आर्थिकी निजीकरण की ओर रेलवे March 5, 2013 / March 5, 2013 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव पिछले एक दशक के भीतर,आए रेल बजटों में यह रेल बजट न केवल कमजोर है,बलिक जनता में हताशा,अविश्वास और आक्रोश पैदा करने वाला है। बीते साल दिनेश त्रिवेदी ने जब रेल बजट प्रस्तुत किया था,तब उसमें साफगोर्इ तो थी ही,र्इमानदारी की झलक भी थी। रेल मंत्री पवन बंसल से उम्मीद थी की […] Read more » निजीकरण की ओर रेलवे
आर्थिकी आम बजट : ढ़ाक के तीन पात ! राजेश कश्यप March 4, 2013 by राजेश कश्यप | Leave a Comment बहुप्रतिक्षित वर्ष 2013-14 का बजट आ गया। बजट पर राजनीतिकों, समीक्षकों और समाचार विश्लेषकों के बीच तर्क-वितर्कों के तीखे तीर बड़ी तेजी से चल पड़े हैं, जोकि परंपरागत रूप से कई दिनों तक चलेंगे। विपक्ष ने बजट को सिरे से ‘कन्फूज्ड’ कहते हुए निराशावादी करार दे दिया है और रस्मी रिवाज को अटूट बनाते हुए […] Read more » आम बजट : ढ़ाक के तीन पात ! राजेश कश्यप
आर्थिकी आम आदमी की नब्ज टटोलता बजट ! March 2, 2013 by राजेश कश्यप | Leave a Comment राजेश कश्यप हरियाणा सरकार ने अपने वार्षिक बजट 2013-14 में आम आदमी को आकर्षित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है। वित्तमंत्री हरमोहिन्दर सिंह चट्ठा ने कुल 18000 करोड़ का बजट पेश किया, जोकि गतवर्ष की तुलना में 24 प्रतिशत अधिक है। इस बार भूपेन्द्र हुड्डा सरकार ने बजट के जरिए जबरदस्त गुगली फेंकी […] Read more »
आर्थिकी नये निजी बैंकों की प्रासंगिकता February 26, 2013 / February 26, 2013 by सतीश सिंह | 2 Comments on नये निजी बैंकों की प्रासंगिकता भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआर्इ) के द्वारा नये निजी बैंक खोलने से संबंधित अंतिम दिशा-निर्देश जारी करने के साथ ही नये निजी बैंकों को खोलने का रास्ता साफ हो गया है। अब कारपोरेटस, सरकारी क्षेत्र की इकाइयां और इकाइओं के समूह एवं गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) पूर्ण स्वामित्व वाली गैर-परिचालित वित्तीय होलिडंग कंपनियों (एनओएफएचसी) के माध्यम […] Read more » नये निजी बैंकों की प्रासंगिकता निजी बैंकों की प्रासंगिकता
आर्थिकी शक्कर की मिठास में कड़वाहट February 25, 2013 / February 25, 2013 by सतीश सिंह | 1 Comment on शक्कर की मिठास में कड़वाहट शक्कर की मिठास में कड़वाहट घोलने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। उत्पाद शुल्क फिलहाल तो नहीं बढ़ाया गया है, लेकिन महज इसकी चर्चा मात्र से बीते सप्ताह में इसके वायदा भाव में 2.5 प्रतिशत और हाजिर भाव में 1 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। तत्पश्चातक उत्तरप्रदेश में शक्कर का भाव (मिल कीमत) तकरीबन […] Read more » शक्कर
आर्थिकी भारत के जन विरोधी बजट व आर्थिक नीतियाँ February 25, 2013 by एडवोकेट मनीराम शर्मा | 1 Comment on भारत के जन विरोधी बजट व आर्थिक नीतियाँ देश की आजादी के समय हमारे पूर्वजों के मन में बड़ी उमंगें थी और उन्होंने अपने और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुन्दर सपने संजोये थे| आज़ादी से लोगों को आशाएं बंधी थी कि वे अपनी चुनी गयी सरकारों के माध्यम से खुशहाली और विकास का उपभोग करेंगे | देश में कुछ विकास तो अवश्य […] Read more » भारत के जन विरोधी बजट व आर्थिक नीतियाँ
