राजनीति मीडिया रक्काशा बन गया है और नेता अय्य़ाश ज़मींदार की तरह June 16, 2017 by व्यालोक पाठक | Leave a Comment आप दो घटनाओं पर गौर कीजिए। पहला, एक राजनीतिक दल के सज़ाशुदा अध्यक्ष दिल्ली हवाई अड्डे पर पत्रकारों के लगातार प्रश्न करने पर झल्लाते हुए बोलते हैं, ‘चोप्प..एक मुक्का मारेंगे, तो नाचते हुए गिरेगा।’ वह उस पत्रकार को मोदी का एजेंट बताते हैं और उसको ठीक करने की भी धमकी देते हैं। दूसरी घटना, कुछ […] Read more » Featured कटिहार के बरारी के विधायक नीरज यादव पत्रकार संजीव मध्यप्रदेश के विधायक विधायक
राजनीति देश को आर्थिक नुकसान पहुँचाने वालों पर व्यर्थ की समय बर्बादी June 16, 2017 by मयंक चतुर्वेदी | Leave a Comment डॉ. मयंक चतुर्वेदी अच्छे दिन आने की आस और सब का साथ-सबका विकास का लोकलुभावन नारे ने देखते ही देखते केंद्र में कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी पार्टियों को सत्ता से बाहर और भारतीय जनता पार्टी को सत्ता के सिंहासन पर विराजमान कर दिया था। इसके बाद समय अपनी रफ्तार से चलता रहा और अब तीन साल […] Read more » Featured ऋण वसूली एनपीए जीएसटी देश को आर्थिक नुकसान बैंक्रप्सी बैड लोन माल्या
राजनीति मायावती के कमजोर होने से दूसरी पार्टियों को इसलिए परेशान होना चाहिए June 16, 2017 / June 16, 2017 by डॉ. स्वदेश सिंह | Leave a Comment उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव परिणाम इतने अप्रत्याशित होंगे, किसी ने सोचा नहीं था. हालांकि, ज्यादातर लोगों को ये समझ आ रहा था कि इस चुनाव में मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बसपा) बहुमत की सरकार बनाने नहीं जा रही है. साथ ही, अब ये भी साफ होता नजर आ रहा है कि बसपा एक हाशिए […] Read more » Featured अंबेडकर स्टूडेंट्स असोसिएशन अंबेडकर-पेरियार स्टडी सर्किल कांशीराम दलित पैंथर बसपा बापसा मायावती की बहुजन समाज पार्टी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया
राजनीति मिसाल बनेगी महाराष्ट्र की किसान ऋणमाफी June 15, 2017 / June 16, 2017 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment ऐसी विरोधाभासी स्थिति उत्पन्न कर दिए जाने के बावजूद कृषि उत्पादनों के दाम उस अनुपात में नहीं बढ़े जिस अनुपात में अन्य जरूरी वस्तुओं और सरकारी कर्मचारियों के वेतनमान बढ़े ? इस कारण किसान और किसानी से जुड़ा मजदूर लगातार आर्थिक विशमता के शिकार होते चले गए। 1960-70 के दशक तक 1 तोला सोना करीब 2 क्विंटल गेंहूं में आ जाया करता था। लेकिन आज इतने ही सोने के दाम 20 क्विंटल गेंहूं के बराबर हैं। 1970 से 2016 के दौरान गेंहूं के मूल्य में वृद्धि महज 19 गुना हुई है, जबकि इसी अवधि के दौरान सरकारी कर्मचारियों के वेतनमान 120 से 150 गुना तक बढ़ाए गए है। Read more » Featured किसान ऋणमाफी महाराष्ट्र महाराष्ट्र की किसान ऋणमाफी
राजनीति योगी सरकार के फैसलों से बड़े बदलाव की आहट June 15, 2017 / June 15, 2017 by मृत्युंजय दीक्षित | Leave a Comment ऊर्जामंत्री ने बिजली विभाग से अन्य विभागों से 10 हजार करोड़ रूपये वसूलने के निर्देश दिये हैं यह प्रदेश के इतिाहस मे पहली बार होने जा रहा हैं । केंद्र सरकार ने भी प्रदेश में सड़कों व पुलों आदि के निर्माण के लिए भारी -भरकम खजाना खोल ही दिया है। यह मुख्यमंत्री की सख्ती का ही असर है कि अफसरों ने जनसुनवाई प्रारम्भ भी कर दी है। वहीं बहुत से अफसर अभी भी समझ नहीं पा रहे हैं। बैठकों में ही अफसरों को डांट पड़ने लग गयी है। Read more » Featured uttar Pradesh changing due to Yogi decision Yogi government in Uttar Pradesh फैसलों से बड़े बदलाव की आहट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ. योगी सरकार
राजनीति आर्तनाद अन्नदाता का! June 14, 2017 by शिव शरण त्रिपाठी | Leave a Comment आला कमान व राहुल बाबा की नजरों में हीरो बनने की चाहत में माननीय दीक्षित जी ने रविवार को अपने एक बयान में भारतीय सेना के प्रमुख जनरल विपिन रावत 'सड़क का गुंडा करार दे डालाÓ उनकी व कांग्रेस की बुरी तरह भद्द पिटने पर भले ही दीक्षित ने माफी मांग ली पर खुद को, कांग्रेस को जितना नुकसान पहुंचना था वो तो उन्होने पहुंचा ही दिया। कोई भी यह नहीं समझ पा रहा है कि आखिर कांग्रेस के रणनीतिकार कांग्रेस को किस दिशा में ले जाना चाहते है। राहुल गांधी की राजनीतिक अपरिपक्वता समझ में आती है पर सोनिया गांधी का मौन समझ से परे है। Read more » Featured अन्नदाता
