राजनीति सपा में फिर बढ़ी अंदरुनी कलह December 28, 2016 by सुरेश हिन्दुस्थानी | Leave a Comment सुरेश हिन्दुस्थानी उत्तरप्रदेश में समाजवादी पार्टी में कोहराम थमने का नाम नहीं ले रहा है, प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव अपने राजनीतिक अस्तित्व का प्रदर्शन यदाकदा करते हुए दिखाई देते हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव चाहते हैं कि प्रदेश की जनता सपा सरकार के प्रदर्शन के आधार पर ही विरोध या समर्थन करेंगे। ऐसे में एक […] Read more » Featured upelection विधानसभा चुनाव
राजनीति चुनावी चंदे में पारदर्शिता का सवाल December 28, 2016 / December 28, 2016 by प्रमोद भार्गव | 1 Comment on चुनावी चंदे में पारदर्शिता का सवाल जिस ब्रिटेन से हमने संसदीय सरंचना उधार ली है,उस बिट्रेन में परिपाटी है कि संसद का नया कार्यकाल शुरू होने पर सरकार मंत्री और संासदो की संपति की जानकारी और उनके व्यावसायिक हितों को सार्वजानिक करती है। अमेरिका में तो राजनेता हरेक तरह के प्रलोभन से दूर रहें, इस दृष्टि से और मजबूत कानून है। वहां सीनेटर बनने के बाद व्यक्ति को अपना व्यावसायिक हित छोड़ना बाघ्यकारी होता है। जबकि भारत में यह पारिपाटी उलटबांसी के रूप में देखने में आती है। यहां सांसद और विधायाक बनने के बाद राजनीति धंधे में तब्दील होने लगती है। ये धंधे भी प्रकृतिक संपदा के दोहन, भवन निर्माण, सरकारी ठेके, टोल टैक्स, शराब ठेके और सार्वजानिक वितरण प्रणाली के राशन का गोलमाल कर देने जैसे गोरखधंधो से जुड़े होते है। Read more » Featured transparency in election funds आॅनलाइन भुगतान व्यवस्था केंद्र सरकार केन्द्रीय सूचना आयोग चंदे में पारदर्शिता चल- अचल संपति का खुलासा राज्यसभा सचिवालय विमुद्रीकरण
राजनीति आगामी चुनाव जीतने के लिये समाजवादियों का सबसे बड़ा दांव December 28, 2016 by मृत्युंजय दीक्षित | Leave a Comment मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने चुनावों से ठीक पहले बसपा , भाजपा और कांग्रेस को परेशान करने के लिये 17 अति पिछड़ी जातियों कहार, कश्यप, केवट, मल्लाह, निशाद, कुम्हार,प्रजापति,धीवर, बिंद,भर,राजभर,धीमर, बाथम, तुरहा, गोडिंया, मांझी व मछुआ को एस सी का दर्जा देने का ऐलान किया है। अब यह प्रस्ताव केंद्र सरकार के विचाराधीन भेजा जायेगा। सपा सरकार ने यह फैसला करके एक तीर से कई निशाने लगाने का अनोखा प्रयास किया है। Read more » UP election 2017 UP vidhansabha election in 2017 vidhaan sabha election in 2017 एस सी का दर्जा विधानसभा चुनाव समाजवादियों का सबसे बड़ा दांव
राजनीति उ.प्र. चुनाव : सपा की रणनीति से विरोधी होगें चित्त ! December 28, 2016 by जगदीश वर्मा ‘समन्दर’ | Leave a Comment बसपा की बात करें तो नोटबंदी के चलते बहनजी चर्चा में रही हैं । आम जनता को नोटबंदी से हुई परेशानी के लिये मायावती ने आवाज उठाई तो भाजपा ने चुनाव में नोट लेकर टिकिट देने की छवि प्रचारित कर इस आवाज को दबाने में कोई कसर नहीं छोड़ी । बसपा सपा को अराजकतावादी और भाजपा को साम्प्रदायिक घोषित करते हुये कानून व्यवस्था के मुद्दे पर चुनाव लड़ने जा रही है । विकास की नित नई योजनाओं से अखिलेश अपना पल्लू साफ करके मायावती की इस कोशिश को असफल करने में लगे हैं । कांग्रेस और लोकदल के जनसमर्थन के साथ आने से भी इस काले धब्बे को नकारने में सपा को मदद मिल जायेगी । ऐसे में बसपा का सीधा सामना इस महागठबंधन से होगा । Read more » Featured up election UP election 2017 उ.प्र. चुनाव विरोधी होगें चित्त ! सपा की रणनीति
राजनीति कश्मीरियत को कलंकित करते अलगाववादी December 28, 2016 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment संदर्भ- हिंदू शरणार्थियों को नागरिक पहचान-पत्र देने पर बवाल- प्रमोद भार्गव दुनिया में ऐसे अलोकतांत्रिक देश बहुत हैं, जहां फैसला लेने और लोगों पर थोपने से पहले सरकारें जरा भी मानव-समुदायों की परवाह नहीं करती हैं। किंतु यह भारतीय व्यवस्था की अर्से से चली आ रही उदारता ही है कि अलगाववादियों की बेलगाम अतिवादिता पर […] Read more » Featured कश्मीरियत को कलंकित करते अलगाववादी हिंदू शरणार्थि हिंदू शरणार्थियों को नागरिक पहचान-पत्र
