ईसाइयत का लबादा और सत्य शोधक समाज
Updated: December 15, 2011
नन्दलाल शर्मा धर्म भी कमाल की चीज़ है। हर कोई इसे अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करता है। चाहे वो पिछड़ा वर्ग की राजनीति करने…
Read more
अनामिका घटक की कविता – नि:शब्द
Updated: December 15, 2011
खामोश हम तुम बात ज़िन्दगी से आँखों ने कुछ कहा धड़कन सुन रही है धरती से अम्बर तक नि:शब्द संगीत है मौसम की शोखियाँ भी…
Read more
वेलेंटाइन डे का सच
Updated: December 15, 2011
विजय कुमार बाजार भी बड़ी अजीब चीज है। यह किसी को भी धरती से आकाश या आकाश से धरती पर पहुंचा देता है। यह उसकी…
Read more
वेलेंटाइन : मैकाले से बड़ी लकीर खीचनी होगी !
Updated: December 15, 2011
आर. एल. फ्रांसिस मीडिया और बाजार वेलेंटाइन-डे के प्रचार-प्रसार में जुट गए है। आर्थिक मामलों के जानकारों का मानना है कि देश में वेलेंटाइन डे…
Read more
उत्तर प्रदेश में छिड़ी सत्ता हथियाने की जंग
Updated: December 15, 2011
निर्मल रानी देश का सबसे घना राज्य उत्तर प्रदेश संभवत: 2012 में विधानसभा के आम चुनावों का सामना करेगा। ज़ाहिर है इन चुनावों में सत्तारुढ़…
Read more
नवगीत/तूफ़ान सड़क पर
Updated: December 15, 2011
-रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’ जब देश लूटता राजा कोई करे कहाँ शिकायत , संसद में बैठे दागी एकजुट हो करें हिमायत ; बेहयाई नहीं टूटती ,…
Read more
पूंजीवाद जी का जंजाल… महंगाई-भ्रष्टाचार से दुनिया बदहाल…..
Updated: December 15, 2011
श्रीराम तिवारी आधुनिकतम उन्नत सूचना एवं प्रौद्द्योगिकी के दौर में विश्व-रंगमंच पर कई क्षणिकाएं-यवनिकाएं बड़ी तेजी से अभिनीत हो रहीं हैं . २१ वीं शताव्दी…
Read more
विश्व कप क्रिकेट की कहानी
Updated: December 15, 2011
ए एन शिबली एकदिवसीय क्रिकेट का सबसे पहला मैच 5 जनवरी 1971 को ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीचखेला गया। हुआ यह कि ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड…
Read more
भारतीय रेल की “ममता”
Updated: December 15, 2011
विजय सोनी भारतीय रेल दुनिया की सबसे बड़ी और व्यस्ततम रेलवे है। जापान, चीन या कई देश चाहे कितनी भी द्रुतगामी हवा से बात करनेवाली…
Read more
लोकतंत्र चाहती है मिस्र की जनता
Updated: December 15, 2011
कल सारी रात बीबीसी वर्ल्ड पर टीवी पर मिस्र का लाइव प्रसारण देख रहा था। उसमें दो भाषण भी सुने। पहला भाषण था राष्ट्रपति हुसैनी…
Read more
परिचर्चा: काला धन
Updated: April 9, 2014
भ्रष्टाचार देश की जड़ों को खोखला कर रहा है। भ्रष्टाचार के अनेक रूप हैं लेकिन काला धन इसका सबसे भयावह चेहरा है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था…
Read more
माओवादियों का सच
Updated: December 15, 2011
विश्वरंजन माओवादी दस्तावेजों में यह बात साफ है कि उनकी लोकतांत्रिक व्यवस्था और इस देश की न्याय व्यवस्था में कोई आस्था नहीं है और मूलत:…
Read more