कविता तुम आदमी हो इसलिए आदमी से प्यार नही करते January 27, 2021 / January 27, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकतुम आदमी हो इसलिए आदमी से प्यार नहीं करतेतुम आदमी हो इसलिए आदमी सेआदमी जैसा सद् व्यवहार नही करतेतुम आदमी हो इसलिएआदमी से घृणा और आदमी का संहार करते! तुम आदमी हो इसलिए हो गए कायरबेजुबान पशु पक्षी होते तो जटायु बनकरसीता की बेटियों; निर्भया,प्रियंका,पूजा भारतीऔर तमाम श्रद्धा-हौआ-मरियम मां सदेही कोनवरावण से अपहृत/बलात्कृत/मृत […] Read more » तुम आदमी हो इसलिए आदमी से प्यार नही करते
लेख सार्थक पहल मजबूत हौसले ने दी उड़ान January 27, 2021 / January 27, 2021 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment रमा शर्मा टोंक, राजस्थान पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए कहा था कि पिछले कुछ वर्षों में देश में मुस्लिम बालिका शिक्षा की दर में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। पहले की अपेक्षा स्कूल जाने वाली मुस्लिम बालिकाओं की संख्या बढ़ी है। स्कूलों में लड़कियों के […] Read more » राजस्थान का घुमंतु मुस्लिम बंजारा समुदाय
महिला-जगत लेख यौन शोषण के नित्य नए तर्क व परिभाषायें January 27, 2021 / January 27, 2021 by निर्मल रानी | Leave a Comment Read more » यौन शोषण के नित्य नए तर्क
लेख बड़ा सवाल ; दिल्ली में हुई घटना का जिम्मेदार कौन, जवाब ; हम सब.. January 27, 2021 / January 27, 2021 by सुशील कुमार नवीन | Leave a Comment सुशील कुमार ‘नवीन’ 26 जनवरी को दिल्ली में जो हुआ। गलत हुआ। ऐसा नहीं होना चाहिए था। किसानों का यह तरीका न्यायसंगत नहीं है। किसान नहीं, ये तो खालिस्तानी हैं। उपद्रवी हैं। आंतकवादी हैं। गुंडे हैं। विपक्षी दलों के कार्यकर्ता हैं। पड़ौसी मुल्क द्वारा प्रायोजित हैं। और भी न जाने क्या-क्या। मंगलवार दोपहर बाद यदि […] Read more » kisan andolan delhi riot दिल्ली में हुई घटना का जिम्मेदार कौन
कविता तुम बेटा नहीं, बेटी ही हो January 26, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —–विनय कुमार विनायकबड़ा कठिन है एक पिता के लिएपुत्र और कन्या में अंतर जान पानाएक किसान की तरह पिता भीनिष्काम भाव से विसर्जित करता है बीजरजस्वला धरती में बिना विचारेकि कौन सा बीज नर है/कौन सा नारायणी! दूर सोरीघर से आती किहूं-किहूं की पुकार काफी हैएक पिता के पितृसुख पाने के लिएपिता; पुत्र या कि […] Read more » तुम बेटा नहीं बेटी ही हो
कविता निर्धन January 26, 2021 / January 26, 2021 by आलोक कौशिक | Leave a Comment पसंद नहीं वर्षा के दिननहीं भाती पूस की रातमिट्टी का घर है उसकानिर्धनता है उसकी ज़ात श्रम की अग्नि में जब वहपिघलाता है कृशकाय तनतब उपार्जन कर पाता हैअपने बच्चों के लिए भोजन उसकी छोटी-सी भूल पर भीउठ जाता सबका उस पर हाथदर्शक सब उसकी व्यथा केनहीं देता कोई उसका साथ मुख से नहीं बताता […] Read more » निर्धन
