Category: राजनीति

राजनीति

फारूख अब्दुल्ला की यह विजय वास्तविक नहीं

| Leave a Comment

श्रीनगर लोकसभा सीट का सर्वाधिक महतवपूर्ण और दुर्भाग्यपूर्ण तथ्य यह है कि श्रीनगर लोकसभा उपचुनाव में महज 7.13 प्रतशत मत ही पड़े जिसमें पुर्नमतदान के दौरान तो केवल मात्र 2 प्रतिशत ही मतदान हुआ। पहले दिन वहां पर जबर्दस्त हिंसा हुई और कम से कम 85 लोेग मारे गये तथा 20 से अधिक लोग घायल तक हो गये। नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुला ने कहा कि अपने 20 साल के राजनैतिक कैरियर में ऐसा कभी नहीं देखा। साथ ही राज्य सरकार व चुनाव आयोग को पूरी तरह से नाकाम बताया गया। जबकि वास्तविकता यह है कि श्रीनगर लोकसभा उपचुनाव को पूरी तरह से पटरी से उतारने के लिए अलगाववादी ताकतों और पत्थरबाजों ने पूरी ताकत लगा दी थी।

Read more »

राजनीति

विपक्षी दल बताएं: पत्थरबाजों के साथ हैं या सेना के साथ

| Leave a Comment

कश्मीर में पत्थरबाजी और सेना की जीप पर बंधे युवक विषय पर जहां दिग्विजय ने एक भड़काऊ बयान देकर सेना की पवित्रता को ललकारा है वहीँ दूसरी ओर कश्मीर के अब्दुल्ला परिवार के सदस्य व पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी अपनी अगली पिछली खुजली को एक ट्वीट के माध्यम से व्यक्त किया है व भारतीय सेना के विपरीत वातावरण बनाने का दुष्प्रयास किया है. दिग्विजय व उमर अब्दुल्ला सेना द्वारा जीप पर बांधकर घुमाए जा रहे जिस युवक का वितंडा खड़ा किया जा रहा है; उसके पीछे की परिस्थितियां भी देश के समक्ष स्पष्ट हो जानी चाहिए.

Read more »

राजनीति

नेहरू-कांग्रेस के पाप का ठिकरा अम्बेदकर के मत्थे फोडे जाने की त्रासदी

| 2 Comments on नेहरू-कांग्रेस के पाप का ठिकरा अम्बेदकर के मत्थे फोडे जाने की त्रासदी

यहां ध्यान देने की बात है कि २२ जनवरी १९४७ को, संविधान की प्रस्तावना को जिस दार्शनिक आधारशिला के तौर पर स्वीकार किया गया था उसे अखंड भारत के संघीय संविधान के परिप्रेक्ष्य में बनाया गया था वह भी इस आशय से कि इसे ब्रिटिश सरकार की स्वीकृति अनिवार्य थी क्योंकि २२ जनवरी १९४७ को भारत ब्रिटिश क्राऊन से ही शासित था । १५ अगस्त १९४७ के बाद से लेकर २६ जनवरी १९५० तक भी भारत का शासनिक प्रमुख गवर्नर जनरल ही हुआ करता था जो ब्रिटिश क्राऊन के प्रति वफादारी की शपथ लिया हुआ था न कि भारतीय जनता के प्रति ।

Read more »

राजनीति

डरे – डरे से राहुल और सहमी – सहमी सी कांग्रेस

| Leave a Comment

कांग्रेस पार्टी की सबसे बड़ी समस्या उसके संगठन का लगातार कमजोर होना भी है। कई राज्यों में कई - कई सालों से कांग्रेस संगठन की कार्यकारिणी का गठन तक नहीं हुआ है। यही नहीं राहुल गांधी ने अपने नजदीकी ऐसे लोगों को प्रदेश की बागडोर सोंप दी है, जिनका न तो कोई राजनीतिक आधार है और न ही कोई बड़ा अनुभव। राजस्थान में अशोक गहलोत को दरकिनार करके सचिन पायलट जैसे नौसिखिए नेता तको युवा होने के कारण प्रदेश की बागडोर सौंपना कांग्रेस के लिए नुकसानदेह साबित हो रहा है।

Read more »

आर्थिकी राजनीति विविधा

राष्ट्रीय विकास में युवाओं की भूमिका सुनिश्चित करता भारत का युवा कौशल विकास मिशन

| Leave a Comment

आजकल देश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों और औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्रों तथा सभी व्यावसायिक व तकनीकी स्कूलों और पोलिटेक्निक व अन्य व्यावसायिक कॉलेजों में युवा कौशल विकास के लिए अध्ययन प्रवर्तन उद्यमों से लेकर अनेक औपचारिक एवम् अनौपचारिक प्रशिक्षणों द्वारा स्व-रोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए ई-लर्निंग और वेब-आधारित तथा दूरस्थ अध्ययन आधारित कौशल विकास प्रशिक्षणों की सुविधाएं दी जा रही हैं।

Read more »