शख्सियत समाज असम रत्न – लोक गायक भूपेन हजारिका November 9, 2017 by ओंकारेश्वर पांडेय | Leave a Comment – ओंकारेश्वर पांडेय डॉ. भूपेन हजारिका किसी परिचय के मोहताज नहीं है। स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर ने गुवाहाटी के एक कार्यक्रम में कहा था – ‘हम असम को भूपेन हजारिका के नाम से जानते हैं।’ भारत के सुप्रसिद्ध लोक गायक भूपेन दा का व्यक्तित्व बहुआयामी था। भूपेन दा अद्भुत आवाज के धनी जन जन में […] Read more » Featured भूपेन हजारिका लोक गायक लोक गायक भूपेन हजारिका
समाज बच्चों की मौत से जुड़े सवाल November 8, 2017 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग- गुजरात में विधानसभा चुनावों की गहमागहमी के बीच अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में 24 घंटों के बीच आईसीयू में 9 नवजात शिशुओं की मौत पर हड़कम्प मच गया है। बदइंतजामी की वजह से अगस्त में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृहनगर गोरखपुर के बीआरडी चिकित्सालय में तीन-चार दिनों के अंदर तीस […] Read more » death of children death of children in hospitals बच्चों की मौत
शख्सियत समाज गुरुनानक देव : महान धर्म प्रवर्तक November 8, 2017 / November 8, 2017 by ललित गर्ग | Leave a Comment गुरुनानक देव जयन्ती- 4 नवम्बर 2017 के उपलक्ष्य में -ललित गर्ग – विश्व मंे अनेक धर्म-सम्प्रदाय प्रचलित हैं। सभी धर्मों ने मानव जीवन का जो अंतिम लक्ष्य स्वीकार किया है, वह है परम सत्ता या संपूर्ण चेतन सत्ता के साथ तादात्म्य स्थापित करना। यही वह सार्वभौम तत्व है, जो मानव समुदाय को ही नहीं, […] Read more » Guru Nanakdev Jayanti गुरुनानक देव भारतीय धर्म और संस्कृति के पुरोधा
समाज मितव्ययिता है भारतीय संस्कृति का प्रमुख आदर्श November 7, 2017 by ललित गर्ग | Leave a Comment विश्व मितव्ययिता दिवस 30 अक्टूबर 2017 पर विशेष -ललित गर्ग- प्रत्येक वर्ष 30 अक्टूबर को पूरी दुनिया में विश्व मितव्ययिता दिवस मनाया जाता है। वर्ष 1924 में इटली के मिलान में पहला अंतर्राष्ट्रीय मितव्ययिता सम्मेलन आयोजित किया गया था और उसी में एकमत से एक प्रस्ताव पारित कर विश्व मितव्ययिता दिवस मनाये जाने का निर्णय […] Read more » विश्व मितव्ययिता दिवस
समाज “कैसे कम हो इस्लामिक कट्टरवाद” November 6, 2017 by विनोद कुमार सर्वोदय | 1 Comment on “कैसे कम हो इस्लामिक कट्टरवाद” यह कैसी विचारधारा हैं कि हिन्दू घर्मनिरपेक्ष रहकर प्यार-मोहब्बत फैलाये पर मुसलमान धार्मिक कट्टरता की संकीर्णता से उपजी घृणा व वैमनस्यता के जंजाल से बाहर ही न निकले ? ऐसे में एक तरफ़ा केवल हिन्दू समाज से ही यह उपेक्षा क्यों की जाती है कि वह ही आगे बढ़ कर हिन्दू-मुस्लिम मतभेद और विरोध दूर […] Read more » Featured Islamic terrorism
समाज जीवन को खुशियों के उजास से भरे October 26, 2017 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग- जिन्दगी हमसे यही चाहती है कि हम अपने उजाले खुद तय करें और उन पर यकीन रखे। सफल एवं सार्थक जीवन का सबसे बड़ा उजाला है सकारात्मकता। जीवन को खुशियों के उजास से भरना कोई कठिन काम नहीं है, बशर्तें कि हम जिन्दगी की ओर एक विश्वासभरा कदम उठाने के लिये तैयार हो। […] Read more » जीवन को खुशियों के उजास से भरे
