जरूर पढ़ें थोक के भाव बच्चे: खुदा की रहमत या ‘ज़हमत’

थोक के भाव बच्चे: खुदा की रहमत या ‘ज़हमत’

पृथ्वी पर हो रहे जनसंख्या विस्फ़ोट को लेकर पूरा विश्व चिंतित है। भूमंडल पर दिनोंदिन बढ़ते तापमान का भी यही एक मुख्य कारण है। ज़ाहिर…

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जरूर पढ़ें दाम्पत्य : जहां एक और एक का योग भी एक ही होता है

दाम्पत्य : जहां एक और एक का योग भी एक ही होता है

राकेश कुमार आर्य सार में किसी भी व्यक्ति से पूछा जाए कि एक और एक मिलकर कितने होते हैं? उत्तर आएगा कि दो होते हैं।…

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राजनीति सशक्त संगठन के लिए संवाद से विमुखता हानिकारक

सशक्त संगठन के लिए संवाद से विमुखता हानिकारक

भारत के राजनैतिक दलों में आजकल देखने में आ रहा है कि आंतरिक लोकतंत्रा में लगातार कमी आती जा रही है। उसके क्या कारण हैं,…

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कविता सपने  बेचना

सपने बेचना

वे सपने बेच रहे हैं एक अरसे से बेच रहे हैं भोर के नहीं दोपहर के सपने बेच रहे हैं तरह तरह के रंग बिरंगे…

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राजनीति अपने हुए पराए

अपने हुए पराए

आखिरकार भाजपा और जदयू का 17 साल पुराना रिश्ता टूट गया। नीतीश कुमार को नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद के लिए आगे बढ़ाए जाने पर…

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राजनीति जम्मू कश्मीर में आतंकवाद से लड़ने का सरकारी तरीका

जम्मू कश्मीर में आतंकवाद से लड़ने का सरकारी तरीका

जम्मू-कश्मीर सरकार ने शिव कुमार शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। शर्मा राज्य की पुलिस में सब इंस्पेकटर के पद पर काम कर रहे हैं…

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राजनीति संघीय गठबंधन की बढ़ी उम्मीद

संघीय गठबंधन की बढ़ी उम्मीद

आखिरकार 17 साल पुराने राजग गठबंधन से जदयू ने गांठ खोल ही दी। भाजपा द्वारा नरेंद्र मोदी को पार्टी में दी बड़ी ताकत के मद्देनजर…

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दोहे अस्पताल बीमार

अस्पताल बीमार

पैरों की तकलीफ से वो चलती बेहाल। किसी ने पीछे से कहा क्या मतवाली चाल।।   बी०पी०एल० की बात कम आई०पी०एल० का शोर। रोटी को…

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राजनीति आडवानी के त्यागपत्र के निहितार्थ

आडवानी के त्यागपत्र के निहितार्थ

भाजपा के कद्दावर नेता और भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी ने बिना इस बात का स्पष्ट शब्दों में उल्लेख किये कि वे गुजरात के…

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राजनीति कितने अजीब रिश्‍ते हैं यहां पर — सिद्धार्थ मिश्र “स्‍वतंत्र”

कितने अजीब रिश्‍ते हैं यहां पर — सिद्धार्थ मिश्र “स्‍वतंत्र”

कितने अजीब रिश्‍ते हैं यहां पर, दो  पल  मिलते हैं साथ साथ चलते हैं,जब मोड़ आये तो ,बच के निकलते हैं । बहुचर्चित चलचित्र पेज-३…

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चिंतन जहाँ व्यवसायिक मनोवृत्ति वहां न धर्म-कर्म न समाजसेवा

जहाँ व्यवसायिक मनोवृत्ति वहां न धर्म-कर्म न समाजसेवा

दुनिया में जहां मानवीय मूल्यों को प्रधानता प्राप्त है वहाँ लोक सेवा, परोपकार और सदाशयता के साथ ही तमाम नैतिक मूल्यों और आदर्शो को महत्त्व…

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विविधा राम का भोला भक्त

राम का भोला भक्त

इस धरती पर एक बड़ा सुन्दर देश भारत है| हालांकि आजकल पढ़े-लिखे सभ्य लोग इसे ‘इण्डिया’ कहते हैं पर चूँकि हम पर सभ्यता का नशा…

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