आर्थिकी भारत के बाजार से चीन मालामाल May 19, 2013 / May 19, 2013 by संजय स्वदेश | 2 Comments on भारत के बाजार से चीन मालामाल भारत के बड़े बाजार में धंधा कर चोखा मुनाफा बटोरने वाली कंपनियों की दो जमात है। एक वह जो अपने उत्पाद में थोड़ी बहुत गुणवत्ता देकर भारतीय व्यापारियों के ग्राहकों को लुभा रहे हैं, दूसरे वे हैं जो घटिया उत्पाद या धोखा देकर भारतीय व्यापारी, कपंनियां या ग्राहकों का पैसा हड़प ले रही हैं। संजय […] Read more » भारत के बाजार से चीन मालामाल
आर्थिकी दागदार हुए सरकारी बैंकों के दामन May 13, 2013 / May 13, 2013 by सतीश सिंह | Leave a Comment बेब पोर्टल कोबरा पोस्ट द्वारा किया गया यह दावा कि सरकारी बैंक भी धनशोधन का काम कर रहे हैं, बेहद ही सनसनीखेज एवं चौंकाने वाला खुलासा है। कोबरा पोस्ट ने अपने दूसरे स्टिंग आपरेशन रेड स्पाइडर पार्ट-2 में दावा किया है कि सार्वजनिक क्षेत्र के 12 बैंक (भारतीय स्टेट बैंक, बैंक औफ़ बड़ौदा, पंजाब नेशनल […] Read more » दागदार हुए सरकारी बैंकों के दामन
आर्थिकी वेदांता समूह को बाक्साइट खनन में झटका May 3, 2013 / May 3, 2013 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment न्यायालय से मिली ग्रामसभा को शक्ति संदर्भ:- वेदांता समूह को बाक्साइट खनन में झटका – प्रमोद भार्गव वेदांता जैसी खनिज उत्खनन की बहुराष्ट्रीय कंपनी और ओड़ीसा राज्य सरकार को शायद पहली बार अहसास हुआ है कि पंचायत राज और ग्रामसभा के अधिकारों की कितनी अहम भूमिका ग्राम विकास में अतंनिर्हित है। पंचायत और वनाधिकार कानून […] Read more » वेदांता समूह
आर्थिकी ठगी का काला कारोबार April 28, 2013 / April 28, 2013 by सतीश सिंह | 2 Comments on ठगी का काला कारोबार शारदा समूह द्वारा किये गये 20000 करोड़ रुपये के घोटाले में धोखाधड़ी के लिए सिर्फ वित्तीय नियामकों को दोषी नहीं माना जा सकता। वर्तमान समय में देश में अनेकानेक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ काम कर रही हैं, जिनमें से अधिकांष चिट-फंड का ध्ंाधा करती हैं और हालिया समय में उनपर निगरानी रखने में हमारी वित्तीय नियामक […] Read more » ठगी का काला कारोबार
आर्थिकी आखिर भूमि अधिग्रहण विधेयक किसके लिए ? April 25, 2013 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव भूमि अधिग्रहण विधेयक पर सरकार और विपक्ष के बीच आम सहमति लगभग बन गर्इं है, लेकिन इसके साथ ही यह चिंता व सवाल भी उठने लगे हैं कि आखिरकार यह कानून किसके हितों के लिए बनाया जा रहा है ? क्योंकि शुरुआत में विधेयक का जो मसौदा ग्रामीण विकास मंत्रालय सामने लाया था, […] Read more » भूमि अधिग्रहण विधेयक
आर्थिकी कोयले की दलाली में घिरी सरकार April 22, 2013 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव कोयला खदानों के आवंटन में हुए घोटाले में सरकार घिरती नजर आ रही है। इस घोटाले की जांच के सिलसिले में सीबीआई द्वारा शीर्ष न्यायालय में पेश की जाने वाली रिपोर्ट के परिप्रेक्ष्य में कानून मंत्री अश्विनी कुमार व सीबीआई के प्रमुख अधिकारियों के बीच हुई बैठक मनमोहन सिंह सरकार के लिए […] Read more » कोयले की दलाली में घिरी सरकार
