आर्थिकी विविधा भारत गुलामी की ओर…….. August 7, 2015 / August 11, 2015 by संजय चाणक्य | Leave a Comment ‘‘ जिनके दिल में दर्द है दुनिया का, वही दुनिया मे जिन्दा रहते है! जो मिटाते है खुद को जीते जी, वही मरकर जिन्दा रहते है!!’’ अगर हम आपसे कहे कि भारत एक बार फिर गुलामी की ओर बढ़ रहा है, तो शायद आपकों कुछ अटपटा सा लगेगा। हो भी क्यों नही। क्योकि जहां से […] Read more » भारत गुलामी
आर्थिकी विविधा अर्थव्यवस्था की मुसीबत बढ़ाता सोना July 28, 2015 by प्रमोद भार्गव | 2 Comments on अर्थव्यवस्था की मुसीबत बढ़ाता सोना प्रमोद भार्गव सोने के लगातार गिरते भाव भारतीय अर्थव्यस्था को नुकसान पहुंचा रहे हैं। सोने के भाव गिरकर 25,500 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गए हैं। पिछले पांच साल में यह दर सबसे कम है। सोने के दामों में कमी के कई अंतरराष्ट्रिय कारण एक साथ बने हैं। लिहाजा सोने की मांग गिर गई है। […] Read more » अर्थव्यवस्था की मुसीबत सोना
आर्थिकी समाज अमीरी बनाम गरीबी July 11, 2015 by शैलेन्द्र चौहान | Leave a Comment शैलेन्द्र चौहान जनगणना के ताजा आंकडों के मुताबिक ग्रामीण इलाकों के तीन चौथाई परिवारों की आमदनी पांच हजार रुपए महीने से ज्यादा नहीं है। गांवों में रहने वाले बानबे फीसद परिवारों की आय प्रतिमाह दस हजार रुपए से कम है। शहरी इलाकों के आंकड़े फिलहाल जारी नहीं किए गए हैं। पर वे जब भी सामने […] Read more » अमीरी गरीबी
आर्थिकी विविधा विश्ववार्ता यूनान की अर्थव्यवस्था का पतन July 6, 2015 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | 1 Comment on यूनान की अर्थव्यवस्था का पतन डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री पश्चिमी देशों के मानकों के अनुसार यूनान विकसित देशों की कोटी में आता है । वह यूरोपीय यूनियन का सदस्य भी है । विकसित देशों के माडल का उदाहरण आम तौर विकासशील और पिछड़े देशों को इसलिये दिया जाता है ताकि वे भी इसका अनुसरण करें और प्रगति की सीढ़ियाँ फलांगते […] Read more » यूनान की अर्थव्यवस्था
आर्थिकी आमूल-चूल परिवर्तन से पूरा होगा सबके लिए घर का सपना June 22, 2015 / June 22, 2015 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | Leave a Comment -सिद्धार्थ शंकर गौतम- हाल ही में मोदी कैबिनेट ने सभी के लिए घर योजना को मंजूरी दे दी है जिसमें शहरी गरीबों तथा कम आय वर्ग के लिए मकानों का निर्माण किया जाएगा। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस सपने को पूरा करने के लिए देश के सभी 4011 शहरों और कस्बों में […] Read more » Featured आमूल-चूल परिवर्तन से पूरा होगा सबके लिए घर का सपना घर मकान
आर्थिकी झारखण्ड में कृषि रकबा बढ़ाने की कृषि विभाग की कवायद June 3, 2015 / June 3, 2015 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment -अशोक “प्रवृद्ध”- हमारे देश भारतवर्ष की उन्नति और समग्र विकास तथा देश की अर्थव्यवस्था में कृषि का अत्यन्त ही महत्त्वपूर्ण स्थान है और भारतवर्ष में आवश्यक खाद्यान्न की लगभग पूरी की पूरी आपूर्ति कृषि के माध्यम से ही की जाती है । आदिकाल से ही भारतीय कृषि देश के निवासियों के लिये जीवन-निर्वाह का सबसे […] Read more » Featured कृषि कृषि विभाग झारखण्ड झारखण्ड में कृषि रकबा बढ़ाने की कृषि विभाग की कवायद
