जर नाव सा, अगम…
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16वीं लोकसभा चुनावों के चमत्कारिक तथ्य
Updated: May 21, 2014
-वीरेन्द्र सिंह परिहार- देश में एक बात कई वर्षों से जानी-मानी थी कि अब देश में जो भी सरकारें बनेंगी, वह किसी एक पार्टी के…
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नरेंद्र मोदी के सामने अर्थव्यवस्था की चुनौतियां
Updated: May 21, 2014
-नरेन्द्र देवांगन- आम चुनावों में देश के मतदाताओं ने कांग्रेस की कार्यशैली को पूरी तरह से नकार दिया है। पिछले एक दशक में अपनी सरकार…
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उन सभी भाजपाइयों को समर्पित जो चुनचुनकर आइंदा किनारे लगाए जाने वाले हैं
Updated: May 21, 2014
-श्रीराम तिवारी- आरएसएस की आनुशांगिक राजनैतिक आकांक्षा के रूप में कभी जनसंघ को, कभीं जनता पार्टी को और कभी वर्तमान बिकराल अमरवेलि रुपी ‘कमल’ छाप,…
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क्या लड़की कोई वस्तु है ?
Updated: May 21, 2014
-लक्ष्मी जायसवाल- लोग कहते हैं हम आधुनिक हो गए गए हैं। आज लड़के और लड़की में कोई फर्क नहीं। पर क्या ये बात पूरी तरह…
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अभी तक नहीं पच रही जीत
Updated: May 21, 2014
-सुरेश हिन्दुस्थानी- वर्तमान में देश में जिस प्रकार का राजनीतिक परिदृश्य उपस्थित हुआ है, उससे कई दल के नेता आघात के बाद की स्थिति में…
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ग्रामीण पेयजल समस्या और समाधान
Updated: May 21, 2014
-कन्हैया झा- अप्रैल 2013, सरिता ब्रारा के एक लेख के अनुसार देश के ग्रामीण क्षेत्र के लगभग 5 करोड़ लोगों को पीने का स्वच्छ पानी…
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भागवत, भाजपा और मोदी!
Updated: May 20, 2014
सफल रहा आरएसएस का ‘नरेंद्र मोदी प्रयोग’ -संजय द्विवेदी इस बात पर बहस हो सकती है कि भारतीय जनता पार्टी की इस ऐतिहासिक विजय का…
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नरेंद्र मोदीः सपनों को सच करने की जिम्मेदारी
Updated: May 20, 2014
संजय द्विवेदी भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक विजय ने सही मायने में राजनीतिक विश्वलेशकों के होश उड़ा दिए हैं। यह इसलिए भी है कि…
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हमारा गुंडा ‘कॉमरेड’, तुम्हारे लोग ‘लुंपेन’
Updated: May 20, 2014
सारे तर्क और समीकरण, नरेंद्रभाई दामोदरदास मोदी की जीत के बाद ही क्यों याद आ रहे हैं? लोकतंत्र की दुहाई देनेवाले कौमी क्या इसमें यकीन…
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‘प्रवक्ता’ के दफ्तर पहुंचे पंकज झा
Updated: May 20, 2014
हम हमेशा से मानते हैं कि ‘प्रवक्ता’ केवल प्रवक्ता ही नहीं, वैचारिक क्रांति का प्रतिरूप है। ‘प्रवक्ता’ एक परिवार की तरह है, जिसका सदस्य इस…
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