आर्थिकी बैंकों के लिए फीकी पड़ती सोने की चमक April 22, 2013 / April 22, 2013 by सतीश सिंह | Leave a Comment dबीते सालों में बैंकों ने बिजनेस बढ़ाने के लिए गोल्ड लोन को अपना हथियार बनाया था। मोटे तौर पर माना जाये तो वित्तीय वर्ष 2010-2011 से बैंकों ने गोल्ड लोन बाँटने के मामले में तत्परता दिखानी शुरु की, जो वित्तीय वर्ष 2012-13 के अंत आते-आते अपनी पराकाष्ठा पर पहुँच गया। जानकारों के अनुसार वर्ष, 2009 […] Read more » बैंकों के लिए फीकी पड़ती सोने की चमक
आर्थिकी क्या हम आजाद है? April 22, 2013 by विकास कुमार गुप्ता | 1 Comment on क्या हम आजाद है? ईस्ट इंडिया कंपनी को चार्टर निर्गत होता है भारत के लियें। 20-20 साल के लिये इसे चार्टर (अधिकार पत्र) दिया जाता रहा। पहला चार्टर सन् 1600 में दिया गया। ब्रिटिश संसद में परिचर्चा के दौरान बिलियम फोर्स कहता है कि हमें भारत में फ्री ट्रेड करना है। और वह फ्री ट्रेड का अर्थ समझाते हुए […] Read more »
आर्थिकी बड़ा और बेहाल भारत – कैसे मिले गरीबों को राहत ? April 22, 2013 by मिलन सिन्हा | Leave a Comment मिलन सिन्हा हाल ही में योजना आयोग के उपाध्यक्ष ने देश में गरीबी 2% कम होने की बात कही है । आप देश में कहीं भी, गाँव, क़स्बा, नगर या महानगर, चले जाएँ आपको एक बड़ा, पर बेहाल भारत और एक छोटा, पर शाइनिंग इंडिया दिख जायेगा। 65 साल के इस आजाद लोकतान्त्रिक देश में,जिसके […] Read more » कैसे मिले गरीबों को राहत ? बड़ा और बेहाल भारत
आर्थिकी अपनी नाकामी का ठीकरा गरीबों पर फोड़ते सुब्बाराव April 16, 2013 by इफ्तेख़ार अहमद | Leave a Comment रिजर्व बैंक की लाख कोशिशों के बावजूद देश में खाद्य महंगाई दर दहाई के अंक पर बनी हुई है। बढ़ती महंगाई से आम आदमी परेशान है। इस महंगाई डायन ने गरीबों की थाली से सब्जी को छू-मंतर कर दिया है। लेकिन, इन सबसे बेपरवाह रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर डी. सुब्बाराव को गरीबों की […] Read more »
आर्थिकी नाबार्ड और वित्तीय समावेशन April 16, 2013 / April 16, 2013 by निधि चौधरी | Leave a Comment निधि चौधरी पिछले तीन दशकों से राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक अर्थात नाबार्ड वित्तीय समावेशन और समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है । वर्ष 1982 में नाबार्ड की स्थापना ग्रामीण विकास और कृषि के संवर्धन की दृष्टि से की गई और नाबार्ड ने ग्रामीण इलाकों में कार्य कर रहे वाणिज्यिक […] Read more » NABARD
आर्थिकी दागदार हैं निजी बैंक के दामन April 13, 2013 by सतीश सिंह | Leave a Comment आनलार्इन बेबपोर्टल कोबरा पोस्ट द्वारा आर्इसीआर्इसीआर्इ बैंक, एचडीएफसी बैंक और एकिसस बैंक के विरुद्ध धन शोधन का आरोप लगाया गया है। कोबरा पोस्ट के एसोसिएट संपादक सैयद मसरुर हसन ने सिटंग आपरेशन की सहायता से एक डाक्यूमेंट्री फिल्म बनार्इ है, जिसका फिल्मांकन उन्होंने देश भर में निजी बैंकों की 40 शाखाओं में जाकर किया है। […] Read more » दागदार हैं निजी बैंक के दामन