आर्थिकी बदलती अर्थव्यवस्था में कम ह्रुए उपभोक्ता May 29, 2015 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment -प्रमोद भार्गव- नरेंद्र मोदी सरकार की उम्र एक वर्श हो गई है। इस एक साल के भीतर राजग सरकार ने वैश्विक फलक पर पूंजी निवेश का जो माहौल तैयार किया है, उससे भारतीय अर्थव्यवस्था के कायापलट की उम्मीद बढ़ी है। इसे और गति देने की मंशा से ही भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक और वस्तु एवं […] Read more » Featured अर्थव्यवस्था उपभोक्ता बदलती अर्थव्यवस्था में कम ह्रुए उपभोक्ता
आर्थिकी व्यंग्य पोटली में रुपया May 29, 2015 by अमित राजपूत | Leave a Comment -अमित राजपूत- आज जहां पैसों को पानी की तरह बहाया जा रहा है, उसके पर्दे की वो प्रथा समाप्त हो गयी जिसके रहते लोग पैसों से कभी साध्य की तरह व्यवहार नहीं करते थे, आज भिखारी भी एक का सिक्का स्वाभिमान में वापस कर देता है। आज के समय में जहां किसी दुकान से कुछ […] Read more » Featured पोटली में रुपया महंगाई पर व्यंग्य व्यंग्य
आर्थिकी टॉप स्टोरी व्यावहारिक मोहब्बतें और मौखिक नफरतें May 21, 2015 by संजय द्विवेदी | 1 Comment on व्यावहारिक मोहब्बतें और मौखिक नफरतें –रिटेल एफडीआई पर केंद्र सरकार के यू-टर्न के मायने क्या हैं- -संजय द्विवेदी- भारतीय जनता पार्टी की मोदी सरकार ने खुदरा व्यापार में 51 प्रतिशत एफडीआई के पूर्ववर्ती सरकार के निर्णय को जारी रखने का फैसला किया है। कभी इसी भाजपा ने 8 दिन संसद रोककर, हर राज्य की राजधानी में बड़ा प्रदर्शन आयोजित […] Read more » Featured एफडीआई रिटेल रिटेल एफडीआई पर केंद्र सरकार के यू-टर्न के मायने क्या हैं
आर्थिकी खुली आर्थिकी के 25 वर्ष, जरूरी जांच का वक्त May 21, 2015 by अरुण तिवारी | Leave a Comment -अरुण तिवारी- मोदी सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर, खासकर आर्थिक मोर्चे पर जगाई आशा का चहुंओर आकलन हो रहा है। डाॅलर के मुकाबले, रुपये के कमजोर होने पर महंगाई बढ़ने की चिंता व्यक्त की जा रही है। कहा जा रहा है कि मोदी, वैश्विक निवेशकों में अपने प्रति विश्वास जगाने में असमर्थ साबित […] Read more » Featured एनडीए सरकार खुली आर्थिकी खुली आर्थिकी के 25 वर्षः जरूरी जांच का वक्त मोदी सरकार मोदी सरकार के एक वर्ष
आर्थिकी लाभदायक सौदा नहीं रह जाने से कृषि-कार्य मौत को निमंत्रण देने से कम नहीं May 16, 2015 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | 1 Comment on लाभदायक सौदा नहीं रह जाने से कृषि-कार्य मौत को निमंत्रण देने से कम नहीं -अशोक “प्रवृद्ध”- आदिकाल से ही भारतवर्ष के अधिकांश लोगों की आजीविका का साधन कृषि और कृषि से सम्बद्ध व्यवसाय रही है, और भारतवर्ष के कृषि वैज्ञानिकों का दावा है कि कृषि क्षेत्र में हमने बहुत उन्नति भी की है, परन्तु इस वर्ष मार्च , रील के महीने में हुई बेमौसम आंधी-तूफ़ान, बारिश और ओले ने […] Read more » Featured कृषि कृषि कार्य खेती लाभदायक सौदा नहीं रह जाने से कृषि-कार्य मौत को निमंत्रण देने से कम नहीं
आर्थिकी जरूर पढ़ें व्यावहारिक मोहब्बतें और मौखिक नफरतें May 16, 2015 / May 16, 2015 by संजय द्विवेदी | 1 Comment on व्यावहारिक मोहब्बतें और मौखिक नफरतें -रिटेल एफडीआई पर केंद्र सरकार के यू-टर्न के मायने क्या हैं- -संजय द्विवेदी- भारतीय जनता पार्टी की मोदी सरकार ने खुदरा व्यापार में 51 प्रतिशत एफडीआई के पूर्ववर्ती सरकार के निर्णय को जारी रखने का फैसला किया है। कभी इसी भाजपा ने 8 दिन संसद रोककर, हर राज्य की राजधानी में बड़ा प्रदर्शन आयोजित कर […] Read more » Featured एफडीआई रिटेल रिटेल में एफडीआई व्यावहारिक मोहब्बतें और मौखिक नफरतें