कविता गणतंत्र January 26, 2021 / January 26, 2021 by आलोक कौशिक | Leave a Comment दुनिया करती हैउस राष्ट्र का सम्मानजिसके पास होता हैअपना संविधान जनता में समाहितहोती है जब सत्तातब किसी देश कागणतंत्र है बनता भारत भी हुआ थातब पूर्ण स्वतंत्रमनाया था इसनेजब दिवस गणतंत्र स्वतंत्रता से भी अधिककरनी पड़ी थी प्रतीक्षाभेदभाव भुलाकर करेंइस गणतंत्र की सुरक्षा ✍️ आलोक कौशिक Read more » poem on republic गणतंत्र
कविता बच्चों का पन्ना हमारा प्यारा गणतंत्र दिवस January 26, 2021 / January 26, 2021 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment आओ सब मिलकर गणतंत्र दिवस मनाए ,इसे विश्व का हम सबसे बड़ा गणतंत्र बनाएं,लागू हुआ था इस दिन नव निर्मित संविधान,जिसमे है नागरिकों के सब अधिकार समान,भेदभाव की इसमें कहीं कोई नहीं है नीति,चाहे हो वह किसी प्रकार की भी हो नीति। दिल्ली के राजपथ पर है हम सब इसे मनाते ,सब मिलकर सब इसे […] Read more » poem on republc day हमारा प्यारा गणतंत्र दिवस
महिला-जगत लेख आधी आबादी का गणतंत्र January 25, 2021 / January 25, 2021 by सोनम लववंशी | 1 Comment on आधी आबादी का गणतंत्र 26 जनवरी 1950 को भारतीय गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह वही दिन है, जब आजाद भारत की नींव रखी गयी थी। 26 जनवरी 1950 को भारत सरकार अधिनियम 1935 को हटाया गया तथा भारत का संविधान लागू किया गया था। संविधन ही है जिसने हमें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक कराया। […] Read more » Half population republic आधी आबादी का गणतंत्र
कविता कर्तव्य (स्त्री का रक्षक) January 25, 2021 / January 25, 2021 by संध्या शर्मा | Leave a Comment भावनाओं की उत्कृष्टता का,आदर्शवादिता का, प्रेम –समर्पण का समुद्र भरता हैदिव्य ग्रंथ रामायण महकाव्य गढ़ता है।। एक बूढ़ा पक्षीएक स्त्री की रक्षा करता है,उम्र से हारा जटायू भीएक विचार करता है,तू काहे इस झगड़े मेंपड़ता है,अपने पेड़ पर बैठा रह,मन की कमजोरी से हारा हैतभी जटायू का वर्चस जागा हैबूढ़ा हुआ तो क्या हुआअनीति के […] Read more » कर्तव्य
कविता बेटी अतिथि भर होती January 25, 2021 / January 25, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment –विनय कुमार विनायककिसी बेटी से पूछोकितना त्रासद हैअपनी जननी-जन्मभूमि के लिएमेहमान हो जाना! बेटी जो जन्म लेती बेटे के मानिंदएक जोड़ी जिस्म केएकीकृत रज-वीर्य से संपृक्त! एकमेव गुणसूत्रों के योग सेएकाकार पारद सा द्विआत्माओं केअद्वैत मिलन से एक समान! कन्या दान के बाद हीकरार दिया जाता मेहमानदहलीज लांघते ही हो जातापितृगृह स्मृतिशेष मायका! भाई-बहन के […] Read more » बेटी अतिथि भर होती
कविता नजर झुकाये बेटियाँ January 25, 2021 / January 25, 2021 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment कभी बने है छाँव तो, कभी बने हैं धूप !सौरभ जीती बेटियाँ, जाने कितने रूप !! जीती है सब बेटियाँ, कुछ ऐसे अनुबंध !दर्दों में निभते जहां, प्यार भरे संबंध !! रही बढाती मायके, बाबुल का सम्मान !रखती हरदम बेटियाँ, लाज शर्म का ध्यान !! दुनिया सारी छोड़कर, दे साजन का साथ !बनती दुल्हन बेटियाँ, […] Read more » नजर झुकाये बेटियाँ