विविधा शिक्षक ही समाज का शिल्पकार और मार्गदर्शक September 2, 2016 by ब्रह्मानंद राजपूत | Leave a Comment 05 सितंबर 2016 शिक्षक दिवस पर विशेष शिक्षक का दर्जा समाज में हमेशा से ही पूज्यनीय रहा है। कोई उसे गुरु कहता है, कोई शिक्षक कहता है, कोई आचार्य कहता है, तो कोई अध्यापक या टीचर कहता है ये सभी शब्द एक ऐसे व्यक्ति को चित्रित करते हैं, जो सभी को ज्ञान देता है, सिखाता […] Read more » Featured Teachers Day शिक्षक शिक्षक दिवस शिक्षक ही समाज का मार्गदर्शक शिक्षक ही समाज का शिल्पकार
राजनीति दलितों पर दंगल September 2, 2016 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment जय सिंह यहाँ देश में दलित−दलित का खेल खूब चल रहा है। हर प्रदेश में चौतरफा दलितों पर अत्याचार का रोना−रोया जा रहा है । हकीकत पर पर्दा डालकर हवा में तीर चलाये जा रहे हैं । दलितों का मसीहा बनने की होड़ में कई दल और नेता ताल ठोंक रहे हैं । दलितों को […] Read more » Featured दलितों पर दंगल देश में दलितों की आबादी राजनीति में दलितों की स्थिति
विविधा एक अचम्भा मैंने देखा- माडर्न इण्डिया में प्राचीन भारतीय शिक्षा ! September 2, 2016 / September 2, 2016 by मनोज ज्वाला | Leave a Comment मनोज ज्वाला अपने देश के गीने-चुने अत्याधुनिक शहरों में शुमार अहमदाबाद में पिछले दिनों मैंने एक अचम्भा सा देखा- मात्र एक सौ आठ बिद्यार्थियों तथा उन्हें पढाने-लिखाने-सिखाने में लगे एक सौ बीस गुरुओं-शिक्षकों और पैसठ शिक्षकेत्तर कर्मियों का एक अनुठा गुरूकुल । जीवन के विविध क्षेत्रों से जुडी समस्त विद्याओं और ७२ कलाओं की शिक्षा […] Read more » Featured उत्तमभाई जावनमल शाह गुरूकुलीय शिक्षण-पद्धति प्राचीन भारतीय शिक्षा मैकाले-अंग्रेजी शिक्षण पद्धति
पर्यावरण लेख साहित्य एक चिट्ठी, धर्माचार्यों के नाम September 1, 2016 by अरुण तिवारी | Leave a Comment संदर्भ: मूर्ति विसर्जन पर प्रधानमंत्री जी के मन की बात आदरणीय आचार्यवर, आम धारणा है कि मुख्य रूप से उद्योग, सीवेज और शहरी ठोस कचरा मिलकर हमारी नदियों को प्रदूषित करते हैं। इसीलिए प्रदूषण के दूसरों स्त्रोत, कभी किसी बङे प्रदूषण विरोधी आंदोलन का निशाना नहीं बने। समाज ने खेती में प्रयोग होने वाले रासायनिक […] Read more » Featured प्रधानमंत्री जी के मन की बात मूर्ति विसर्जन
कला-संस्कृति विविधा समय के साथ कदमताल करता संघ September 1, 2016 by लोकेन्द्र सिंह राजपूत | Leave a Comment लोकेन्द्र सिंह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रतिवर्ष दशहरे पर पथ संचलन (परेड) निकालता है। संचलन में हजारों स्वयंसेवक एक साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ते जाते हैं। संचलन में सब कदम मिलाकर चल सकें, इसके लिए संघ स्थान (जहाँ शाखा लगती है) पर स्वयंसेवकों को ‘कदमताल’ का अभ्यास कराया जाता है। स्वयंसेवकों के लिए इस […] Read more » Featured RSS Sangh समय के साथ कदमताल करता संघ
राजनीति विश्ववार्ता इंदिरा गांधी का बांग्लादेश – मोदी का बलूचिस्तान September 1, 2016 / September 1, 2016 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment एक जर्मन कहावत है क़ि ” इतिहास हमें सिखाता है कि हमने इतिहास से कुछ नहीं सीखा” , लेकिन लगता है कि नरेंद्र मोदी इस कहावत को झुठला कर इतिहास से कुछ सीख कर ही दम लेंगे !! बलूचिस्तान की जनता पर हो रहे अत्याचार, उनकें मानवाधिकारों का हनन और राजनैतिक स्वनिर्णय की बहाली का […] Read more » Featured इंदिरा गांधी इंदिरा गांधी का बांग्लादेश बलूचिस्तान बांग्लादेश मोदी का बलूचिस्तान