राजनीति शख्सियत मदनमोहन मालवीय जी का सामाजिक एवम् धार्मिक चिंतन December 26, 2016 by डॉ. शुभ्रता मिश्रा | Leave a Comment डॉ. शुभ्रता मिश्रा यूरोप में फ्रांस की राज्यक्रांति के बाद प्रायः सभी यूरोपीय देश स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के सैद्धांतिक आधार पर राजशाहियों से मुक्त होने लगे थे। इस मुक्तनाद का स्वर ऊँचा करने वाले पश्चिमी विचारकों और नेताओं ने अपने चिंतन की दिशा राजनैतिक संघर्षों से हटकर सामाजिक चिंतन की ओर उन्मुख की। प्लेटो, […] Read more » Featured मदनमोहन मालवीय जी
राजनीति राहुल गांधी पर अपने भाषणों में बहुत क्रूर हैं मोदी ! December 26, 2016 by निरंजन परिहार | Leave a Comment देखा जाए तो, मोदी को इस क्रूर अंदाज में लाने का श्रेय भी कांग्रेस और खासकर राहुल गांधी और उनकी माता सोनिया गांधी को ही जाता है, जिन्होंने मोदी को 'लाशों का सौदागर' से लेकर 'शहीदों के खून का दलाल'... और न जाने क्या क्या कहा। फिर वैसे देखा जाए, तो लोकतंत्र में अपनी ताकत को ज्यादा लंबे वक्त तक जमाए रखने के लिए कुछ हद तक क्रूर और अत्यंत आक्रामक होना भी आज मोदी की सबसे पहली जरूरत है। Read more » Featured Narendra Modi Rahul Gandhi राहुल गांधी
राजनीति मैं ही, मैं हूं दूसरा कोई नहीं! December 26, 2016 by संजय द्विवेदी | 2 Comments on मैं ही, मैं हूं दूसरा कोई नहीं! -संजय द्विवेदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देखकर अनेक राजनीतिक टिप्पणीकारों को इंदिरा गांधी की याद आने लगी है। कारण यह है कि भाजपा जैसे दल में भी उन्होंने जो करिश्मा किया है, वह असाधारण है। कांग्रेस में रहते हुए इंदिरा गांधी या सोनिया गांधी हो जाना सरल है। किंतु भाजपा में यह होना कठिन है, […] Read more » Modi ji प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण
राजनीति तो अब प्रियंका गांधी के सहारे मजबूत होंगे राहुल ? December 26, 2016 by निरंजन परिहार | Leave a Comment निरंजन परिहार- कांग्रेस अब बदलाव की तैयारी में है। अपने 131वें स्थापना दिवस से पहले कांग्रेस प्रियंका गांदी को पार्टी में पद पर लाकर राहुल गांधी को मजबूत करने की कोशिश कर सकती है। इससे पार्टी से युवा तो जुडेंगे ही, महिलाएं भी मजबूती से जुड़ेगी। जो, कि बीते दस साल में पार्टी से दूर […] Read more » Featured प्रियंका गांधी प्रियंका गांधी के सहारे मजबूत होंगे राहुल मजबूत होंगे राहुल गांधी राहुल गांधी
राजनीति शख्सियत अटलजी व भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रवादी यात्रा December 26, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment जन्मदिवस 25 दिसम्बर के अवसर पर डा. राधेश्याम द्विवेदी 1925 ई. में कुछ राष्ट्रवादी महापुरूषों ने माननीय श्री केशव हेडगेवार के नेतृत्व में एक गैर राजनीतिक एवं सांस्कृतिक संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संध की स्थापना नागपुर में किया था. गुलामी की जिन्दगी से निजात दिलाने के लिए एक राजनीतिक संगठन की आवश्यकता प्रतीत हुई तो श्री […] Read more » Atal Bihari Bajpayee bjp Featured अटलजी राष्ट्रवादी यात्रा
राजनीति महागठबंधन का सगूफा : अवसरवादी व अनिश्चितता को बढ़ावा December 26, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी महागठबंधन भारत का विलक्षण अवसरवादी प्रयोगः-राष्ट्रीय राजनीति में महागठबंधन एक विलक्षण प्रयोग है। भारत में मुख्यतः पक्ष और विपक्ष की दो ही प्रमुख राजनीतिक पार्टियां होती हैं। अन्य दल इन्हीं दोनों का समर्थन अपने नीतियों और विचारों के आधार पर देने लगते हैं। जब दो प्रधान दलों की शक्तियां क्षीर्ण होती हैं […] Read more » Featured दलित और मुस्लिम वोटरों की टैक्टिकल वोटिंग महागठबंधन महागठबंधन का सगूफा महागठबंधन भारत का विलक्षण अवसरवादी प्रयोग समाजवादी पार्टी की पारिवारिक नौटंकीः
राजनीति गजब देश की अजब पार्टियां ! December 26, 2016 by निरंजन परिहार | Leave a Comment निरंजन परिहार न कभी चुनाव लड़ा, न कोई सदस्य। न ही कोई ठीक ठाक पता और न किसी पदाधिकारी की पहचान। फिर भी हमारे देश में वे राजनीतिक पार्टी के रूप में रजिस्टर्ड। चुनाव आयोग ने ऐसी ढाई सौ से ज्यादा राजनीतिक पार्टियों को अपनी सूची से बाहर निकाल दिया है। लेकिन सिर्फ इतने […] Read more » Featured unauthorize political parties of india गजब देश की अजब पार्टियां चुनाव आयोग राजनीतिक पार्टी