समाज अल्पसंख्यकवाद ….”सबके विकास” का रोड़ा…. May 24, 2017 by विनोद कुमार सर्वोदय | Leave a Comment अखंड भारत के मुगल व ब्रिटिश शासन में देश के मूल निवासियों (भूमि पुत्रो) के शोषण व अत्याचारों का इतिहास भरा पड़ा है। देश के लगभग 800 वर्षो के इस परतंत्रता काल में भारत के भूमि पुत्रो के मानवीय मूल्यों का घोर हनन हुआ था। आज भी वही बहुसंख्यक या हिन्दू विरोधी मानसिकता की भूमिका […] Read more » अल्पसंख्यकवाद
महिला-जगत समाज शोषण व उत्पीड़न से प्रभावित – भारतीय महिला ! May 15, 2017 by मोहम्मद आसिफ इकबाल | Leave a Comment इसी समाज में पलने बढ़ने वाले लफंगे और गुंडे अपनी बुरी नज़रों के साथ छेड़खानी करते हुए हर गली-कूचे में साल के बारह महीने और दिन के चौबीस घंटे अपनी माँ, बहन और बेटियों समान औरत को अपमानित करने से रुकते नहीं हैं। यह भयानक तस्वीर उस समाज की है जिसे भारतीय समाज कहा जाता है। लेकिन जहां समाज की यह तस्वीर उभर कर सामने आती है वहीं यह सवाल भी उठता है कि आखिर यह व्यवहार भारतीय समाज में महिलाओं के साथ क्यों बरता जाता है? Read more » Featured निर्भया बिलक़ीस बानो भारतीय महिला शोषण व उत्पीड़न से प्रभावित
शख्सियत समाज गणि राजेन्द्र विजय: दांडी पकडे़ आदिवासियों के ‘गांधी’ May 15, 2017 by ललित गर्ग | Leave a Comment गणि राजेन्द्र विजयजी बच्चों को कच्चे घड़े के समान मानते हैं। उनका कहना है उन्हें आप जैसे आकार में ढालेंगे वे उसी आकार में ढल जाएंगे। मां के उच्च संस्कार बच्चों के संस्कार निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए आवश्यक है कि सबसे पहले परिवार संस्कारवान बने माता-पिता संस्कारवान बने, तभी बच्चे संस्कारवान चरित्रवान बनकर घर की, परिवार की प्रतिष्ठा को बढ़ा सकेंगे। अगर बच्चे सत्पथ से भटक जाएंगे तो उनका जीवन अंधकार के उस गहन गर्त में चला जाएगा जहां से पुनः निकलना बहुत मुश्किल हो जाएगा। बच्चों को संस्कारी बनाने की दृष्टि से गणि राजेन्द्र विजय विशेष प्रयास कर रहे हैं। Read more » Featured गणि राजेन्द्र विजय
समाज फिर निर्भयाः कानून बने तो ऐसा! May 15, 2017 / May 15, 2017 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | 1 Comment on फिर निर्भयाः कानून बने तो ऐसा! यदि इन अपराधियों के साथ वही बर्ताव किया जाए, जो इन्होंने उन युवतियों के साथ किया था याने उन्हें खुले आम फांसी दी जाए, उनके अंग भंग किए जाएं और उन्हें मरते हुए लाखों-करोड़ों लोगों को देखने-दिखाने दिया जाए तो भावी बलात्कारियों की हड्डियों में कंपकंपी दौड़ सकती है। Read more » #मृत्युदंड Featured Justice Verma Committee law Newspaper Rohtak gang rape जस्टिस वर्मा कमेटी निर्भया
महत्वपूर्ण लेख समाज भारत मुसलमानों के लिए स्वर्ग क्यों है ? May 13, 2017 / May 13, 2017 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment विश्व की कुल जनसंख्या में प्रत्येक चार में से एक मुसलमान है। मुसलमानों की 60 प्रतिशत जनसंख्या एशिया में रहती है तथा विश्व की कुल मुस्लिम जनसंख्या का एक तिहाई भाग अविभाजित भारत यानी भारत, पाकिस्तान और बंगलादेश में रहता है। विश्व में 75 देशों ने स्वयं को इस्लामी देश घोषित कर रखा है। पर, विश्व […] Read more » Featured भारत भारत का इस्लामीकरण भारत में मुस्लिम तुष्टीकरण मुस्लिम तुष्टीकरण मुस्लिम देशों में मुसलमानों की हालत हज सब्सिडी हज सब्सिडी में घोटाले
