आर्थिकी विविधा जीएसटी से छोटे व्यापारियों की परेशानी बढ़ेगी June 15, 2017 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव देश के बाजार में विभिन्न प्रकार की कर प्रणाली में एकरूपता लाने के नजरिए से 1 जुलाई 2017 से ‘वस्तु एवं सेवा यानी जीएसटी प्रणाली लागू होने जा रही है। किंतु जीएसटी के जो कर प्रावधान देखने में आ रहे हैं, उन्हें देखने से पता चलता है कि शून्य समेत चार प्रकार की […] Read more » Featured gst GST will influence small traders जीएसटी से छोटे व्यापारियों की परेशानी बढ़ेगी
आर्थिकी राजनीति विविधा राष्ट्रीय विकास में युवाओं की भूमिका सुनिश्चित करता भारत का युवा कौशल विकास मिशन April 14, 2017 by डॉ. शुभ्रता मिश्रा | Leave a Comment आजकल देश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों और औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्रों तथा सभी व्यावसायिक व तकनीकी स्कूलों और पोलिटेक्निक व अन्य व्यावसायिक कॉलेजों में युवा कौशल विकास के लिए अध्ययन प्रवर्तन उद्यमों से लेकर अनेक औपचारिक एवम् अनौपचारिक प्रशिक्षणों द्वारा स्व-रोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए ई-लर्निंग और वेब-आधारित तथा दूरस्थ अध्ययन आधारित कौशल विकास प्रशिक्षणों की सुविधाएं दी जा रही हैं। Read more » Featured yuva kaushal vikas mission कौशल विकास मिशन भारत युवा कौशल विकास युवा कौशल विकास मिशन युवाओं की भूमिका राष्ट्रीय विकास
आर्थिकी जीएसटी-मोदी सरकार के तीन वर्षो की बड़ी कामयाबी April 1, 2017 by संजय सक्सेना | Leave a Comment बात जीएसटी की आवश्यकता क्यों पड़ी ? इसकी की जाये तो विभिन्न राज्यों के बीच जिस तरह टैक्स में असंतुलन आ गया था, उससे निपटने के लिए जीएसटी आवश्यक हो गया था। इसके लागू होने से उत्पाद शुल्क, सेवा कर, राज्य वैट, मनोरंजन कर, प्रवेश शुल्क, लग्जरी टैक्स जैसे तमाम टैक्स समाप्त हो जाएंगे। इस समय देश में केंद्र और राज्यों के आठ से दस अप्रत्यक्ष कर सेस है, जीएसटी लागू होने के बाद ये खत्म हो जाएंगे और इसका मतलब है कि दोहरे कराधान से सबको निताज मिल जायेगी। इ Read more » benefits of GST Featured gst इंटिग्रेटेड जीएसटी उत्पाद शुल्क कॉम्पेंसेशन जीएसटी गुड्स एंड सर्विस टैक्स जीएसटी प्रवेश शुल्क मनोरंजन कर यूनियन टेरिटरी जीएसटी राज्य वैट लग्जरी टैक्स सेंट्रल जीएसटी सेवा कर
आर्थिकी विविधा डिजिटल भुगतान की अनिवार्यता के सबब March 6, 2017 / March 6, 2017 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग – विमुद्रीकरण के बाद डिजिटल भुगतान प्रणाली और कैशलेस अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का लोगों ने स्वागत किया है। लेकिन डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए महीने में चार बार से अधिक नकदी लेन-देन पर शुल्क की व्यवस्था जनता की परेशानियां बढ़ायेगा, उन पर […] Read more » digital payments drawbacks of digital payment Featured डिजिटल भुगतान
आर्थिकी राजनीति बजट 2017 : सशक्त वित्तीय अनुशासन का सन्देश February 3, 2017 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग – बजट हर वर्ष आता है। अनेक विचारधाराओं वाले वित्तमंत्रियों ने विगत में कई बजट प्रस्तुत किए। पर हर बजट लोगों की मुसीबतें बढ़ाकर ही जाता है। लेकिन इस बार बजट ने नयी परम्परा के साथ राहत की सांसें दी है। इस बजट में कृषि, डेयरी, शिक्षा, कौशल विकास, रेलवे और अन्य बुनियादी […] Read more » Featured किसान कृषि कृषि ऋण गांव एवं गरीब का बजट फसल बीमा एवं ग्रामीण सड़क निर्माण बजट 2017 मध्यमवर्ग को इनकम टैक्स में राहत रेल बजट वित्तीय व्यवस्था में निवेशकों का भरोसा सिंचाई व्यय
आर्थिकी विविधा भारत की ईंधन आपूर्ति की दूसरों पर निर्भरता कितनी सार्थक है ? January 26, 2017 by मयंक चतुर्वेदी | 1 Comment on भारत की ईंधन आपूर्ति की दूसरों पर निर्भरता कितनी सार्थक है ? डॉ. मयंक चतुर्वेदी भारत के लिए यह एक अच्छी बात है कि जब से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बने हैं, विश्व स्तर पर देश पूर्व की अपेक्षा ओर अधिक शक्ति सम्पन्नता की दृष्टि से देखा जाने लगा है। विदेशी मुल्कों से जो अनुबंध इन दिनों हुए भी हैं तो वे ज्यादातर भारत के पक्ष […] Read more » dependency for fuel on gulf countries ईंधन आपूर्ति ईंधन आपूर्ति की दूसरों पर निर्भरता ईंधन आपूर्ति की निर्भरता भारत भारत की ईंधन आपूर्ति