राजनीति केजरीवाल के नगीने September 1, 2016 / September 1, 2016 by विपिन किशोर सिन्हा | 13 Comments on केजरीवाल के नगीने महाभारत के अन्त में जब अर्जुन को यह ज्ञात हुआ कि कर्ण उनका सहोदर भ्राता था, तो उन्होंने श्रीकृष्ण से प्रश्न पूछा कि यह जानते हुए भी कि पाण्डव उसके सगे भाई हैं, कर्ण ने द्रौपदी के चीरहरण के लिए दुःशासन को क्यों प्रेरित किया, दुर्योधन के सारे षडयंत्रों में क्यों मुख्य […] Read more » Featured kejriwal tainted politicians in AAP केजरीवाल के नगीने सन्दीप कुमार सन्दीप कुमार की सेक्स सीडी
शख्सियत समाज माउंटेन मैन दशरथ मांझी की कहानी September 1, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी मांझी की पृष्ठभूमि:- अपनी पत्नी के पैर फिसलकर पहाड़ से गिर जाने के बाद दशरथ मांझी द्वारा वर्षों की मेहनत से पहाड़ का सीना चीरकर रास्ता बना देने की कहानी तो आपने सुनी ही होगी. बिहार में गया के करीब गहलौर गांव में दशरथ मांझी के माउंटन मैन बनने का सफर उनकी […] Read more » Featured Mountain Man Story of Dashrath Manjhi दशरथ मांझी माउंटेन मैन
समाज ढ़लती उम्र को पलायनवादी न बनने दे September 1, 2016 by ललित गर्ग | 1 Comment on ढ़लती उम्र को पलायनवादी न बनने दे ललित गर्ग- उम्र के हर लम्हें को जीभर कर जीना चाहिए और उनमें सपनों के रंगों की तरह रंग भरने चाहिए, हर पीढ़ी सपने देखती हंै और उन सपनों में जिन्दगी के रंग भरती है। ढलती उम्र के साथ विश्वास भी ढलने लगता है, लेकिन कुछ जीनियस होते हैं जो ढलती उम्र को अवरोध नहीं […] Read more » Featured ढ़लती उम्र को पलायनवादी न बनने दे
राजनीति एमनेस्टी इंटरनैशनल और दिग्विजय सिंह , प्रसंग जम्मू कश्मीर को लेकर एक नई बहस का August 30, 2016 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | Leave a Comment डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री एमनेस्टी इंटरनैशनल पश्चिम की एक ऐसी संस्था है जिसका दावा है कि वह दुनिया भर में मानवाधिकारों के उल्लंघन के मामलों को सूँघती है और उसके बाद उसका पर्दाफ़ाश करती है ताकि सम्बंधित देश की सरकार पर दबाब बनाया जा सके । इस संस्था ने अनेक देशों में अपनी शाखा […] Read more » Featured एमनेस्टी इंटरनैशनल दिग्विजय सिंह प्रसंग जम्मू कश्मीर
विश्ववार्ता क्या पाकिस्तान विभाजन की ओर जा रहा है? August 30, 2016 by सुरेश हिन्दुस्थानी | Leave a Comment ब्लूचिस्तान के बाद सिंध ने मांगी आजादी सुरेश हिन्दुस्थानी पाकिस्तान की ज्यादती के विरोध में ब्लूचिस्तान में उठ रहीं आवाजों में आज एक और स्वर शामिल हो गया। अब सिंध प्रांत में भी पाकिस्तान से आजादी प्राप्त करने की आवाजें सुनाई देने लगीं हैं। इससे हो सकता है कि पाकिस्तान अपनी स्वयं की करनी के […] Read more » divided Pakistan Featured पाकिस्तान विभाजन ब्लूचिस्तान सिंध
कहानी साहित्य सहयात्री August 30, 2016 by आर. सिंह | Leave a Comment बात उन दिनों की है, जब रेलगाड़ी में प्रथम श्रेणी में सफर करना बहुत बड़ी बात समझी जाती थी. श्रेणियाँ भी तो बहुत होती थी. प्रथम श्रेणी, द्वितीय श्रेणी, बीच में इंटरक्लास (हिंदी समतुल्य शब्द नहीं मिला) और फिर जनता की अपनी श्रेणी यानि तृतीयश्रेणी. वातानुकूलित डब्बे तो आम तौर पर गाड़ियों में होते ही […] Read more » Featured सहयात्री