समाज बिना माँ के संसार की कल्पना करना निरर्थक May 12, 2017 by ब्रह्मानंद राजपूत | Leave a Comment दुनिया की हर नारी में मातृत्व वास करता है। बेशक उसने संतान को जन्म दिया हो या न दिया हो। नारी इस संसार और प्रकृति की ‘जननी’ है। नारी के बिना तो संसार की कल्पना भी नहीं की जा सकती। इस सृष्टि के हर जीव और जन्तु की मूल पहचान माँ होती है। अगर माँ न हो तो संतान भी नहीं होगी और न ही सृष्टि आगे बढ पाएगी। इस संसार में जितने भी पुत्रों की मां हैं, वह अत्यंत सरल रूप में हैं। कहने का मतलब कि मां एकदम से सहज रूप में होती हैं। वे अपनी संतानों पर शीघ्रता से प्रसन्न हो जाती हैं। वह अपनी समस्त खुशियां अपनी संतान के लिए त्याग देती हैं, क्योंकि पुत्र कुपुत्र हो सकता है, पुत्री कुपुत्री हो सकती है, लेकिन माता कुमाता नहीं हो सकती। एक संतान माँ को घर से निकाल सकती है लेकिन माँ हमेशा अपनी संतान को आश्रय देती है। एक माँ ही है जो अपनी संतान का पेट भरने के लिए खुद भूखी सो जाती है और उसका हर दुख दर्द खुद सहन करती है। Read more » 14 मई Featured मातृ दिवस मातृ दिवस 14 मई
समाज कल-युग का देवासुर संग्राम ; सनातन बनाम . . . . . ईसाइयत और इस्लाम May 12, 2017 by मनोज ज्वाला | 1 Comment on कल-युग का देवासुर संग्राम ; सनातन बनाम . . . . . ईसाइयत और इस्लाम भारत के धन-वैभव को लुटने-हडपने और सनातन धर्म को नष्ट-भ्रष्ट करने के लिए मुस्लिम आक्रान्ताओं ने भारत मे घुस कर तोड-फोड, लूट-मार, हिंसा-बलात्कार-युक्त जेहाद का नंगा नाच किया । मठ-मंदिर तोडे गए , पाठशाला-गुरुकुल-विद्यालय-पुस्तकालय जलाए गए , माल-असवाब लुटे गए और तलवार की नोंक पर लाखों लोग धर्मान्तरित कर दिए गए । भारतीय समाज-व्यवस्था की आन्तरिक दुर्बलताओं का लाभ उठा कर वे असुर आतताई यहां की राज-सत्ता पर भी काबिज हो गए । सैकडों वर्षों तक उनकी सलतनत कायम रही । Read more » Christianity Featured Islam इस्लाम ईसाइयत कल-युग का देवासुर संग्राम सनातन
समाज शिक्षा अधिकार है तो मिलता क्यों नही ? May 10, 2017 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment समाजसेवी शब्बीर अहमद कहते हैं " हमें गांव में बसने की सरे आम सजा दी जा रही है। जिससे यह साबित हो रहा है कि शिक्षा भी केवल अमीर लोगों की जागीर बन चुकी है।गरीबों के बच्चे अमीरों की नौकरी के लिए ही इस्तेमाल किए जाते हैं और आगे भी किए जाते रहेंगे। नेता चुनाव के दौरान उच्च अधिकारियों के सामने इन गरीबों को ख्वाब दिखा कर उनका शोषण करते हैं। जिससे साफ जाहिर होता है कि हम लोकतांत्रिक भारत में नहीं रहते । आज के विकसित दौर में भी मोरी अड़ाई के बच्चे खुले आसमान तले शिक्षा लेने को मजबूर हैं।मिडिल स्कूलकी अधूरी बिल्डिंग के निर्माण को पूरा होना चाहिए ताकि कम से कम धूप और बारिश में भी उनकी पढ़ाई जारी रह सके "। Read more » Featured अधिकार जम्मू का सीमावर्ती जिला पुंछ शिक्षा शिक्षा अधिकार है
