आर्थिकी पोस्ट बैंक आफ इंडिया और वितीय समावेषन की चुनौतियाँ January 11, 2013 / January 11, 2013 by सतीश सिंह | Leave a Comment नकदी हस्तांतरण योजना को पूरे देश में वर्ष 2013 में लागू करवाना संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। पूर्व में यह योजना 1 जनवरी, 2013 से देश के 51 जिलों में शुरु की जाने वाली थी, जो चिनिहत जिलों में वितीय समावेषन के अभाव में शुरु नहीं की […] Read more »
आर्थिकी मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार से लड़ता लोकायुक्त January 10, 2013 / January 10, 2013 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव भ्रष्टाचार से कारगर ढंग से निपटने के लिए यह जरुरी है कि निगरानी और जांच का तंत्र मजबूत हो, जिससे राज्यों में लोकायुक्तों की भूमिका जमीनी धरातल पर और मजबूती से पेश आ सके। हालांकि वर्तमान में जिन राज्यों में, जितने भी कानूनी अधिकारों के साथ लोकायुक्त काम कर रहे हैं, उनके नतीजे […] Read more » ombudsmen
आर्थिकी 2013 की चिंता और चुनौतियां January 2, 2013 / January 2, 2013 by डॉ0 आशीष वशिष्ठ | Leave a Comment डॉ. आशीष वशिष्ठ बनने-बिगडऩे के ढेरों कारनामें अपने दामन में समेटकर 2012 भारी जनाक्रोश, आंदोलन और लोकतंत्र के चारों खंभों को हिलाकर विदा हो गया। बीता हुआ वर्ष कई कारणों से आने वाले कई वर्षों तक याद रखा जाएगा। विदा होते-होते देश के दामन पर दामिनी बलात्कार कांड का गहरा दाग लगा जिसने विश्व […] Read more » problems in 2013
आर्थिकी मजबूत बैंकिंग व्यवस्था के बिना नकद सब्सिडी योजना संभव नहीं December 18, 2012 by सतीश सिंह | Leave a Comment सतीश सिंह सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को खत्म करके नकद सब्सिडी योजना को लागू करना चाहती है। इस योजना के तहत सरकार गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) रहने वाले परिवारों के सदस्य के खातों में सीधे पैसा जमा करवाने की व्यवस्था करेगी। फिलहाल इस योजना को देश के 18 राज्यों के 51 जिलों में […] Read more » नकद सब्सिडी योजना
आर्थिकी एफ डी आई बनाम सीबीआई यानी जननीति पर राजनीति भारी? December 14, 2012 / December 14, 2012 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 5 Comments on एफ डी आई बनाम सीबीआई यानी जननीति पर राजनीति भारी? इक़बाल हिंदुस्तानी आखि़र सपा बसपा के सपोर्ट की बिल्ली थैले से बाहर आ ही गयी! राष्ट्र कवि रामधारी सिंह दिनकर ने कहा था कि ‘‘समर शेष है, नहीं पाप का भागी केवल व्याध, जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध’’। लोकसभा में मल्टीब्रांड एफडीआई पर विपक्ष का प्रस्ताव 218 के मुकाबले 253 मतों से […] Read more » FDI
आर्थिकी एफडीआई: संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है…….. December 14, 2012 / December 14, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | 1 Comment on एफडीआई: संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है…….. संजय पराते प्रत्यक्ष विदेषी निवेश (एफडीआई) पर संसद के अंदर बहस और मतदान के पैटर्न से यह साफ हो गया है कि तथाकथित क्षेत्रीय पार्टियों का आम जनता के व्यापक हितों – जिसको अक्सर राष्ट्रीय हितों के रुप में परिभाषित किया जाता है- से कोई सरोकार नहीं रह गया है। इन दलों का पूरा रवैया […] Read more » एफडीआई