आर्थिकी बाधाओं के बीच बजट-सत्र February 22, 2013 / February 22, 2013 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव भ्रष्टाचारों के स्थायी मुददों के चलते इस बार आम बजट को कर्इ बाधाएं पार करनी होंगी। इसी क्रम में सरकार का नरम रुख सामने आने लगा है। आम बजट पेश करते वक्त असहमतियां अतिवाद की हद तक न उभरें, इस नजरिये से लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने सर्वदलीय बैठक बुलाकर सहमति पर जोर […] Read more » बाधाओं के बीच बजट-सत्र
आर्थिकी लोकलुभावन बजट से लोकसभा की तैयारी: सिद्धार्थ मिश्र‘स्वतंत्र’ February 20, 2013 by सिद्धार्थ मिश्र “स्वतंत्र” | Leave a Comment उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बीते दिन अपने कार्यकाल का दूसरा बजट किया । उनके इस बजट से जैसी की सभी को आशा थी कोई भी सकारात्मक परिवर्तन होने की आशा नहीं दिखती । माननीय मुख्यमंत्री जो खुद को युवाओं का नेता होने का दावा करते हैं ने इस बजट से सभी को निराश किया […] Read more » लोकलुभावन बजट से लोकसभा की तैयारी
आर्थिकी भ्रष्टाचार के निराकरण से चमकेगा मनरेगा का सितारा February 7, 2013 / February 7, 2013 by सतीश सिंह | Leave a Comment पहली बार महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की वर्षगांठ पर संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (सप्रंग) सरकार ने इसके गुण-दोष की विवेचना की है। यह भी पहली बार हुआ है जब कांगेस पार्टी की अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गाँधी ने सार्वजनिक रुप से स्वीकार किया कि भ्रष्टाचार के कारण मनरेगा की छवि धूमिल पड़ रही हैै। […] Read more » भ्रष्टाचार के निराकरण से चमकेगा मनरेगा का सितारा
आर्थिकी बैंकिंग व्यवस्था और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी योजना February 6, 2013 / February 6, 2013 by सचिन कुमार जैन | Leave a Comment सचिन कुमार जैन 2 फरवरी 2013 को राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी क़ानून को भारत में लागू हुए आठ साल हो जा रहे हैं. अनुभव यह बताते हैं कि जब हम अपनी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिये नियम और प्रक्रियाएं बना रहे होते हैं तब समुदाय के सामने खडे होने वाले संकटों को पूरी तरह […] Read more »
आर्थिकी अराजकता बढ़ाएगी पेटोलियम कंपनियों को दाम बढ़ाने की छूट February 1, 2013 / February 1, 2013 by प्रमोद भार्गव | 2 Comments on अराजकता बढ़ाएगी पेटोलियम कंपनियों को दाम बढ़ाने की छूट प्रमोद भार्गव केंद्र सरकार मंहगार्इ बढ़ाकर जले पर नमक छिड़कने का काम कर रही है। पहले रेल में किराया वृद्धि और अब ज्वलनशील व खाध तेलों को मंहगा करने के उपायों को अंजाम देकर सरकार ने आम आदमी को जबरदस्त आर्थिक संकट में डाल दिया है। पेटोलियम पदार्थों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करके कंपनियों […] Read more »
आर्थिकी मंहगा हुआ रेल सफर का विरोध क्यों ? January 13, 2013 / January 16, 2013 by रवि शंकर (CEFS) | Leave a Comment रवि शंकर नए वित्तीय साल से पहले केंद्र सरकार ने आम आदमी को मंहगाई का एक और झटका दिया है। पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस के दामों में वृद्धि के बाद सरकार ने अब रेल सफर को महंगा करके आम जनता पर महंगाई का एक नया बोझ डाल दिया है। रेल मंत्री पवन बंसल ने रेलवे […] Read more » hike in railway fares