समाज शहरी नक्सलियो को बेनकाब करने की जरूरत May 10, 2017 by डा रवि प्रभात | Leave a Comment नक्सली अपने प्रभाव क्षेत्र में क्रूरतापूर्वक युवतियों का यौनशोषण कर रहे हैं,उन्हें मनमर्जी से उठाकर ले जाते हैं,उन महिलाओं का सामूहिक बलात्कार तक किया जाता है बड़े नक्सली कमांडरों द्वारा,यहां तक कि समय समय पर गर्भपात और जबर्दस्ती नसबंदी जैसे अमानुषी कुकृत्यों को भी अंजाम देने में नक्सली कतई नही हिचकते। नक्सली तमाम ठेकेदारों,आम जनता तथा उद्योगपतियों से अवैध धन उगाही में लिप्त हैं,जो इनका मुख्य धंधा है।जो निर्दोष आदिवासी इनक़े पाशविक कारनामो का विरोध करते हैं उन्हें सरेआम पत्थरो से कुचलकर मार दिया जाता है।अनेक बच्चो को अपहृत कर लिया जाता है, जो आदिवासी मांसाहार न करना चाहे उसे बलपूर्वक गाय तथा मनुष्य तक का मांस खिलाने का पैशाचिक कारनामा ये लोग करते सुनाई देते हैं। Read more » एस आर पी कल्लूरी छत्तीसगढ़ दिल्ली –विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर चन्दन कुमार नक्सलवादी संगठन शहरी नक्सली सुकमा
कला-संस्कृति समाज मोगरी से पुरुषों की पिटाई का सन्देश क्यों? May 9, 2017 by ललित गर्ग | Leave a Comment अक्सर ऐसा देखा जाता है कि महिलाओं पर ज्यादा अत्याचार होते हैं, जबकि कई मामलों में पुरूष भी घरेलू हिंसा कि शिकार होते हैं और महिलाएं पुरुषों पर अत्याचार करती हैं। ‘पत्नी सताए तो हमें बताएं’ जैसे विज्ञापनों को एक समय अतिरंजना के तौर पर देखा जाता था, लेकिन पिछले कुछ समय के आंकड़ों ने इस धारणा को बदल दिया है कि सिर्फ महिलाएं ही घरेलू हिंसा का शिकार बनती हैं। अब सिक्के का दूसरा पहलू सामने आया है, जिसमें पुरुषों को भी घर या समाज में किसी-न-किसी प्रकार की शारीरिक, मानसिक या आर्थिक हिंसा का सामना करना पड़ रहा है। Read more » मोगरी से पुरुषों की पिटाई
समाज बिहार विद्यापीठ : मर रहे हैं गांधी के सपने May 6, 2017 by कुमार कृष्णन | Leave a Comment कुमार कृष्णन गांधी के विचारों और सपनों को अब तक आई सभी सरकारों ने अपने लिए भुनाया है, मगर उनके सपनों के भारत को वे पीछे छोड़ते चले गए। यह कहना है सर्व सेवा संघ के प्रकाशन के संयोजक रहे और युवा संवाद अभियान के राष्ट्रीय युवा संवाद अभियान के राष्टीय संयोजक अशोक भारत का। […] Read more » Featured बिहार विद्यापीठ
शख्सियत समाज राष्ट्र के जागरूक पुरोहित बाबा रामदेव May 6, 2017 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment राकेश कुमार आर्य  वेद का आदेश है- वयं राष्ट्रे जागृयाम् पुरोहिता:।। ‘अर्थात हम अपने राष्ट्र में जागरूक रहते हुए अग्रणी बनें। राष्ट्र का नेतृत्व करें।’ जो जागरूकों में भी जागरूक होता है, वही राष्ट्रनायक होता है, वही पुरोहित होता है। यज्ञ पर पुरोहित वही बन सकता है जो जागरूकों में भी जागरूक है, […] Read more » Baba Ramdev Featured बाबा रामदेव योगगुरू बाबा रामदेव