आर्थिकी किराना व्यापार में विदेशी निवेश की खुल रहीं पर्तें — December 13, 2012 / December 13, 2012 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | 2 Comments on किराना व्यापार में विदेशी निवेश की खुल रहीं पर्तें — डा कुलदीप चन्द अग्निहोत्री सोनिया कांग्रेस की सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि हंसी ठिठोली बहुत हो ली , अब भारत में किराना व्यापार के क्षेत्र में विदेशी निवेश को कोई नहीं रोक सकता । प्रधानमंत्री खुद भी अर्थ शास्त्र ही पढ़े हुये हैं और काफ़ी देर तक लोगों को यह विद्या […] Read more » FDI
आर्थिकी एफडीआई के दूरगामी परिणाम बेहद घातक December 8, 2012 / December 8, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | 8 Comments on एफडीआई के दूरगामी परिणाम बेहद घातक बीपी गौतम विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफडीआई) देश भर में चर्चा का विषय बना हुआ है, लेकिन आम आदमी एफडीआई के बारे में इतना सब होने के बाद भी कुछ ख़ास नहीं जानता। असलियत में एफडीआई को लेकर आज जो कुछ हो रहा है, उसकी नींव वर्ष 1991 में ही रख दी गई थी। विदेशी […] Read more » एफडीआई के दूरगामी परिणाम
आर्थिकी एफडीआइ पर कड़ी अग्निपरीक्षा-अरविंद जयतिलक December 3, 2012 by अरविंद जयतिलक | Leave a Comment एफडीआइ पर सत्तापक्ष और विपक्ष की खींचतान के बीच यह शुभ संकेत है कि दोनों पक्ष सदन चलाने को राजी हो गए हैं। यूपीए सरकार ने अपनी जिद् का परित्याग कर मत विभाजन वाले नियम के तहत चर्चा की हामी भर दी है। शीतकालीन सत्र के पहले दिन से ही विपक्ष अपनी मांग पर अड़ा […] Read more » एफडीआई
आर्थिकी नैतिक तकाजों से परे एफडीआई का मुद्दा December 3, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | 2 Comments on नैतिक तकाजों से परे एफडीआई का मुद्दा प्रमोद भार्गव राष्ट्रीय मुद्दा बना खुदरा व्यापार में प्रत्यक्ष पूंजी निवेश के मद्देनजर धारा 184 के तहत जो बहस अथवा महाबहस हो रही हैं, उसका वास्ता अब मौकापरस्ती से रह गया है। क्योंकि संप्रग सरकार के जो घटक दल सपा, बसपा और द्रमुक कल तक जिस निवेश के विरोध में थे, वे राजनीतिक जोड़-तोड़ की […] Read more » एफडीआई
आर्थिकी क्यों मनाया जाता है अमेरिका में स्माल बिज़नेस शनिवार? November 30, 2012 by अरुण कान्त शुक्ला | 5 Comments on क्यों मनाया जाता है अमेरिका में स्माल बिज़नेस शनिवार? अरुण कान्त शुक्ला कभी कभी बात को चुटकुले से शुरू करना भी अच्छा होता है। एक बार संता की भैंस बीमार पड़ गई। संता ने बंता से पूछा, जब तुम्हारी भैंस बीमार पड़ी थी तब तुमने भैंस को क्या दवाई दी थी? बंता बोला मैंने उसे सरसों के तेल में गुड़ मिलाकर खिलाया था। संता […] Read more » एफडीआई
आर्थिकी डा. मनमोहन सिंह ने 2002 में कहा था: खुदरा में एफडीआई रोजगार को नष्ट कर देगा November 30, 2012 / November 30, 2012 by लालकृष्ण आडवाणी | Leave a Comment लालकृष्ण आडवाणी अपने पिछले ब्लॉग में मैंने स्मरण कराया था कि एनडीए सरकार के समय कांग्रेस पार्टी के तत्कालीन मुख्य सचेतक श्री प्रियरंजन दासमुंशी ने खुदरा में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश सम्बन्धी योजना आयोग की सिफारिश का संदर्भ देते हुए वाजपेयी सरकार द्वारा ऐसा ‘राष्ट्र-विरोधी‘ काम करने की दिशा में बढ़ने की निंदा की थी। वाणिज्य […] Read more » एफडीआई