आर्थिकी राजनीति तस्वीर की जगह गांधी विचार पर बहस होनी चाहिए January 16, 2017 by लोकेन्द्र सिंह राजपूत | 2 Comments on तस्वीर की जगह गांधी विचार पर बहस होनी चाहिए बहरहाल, हंगामा खड़ा कर रहे राजनीतिक दलों और बुद्धिजीवियों से एक प्रश्न यह जरूर पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने खादी और गांधी के विचार के लिए अब तक क्या किया है? जो लोग गांधीजी के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा पर संदेह कर रहे हैं, उन्हें ध्यान करना चाहिए कि नरेन्द्र मोदी ने अपने सबसे महत्वाकांक्षी और सबसे अधिक प्रचारित 'स्वच्छ भारत अभियान' को महात्मा गांधी को ही समर्पित किया है। इस अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए गांधीजी के चित्र और उसके प्रतीकों का ही उपयोग किया जाता है। Read more » Featured कैलेंडर और डायरी पर महात्मा गांधी की जगह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर खादी के प्रचार-प्रसार के लिए 'ब्रांड मोदी' गांधी तस्वीर गांधी विचार गांधी विचार पर बहस गांधी विचार पर बहस होनी चाहिए
आर्थिकी राजनीति नोटबन्दी : क्या खोया-क्या पाया? January 8, 2017 by वीरेंदर परिहार | Leave a Comment वीरेन्द्र सिंह परिहार मोदी सरकार द्वारा 8 नवम्बर से 1,000 एवं 500 रू. पर लागू #नोटबंदी की अवधि 30 दिसम्बर को समाप्त हो चुकी है। नोटबंदी के विरोध में जब विरोधी दलों ने तमाम तरह की कटु आलोचना करना शुरू कर दिया और सड़को पर उतरने लगे। तब प्रधानमंत्री मोदी ने जनता से कहा कि […] Read more » notebandi क्या खोया-क्या पाया नोटबन्दी फर्जी विकास बेनामी हस्तान्तरण कानून समानान्तर अर्थव्यवस्था
आर्थिकी विविधा नोटबंदी की असली परीक्षा व परिणाम 2017 में January 2, 2017 by मृत्युंजय दीक्षित | Leave a Comment मृत्युंजय दीक्षित विगत 8 नवंबर 206 को पीएम मोदी ने अचानक से देश को संबोधित करते हुए 500 व हजार के नोट बंद कर देने और कालेधन ,आतंकवाद और भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐतहासिक जंग का ऐलान किया था। पीएम मोदी ने इस महाअभियान में जनता से 50 दिन का सहयोग मांगा था जो अब पूरा […] Read more » cashless economy Featured नोटबंदी नोटबंदी 2017 में नोटबंदी की परिणाम 2017 में नोटबंदी पर समर्थन नोटबंदी पर सहयोग विपक्ष की राजनीति
आर्थिकी विविधा प्रधानमंत्री से रक्षा बजट पर देश को उम्मीदें December 17, 2016 by मयंक चतुर्वेदी | Leave a Comment हाल ही में आई शोध फर्म आइएचएस मार्किट की जेन्स डिफेंस बजट्स रिपोर्ट 2016 बताती है कि रक्षा पर खर्च करने वाले दुनिया के शीर्ष पांच देशों में अमेरिका, चीन और ब्रिटेन के बाद भारत का चौथा स्थान है। इस साल भारत का रक्षा बजट 50.7 अरब डॉलर (करीब 3.41 लाख करोड़ रुपये) है। जबकि पिछले साल यह 46.6 अरब डॉलर था। इस रिपोर्ट के आंकड़े देखकर एक बात की संतुष्टि तो है कि केंद्र में सत्ता परिवर्तन का लाभ सामरिक मामले में भी हुआ है Read more » Army budget Featured Indian defence budget
आर्थिकी विविधा ‘मेरा भारत महान’, जहाँका ‘जनजन बेईमान’ December 17, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | 2 Comments on ‘मेरा भारत महान’, जहाँका ‘जनजन बेईमान’ इस देश के रग-रग में भ्रष्टता है, चाहे वो नोट बंदी में चीखे या न चीखे। मुझे बस एक ही ईमानदार दिखाई दे रहा है। इस कुरुक्षेत्र में वो प्रधान सेवक है, वो बर्बरीक है, जिसने अपने ही हाथों अपनी गर्दन काटकर (भ्रष्टाचार मुक्त करने का संकल्प लेकर) खूब तमाशा देख व दिखा रहा है। उस बर्बरीक ने सबको नंगा करके रख दिया है । अपनों को,गैरों को, मुझको, आपको और सबको।हम यदि उसको सहयोग ना कर सके तो कमसे कम हो-हल्ला करने वालों को रोकने-टोकने वा जनता में उसके सही मैसेज को पहुंचाने का काम तो कर ही सकते हैं। Read more » ‘जनजन बेईमान’ Featured notebandi मेरा भारत’ “महान
आर्थिकी वीडियो बीता साल नोटबन्दी का हाहाकार : क्राइम ग्राफ नीचे December 15, 2016 by अनिल अनूप | Leave a Comment #नोटबंदी के बाद काली कमाई को ठिकाने लगाने के कई दिलचस्प किस्से सामने आए. कहीं जुगाड़ से काले धन को बैंक में जमा करा लिया तो कहीं पर पैसों को दान-दक्षिणा में बांट दिया...लेकिन, जब इतने से भी मामला सेट नहीं हुआ तो धन कुबेरों को पानी में बहाना पड़ा काली कमाई का खजाना. Read more » crime graph down due to notebandi Featured नोटबंदी नोटबन्दी का हाहाकार