कविता कविता-आशा

कविता-आशा

 बीनू भटनागर वो अंधेरी राते, वो बेचैन सासे, कुछ आँसू ,कुछ आँहें, लम्बी डगर, कंटीली राहें। थके पैरों के ये छाले, डराने लगे वही साये,…

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व्यंग्य छंगाजी की नाक

छंगाजी की नाक

वैसे तो मुझे कटिंग कराने का कतई शौक नहीं है किंतु अच्छे खासे पुरुष को बेदर्द जमाने के लोग नारी की उपाधि से विभूषित न…

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राजनीति राजनीतिक अदूरदर्शिता के कारण ममता अकेली पड़ीं

राजनीतिक अदूरदर्शिता के कारण ममता अकेली पड़ीं

जगदीश्‍वर चतुर्वेदी ममता बनर्जी और सोनिया गांधी में कल तक मित्रता थी, इन दिनों दोनों नेत्रियों में छत्तीस का आंकड़ा है। ममता की राजनीतिक अदूरदर्शिता…

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विश्ववार्ता अस्मिता, वर्चस्व और अमेरिकी जेल व्यवस्था / जगदीश्‍वर चतुर्वेदी

अस्मिता, वर्चस्व और अमेरिकी जेल व्यवस्था / जगदीश्‍वर चतुर्वेदी

अमेरिका ने अपने देश में इस तरह की संस्कृति निर्मित की है जिसमें पुलिस और न्याय की हिंसा सामान्य और वैध लगती है। जिस तरह…

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गजल मुखलिसी– निस्वार्थता

मुखलिसी– निस्वार्थता

तीर ने ना तलवार ने मारा – हमको तो ऐतबार ने मारा ! जिसको निशाने पर रखा था – उसके ही पलटवार ने मारा !…

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आर्थिकी जब वरिष्ठ कांग्रेसी सांसद ने खुदरा में एफडीआई को राष्ट्र-विरोधी माना

जब वरिष्ठ कांग्रेसी सांसद ने खुदरा में एफडीआई को राष्ट्र-विरोधी माना

लालकृष्ण आडवाणी एनडीए सरकार के समय एक बार खुदरा में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश के (एफडीआई) मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस में तीखा वाद-विवाद हुआ। यह…

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कविता विजय निकोर की कविता : समय

विजय निकोर की कविता : समय

समय आजकल  बिजली की कौंधती चमक-सा  झट पास से सरक जाता है –  मेरी ज़िन्दगी को छूए बिना,  और कभी-कभी, उदास  गई बारिश के पानी-सा …

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कहानी बस थोड़ी सी समझदारी-प्रभुदयाल श्रीवास्तव

बस थोड़ी सी समझदारी-प्रभुदयाल श्रीवास्तव

धरमपुरा के राजा शिवपाल सिंह परोपकारी दयालु और अपनी प्रजा के बड़े हितैषी थे|आम जनता के कष्ट और दुख दर्द जानने के लिये वे सप्ताह…

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मीडिया मीडिया का स्वनियंत्रण बनाम बाह्यनियंत्रण और सर्वोच्च न्यायालय के दो निर्णय

मीडिया का स्वनियंत्रण बनाम बाह्यनियंत्रण और सर्वोच्च न्यायालय के दो निर्णय

रवि शंकर पिछले कुछ दिनों से मीडिया यानी कि पत्रकारिता पर अंकुश लगाए जाने की खबरें काफी चर्चा में रही हैं। सरकार जहां एक ओर…

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राजनीति कुछ पेड़ों पर पैसे लगते हैं प्रधानमंत्री जी

कुछ पेड़ों पर पैसे लगते हैं प्रधानमंत्री जी

डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री  प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पिछले दिनों देश को चेतावनी दी कि पैसे पेड़ों पर नहीं लगते । वे आर्थिक क्षेत्र में…

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महत्वपूर्ण लेख सार्थक जीवन जिया सुदर्शन जी ने / मा. गो. वैद्य

सार्थक जीवन जिया सुदर्शन जी ने / मा. गो. वैद्य

शनिवार १५ सितंबर २०१२ को पूर्व सरसंघचालक श्री सुदर्शन जी का रायपुर में निधन हुआ. कुप्पहळ्ळी सीतारामय्या सुदर्शन यह उनका पूरा नाम. वे जन्म से…

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विविधा हिन्दी की बढ़ती लोकप्रियता और हिन्दी का गिरता स्तर

हिन्दी की बढ़ती लोकप्रियता और हिन्दी का गिरता स्तर

 एक बार फिर हिन्दी दिवस पर सैकड़ों आयोजन हुए। जिनमें हिन्दी के बढ़ते महत्व पर व्याख्यान दिए गए, तो कहीं हिन्दी की गिरावट पर चर्चा…

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