राजनीति शंघाई के अखाड़े में भारत-पाक June 13, 2017 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में पाकिस्तान का नाम लिए बिना आतंकवाद और चीन का नाम लिए बिना ‘ओबोर’ के द्वारा भारतीय संप्रभुता के उल्लंघन की बात कही। बहुत अच्छा किया। यह विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को बीजिंग में हुए ‘ओबोर’ सम्मेलन में जाकर कहना था। अब भूल-सुधार हो गया लेकिन शंघाई सहयोग संगठन से बहुत ज्यादा उम्मीद करना ठीक नहीं होगा, क्योंकि इसके छह सदस्यों में चीन और रुस के अलावा मध्य एशिया के वे चार मुस्लिम राष्ट्र हैं, जो 20 साल पहले तक रुस के प्रांत रहे हैं। Read more » Featured शंघाई शांघाई सहयोग संगठन
राजनीति प्रणव दा के नाम पर सर्वसम्मति क्यूँ जरूरी? June 13, 2017 by ललित गर्ग | Leave a Comment राष्ट्रपति प्रणव दा की एक और अनूठी सफलता रही कि वे राजनीति दृष्टि से भले ही निष्क्रिय रहे लेकिन राष्ट्रीय हितों के लिये सदैव सक्रिय बने रहे। उनकी सक्रियता से कार्यपालिका, विधायिका या न्यायपालिका के कार्यक्षेत्र में कभी भी अतिक्रमण नहीं हुआ। लेकिन वे भारत की समस्याओं के लिये सदैव जागरूक बने रहे, लोकतंत्र को मजबूती देने के लिये उनके प्रयास जारी रहे। साहित्य, शिक्षा एवं चिन्तन के लिये वे एक-एक पल का उपयोग करते हुए दिखाई दिये। जैसे कि एस. राधाकृष्णन राष्ट्रपति बनने के बाद भी अकादमिक रूप से काफी सक्रिय थे। एपीजे कलाम राष्ट्रपति के रूप में काफी विजिबल और एक्टिव रहे। Read more » Featured Pranab Mukherjee for repeating again as President President presidential post प्रणव दा
राजनीति कांग्रेस : विनाश काले विपरीत बुद्धि June 13, 2017 by सुरेश हिन्दुस्थानी | Leave a Comment लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के सिमटने के बाद कांग्रेस ने अपने आपको संभालने का कोई प्रयास नहीं किया, इसके चलते उसे देश के महत्व पूर्ण राज्यों में भी पराजय का दंश झेलना पड़ा। कांग्रेस ऐसा क्यों कर रही है, इसका जवाब यही हो सकता है कि सरकारी सुविधाओं के बिना कांग्रेस के नेताओं की स्थिति जल बिन मझली के समान हो जाती है। उसकी तड़पन कांग्रेसी नेताओं के स्वरों में सुनाई देती है। Read more » Featured कांग्रेस कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित सेना के त्याग का अपमान
राजनीति किसान आंदोलन पर राजनीति की छाया June 12, 2017 by सुरेश हिन्दुस्थानी | Leave a Comment सुरेश हिन्दुस्थानी मध्यप्रदेश में किसान आंदोलन बाद राजनीतिक लाभ लेने के लिए उपवास और सत्याग्रह करने की कवायद की जाने लगी है। भाजपा और कांगे्रस एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ करते दिखाई दे रहे हैं। किसानों के प्रति हमदर्दी दिखाते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उपवास पर बैठे। इसके माध्यम से उनका उद्देश्य […] Read more » मध्यप्रदेश में किसान आंदोलन
राजनीति ड्रैगन चीन का मकडज़ाल June 11, 2017 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment राकेश कुमार आर्य  व्यक्ति का मौलिक चिंतन उसके व्यक्तित्व का निर्माण करता है। मौलिक चिंतन जितना ही पवित्र, निर्मल, छल-कपट रहित और सार्वजनीन होता है, उसमें उतना ही सर्व-समावेशी भाव अंतर्निहित होता है, और वह मानवता के लिए उतना ही उपयोगी होता है। ऐसा व्यक्ति संसार के लिए उपयोगी और बहुमूल्य होता है और […] Read more » China Featured ड्रैगन चीन का मकडज़ाल
राजनीति बाबा साहेब और भीम सेना June 11, 2017 / June 11, 2017 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment आज के परिप्रेक्ष्य में संदर्भ को समझने की आवश्यकता है। यदि अंग्रेज अपने कुशासन और गुण्डागर्दी के विरूद्घ और हमारे स्वतंत्रता प्रेमी पूर्वजों के विद्रोह को 'राज्य के विरूद्घ अपराध' मान सकते थे और उन्हें फांसी पर लटका सकते थे तो आज जब भारत एक संवैधानिक व्यवस्था से जन्मी शासन प्रणाली से आगे बढ़ रहा है तो उस संवैधानिक व्यवस्था के विरूद्घ हथियार उठाने वाले राष्ट्रद्रोही क्यों नहीं हो सकते? निश्चित ही राष्ट्रद्रोही हैं, Read more » Bhim Sena Featured डा. भीमराव अंबेडकर बाबा साहेब भीम सेना