समाज हिन्दू-मुस्लिम समस्या October 21, 2017 / October 21, 2017 by विपिन किशोर सिन्हा | Leave a Comment १९८० के दशक तक मेरे गांव में हिन्दुओं और मुसलमानों में जो आपसी सौहार्द्र था वह अनुकरणीय ही नहीं आदर्श भी था। मेरे गांव के मुसलमान ताज़िया बनाते थे। पिताजी के पास बांस के चार कोठ थे। इसलिए मुसलमान पिताजी से ताज़िया बनाने के लिए बांस भी ले जाते थे, साथ ही सहयोग राशि भी […] Read more » Featured hindu muslim problem हिन्दू-मुस्लिम हिन्दू-मुस्लिम समस्या
कला-संस्कृति समाज परिवार व समाज की एकता का पर्व दिवाली October 17, 2017 by सुरेश हिन्दुस्थानी | Leave a Comment सुरेश हिन्दुस्थानी भारत के त्यौहारों की विशेषता यह है कि यह सामाजिक एकता के अनुपम आदर्श हैं। इसी भाव के साथ प्राचीन काल से यह पर्व हम सभी मनाते चले आ रहे हैं। वर्तमान में पर्वों का यह शाश्वत भाव आज भी प्रचलन में है। हम देखते हैं कि आजीविका के लिए घर से दूर […] Read more » दिवाली परिवार समाज की एकता
समाज जल से जीवन अस्त व्यस्त है October 16, 2017 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment संकट में है मांजरकूद गांव उमेन्द्र सागर, जल ही जीवन है यह कहावत तो हमने कई बार सुनी है पर जब जल ही मुसीबत बन जाए तो क्या करें? यह प्रश्न उन हजारों लोगों का है। जो जल तांडव के प्रकोप को झेलते रहते हैं| पिछले दिनों देश के कई हिस्सों में आने वाली बाढ़ […] Read more » मांजरकूद गांव
पर्व - त्यौहार समाज क्यों न दिवाली कुछ ऐसे मनायें October 14, 2017 by डॉ नीलम महेन्द्रा | Leave a Comment दिवाली यानी रोशनी, मिठाईयाँ, खरीददारी , खुशियाँ और वो सबकुछ जो एक बच्चे से लेकर बड़ों तक के चेहरे पर मुस्कान लेकर आती है। प्यार और त्याग की मिट्टी से गूंथे अपने अपने घरौंदों को सजाना भाँति भाँति के पकवान बनाना नए कपड़े और पटाखों की खरीददारी ! दीपकों की रोशनी और पटाखों का शोर बस यही […] Read more » Featured दिवाली
समाज केरल में दलित बने मंदिरों के पुजारी October 12, 2017 by प्रमोद भार्गव | 1 Comment on केरल में दलित बने मंदिरों के पुजारी प्रमोद भार्गव अछूत, दलित और आदिवासियों को मंदिर में प्रवेश की इजाजत अछूतोद्वार की दिशा में की गई रचनात्मक शुरूआत और अभिनंदनीय पहल है। सनातनी हिन्दुओं द्वारा अपने ही समाज के एक बडे़ हिस्से को भिन्न व अस्पृश्य वर्ग बना देना हिन्दू धर्म के माथे पर सदियों से लगा चला आ रहा ऐसा कलंक है, […] Read more » Dalit Priest Featured YEDU Yedu Became The First Dalit Priest केरल में दलित बने मंदिरों के पुजारी दलित बने मंदिरों के पुजारी येदु
शख्सियत समाज नानाजी देशमुख : एक विलक्षण व्यक्तित्व October 11, 2017 by डॉ. मनीष कुमार | Leave a Comment ये 4 नवंबर, 1974 की बात है. बिहार में जेपी आंदोलन उफान पर था. जयप्रकाश नारायण पटना में हज़ारों लोगों का एक जुलूस लीड कर रहे थे. तत्कालीन सरकार के खिलाफ़ नारे लग रहे थे-सच कहना अगर बग़ावत है तो समझो हम भी बाग़ी हैं. पटना के बेली रोड में जब यह जुलूस रेवेन्यू बिल्डिंग […] Read more » Featured Nanaji Deshmukh नानाजी देशमुख विलक्षण व्यक्तित्व