Category: आर्थिकी

आर्थिकी विविधा

एक देश: एक टैक्स जीएसटी

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वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के लागू होने से केन्द्र और राज्यों के स्तर पर लगने वाले एक दर्जन से अधिक कर समाप्त हो जायेंगे और उनके स्थान में केवल जीएसटी लगेगा। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस इस कार्यक्रम से दूर रही। कांग्रेस ने जीएसटी की शुरुआत के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम को तमाशा करार दिया। कांग्रेस के इसी बहिष्कार के चलते पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी इस कार्यक्रम से दूर रहे। तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, डीएमके और वामपंथी दलों ने कार्यक्रम का बहिष्कार किया। जीएसटी से देश की 2,000 अरब की अर्थव्यवस्था और 1.3 अरब लोग सभी एक साथ जुड़ जायेंगे और पूरा देश एक साझा बाजार बन जायेगा।

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आर्थिकी चुनाव राजनीति

राजनीतिक चंदे के लिए निर्वाचन बाॅन्ड का औचित्य

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एक मोटे अनुमान के अनुसार देश के लोकसभा और विधानसभा चुनावों पर 50 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च होते हैं। इस खर्च में बड़ी धनराशि कालाधन और आवारा पूंजी होती है। जो औद्योगिक घरानों और बड़े व्यापारियों से ली जाती है। आर्थिक उदारवाद के बाद यह बीमारी सभी दलों में पनपी है। इस कारण दलों में जनभागीदारी निरंतर घट रही है। अब किसी भी दल के कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को पार्टी का सदस्य नहीं बनाती हैं। मसलन काॅरपोरेट फंडिंग ने ग्रास रूट फंडिंग का काम खत्म कर दिया है। इस कारण अब तक सभी दलों की कोशिश रही है कि चंदे में अपारदर्शिता बनी रहे।

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आर्थिकी राजनीति विविधा

राष्ट्रीय विकास में युवाओं की भूमिका सुनिश्चित करता भारत का युवा कौशल विकास मिशन

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आजकल देश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों और औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्रों तथा सभी व्यावसायिक व तकनीकी स्कूलों और पोलिटेक्निक व अन्य व्यावसायिक कॉलेजों में युवा कौशल विकास के लिए अध्ययन प्रवर्तन उद्यमों से लेकर अनेक औपचारिक एवम् अनौपचारिक प्रशिक्षणों द्वारा स्व-रोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए ई-लर्निंग और वेब-आधारित तथा दूरस्थ अध्ययन आधारित कौशल विकास प्रशिक्षणों की सुविधाएं दी जा रही हैं।

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आर्थिकी

जीएसटी-मोदी सरकार के तीन वर्षो की बड़ी कामयाबी

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बात जीएसटी की आवश्यकता क्यों पड़ी ? इसकी की जाये तो विभिन्न राज्यों के बीच जिस तरह टैक्स में असंतुलन आ गया था, उससे निपटने के लिए जीएसटी आवश्यक हो गया था। इसके लागू होने से उत्पाद शुल्क, सेवा कर, राज्य वैट, मनोरंजन कर, प्रवेश शुल्क, लग्जरी टैक्स जैसे तमाम टैक्स समाप्त हो जाएंगे। इस समय देश में केंद्र और राज्यों के आठ से दस अप्रत्यक्ष कर सेस है, जीएसटी लागू होने के बाद ये खत्म हो जाएंगे और इसका मतलब है कि दोहरे कराधान से सबको निताज मिल जायेगी। इ

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