महत्वपूर्ण लेख समाज प्रवासी भारतीयों में घटती शांत प्रक्रिया। April 24, 2015 / April 24, 2015 by डॉ. मधुसूदन | 12 Comments on प्रवासी भारतीयों में घटती शांत प्रक्रिया। डॉ. मधुसूदन ***अमरिकन भारतीय समाज की एक शांत प्रक्रिया। ***स्वतंत्रता, स्वच्छंदता, और स्वैराचार का फल। ***मिलियन डालर पाए, पर संतान खोए। ***व्यक्ति स्वातंत्र्य व्यक्ति को अलग कर देता है। ***इत्यादि आगे पढें। (१) अमरिका निवासी भारतीय समाज में, एक शांत प्रक्रिया उभरते देख रहा हूँ। यह शान्त, मौन और धीमी प्रक्रिया है। और दिन प्रति […] Read more » Featured प्रवासी भारतीयों में घटती शांत प्रक्रिया भारतीय युवा स्वतंत्रता को स्वच्छंदता में परिवर्तित
जरूर पढ़ें समाज इसलिए भी पृथ्वी दिवस मनायें भारतीय April 22, 2015 / April 22, 2015 by अरुण तिवारी | Leave a Comment -अरुण तिवारी- -22 अप्रैल-पृथ्वी दिवस पर विशेष- यूं तो मैं सीधे-सीधे कह सकता हूं कि 22 अप्रैल-पृथ्वी दिवस, सिर्फ संयुक्त राष्ट्र संघ अथवा संयुक्त राज्य अमेरिका से जुङे संगठनों व देशों को पृथ्वी के प्रति दायित्व निर्वाह की याद दिलाने का मौका नहीं है; यह प्रत्येक जीव के याद करने का मौका है कि पृथ्वी […] Read more » Featured अर्थ इसलिए भी पृथ्वी दिवस मनायें भारतीय पृथ्वी पृथ्वी दिवस
जन-जागरण समाज हिन्दू हैं मुसलमानों की सुरक्षा की गारंटी April 21, 2015 / April 21, 2015 by विपिन किशोर सिन्हा | 1 Comment on हिन्दू हैं मुसलमानों की सुरक्षा की गारंटी -बिपिन किशोर सिन्हा- नेशनल कमीशन फॉर माइनारिटी एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन जस्टिस एज़ाज़ सिद्दिकी ने कल, रविवार (१९.०४.२०१५) को आगरा के ग्रांड होटल में बज़्म-ए-मैकश अवार्ड वितरण समारोह में बोलते हुए बिना किसी भय के स्पष्ट शब्दों में कहा कि अल्लाह के बाद हिन्दुस्तान में मुसलमानों के लिए सुरक्षा की कोई गारंटी है, तो वह […] Read more » Featured अल्पसंख्यक मुसलमान हिन्दू हिन्दू हैं मुसलमानों की सुरक्षा की गारंटी
जरूर पढ़ें विविधा समाज अकेले कानून के दम पर नहीं मिट पायेगा बाल विवाह का दंश April 20, 2015 / June 4, 2015 by जगमोहन ठाकन | Leave a Comment –जग मोहन ठाकन– -अक्षय तृतीया पर विशेष लेख- बैसाखी का रंग उफान पर है, होली का रंग अभी पूरी तरह से धुला नहीं है । किसान अपनी पकी फसल को बाज़ार में लाकर उल्लास से परिपूर्ण है और किसान के लिए यही समय है अपने दायित्वों से निपटने व ख़ुशी मनाने का। परन्तु कितनी विडम्बना […] Read more » Featured अकेले कानून के दम पर नहीं मिट पायेगा बाल विवाह का दंश कानून बाल विवाह कानून बाव विवाह
टॉप स्टोरी समाज लाल आतंक का निशाना बनते जवान April 16, 2015 by प्रमोद भार्गव | 3 Comments on लाल आतंक का निशाना बनते जवान प्रमोद भार्गव माओवादी नक्सलियों द्वारा छत्तीसगढ़ में जिस तरह से सीआरपीएफ के जवानों पर घात लगाकर हमले किए जा रहे हैं,यह स्थिति चिंताजनक है। इस बार लाल आतंकियों ने धुर नक्सल प्रभावित सुक्मा जिले के चिंतागुफा थाना क्षेत्र के जंगलों में नक्सलियों की टोह ले रहे एसटीएफ जवानों की टुकड़ी पर हमला बोला है। जिसमें […] Read more » Featured नक्सली हमला निशाना बनते जवान लाल आतंक लाल आतंक का निशाना बनते जवान
विविधा समाज आज आंबेडकर से घृणा क्यों ? April 15, 2015 / April 15, 2015 by अनुज अग्रवाल | Leave a Comment आज 14 अप्रैल है | आम्बेडकर साहब का जन्मदिन | वो पुष्प जो जमीन पर उगा और फकत आसमान पर खिला | जिसने लाख कठिनाइयाँ झेली पग पग पर अपमान झेला पर अपना विश्वास नहीं खोया | अपनी मंजिल जिसने खुद तय की | मुश्किलों के पहाड़ो का सीना चीर कर जिसने अपना रास्ता […] Read more » Featured why hate ambedkar आंबेडकर से घृणा आंबेडकर से घृणा क्यों ?
समाज बालकों की मानसिक संस्कार प्रक्रिया April 13, 2015 by डॉ. मधुसूदन | 2 Comments on बालकों की मानसिक संस्कार प्रक्रिया चीनी कहावत: “बाल-मानस एक कोरा पत्र होता है, जो भी बालक के जीवन (सम्पर्क) में आता है, इस पत्र पर अपनी छाप (संस्कार)छोड जाता है।” —चीनी कहावत। (एक) संस्कार क्या है? । दुबारा जब वर्षा हुयी, तो पानी के बहाव से नाली थोडी चौडी और गहरी हुयी। और बार बार की ऐसी वर्षा, नाली को, […] Read more » Featured डॉ. मधुसूदन बालकों की मानसिक संस्कार प्रक्रिया मानसिक संस्कार
समाज किसानों की आत्महत्या : कर्ज और माफ़ी कोई स्थायी समाधान नहीं है April 12, 2015 by शैलेन्द्र चौहान | Leave a Comment शैलेन्द्र चौहान यह बड़े दुख की बात है कि भारत जैसे कृषि प्रधान देश के किसान लगातार आत्महत्या की ओर प्रवृत हो रहे हैं. आश्चर्य की बात तो यह कि पिछली सरकार के कृषिमंत्री यह कहते रहे कि उन्हें यह नहीं मालूम कि किसान आत्महत्या क्यों कर रहे हैं. नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के 31 […] Read more » Featured low price of agri products reason of suicide by farmers suicide by farmers कर्ज और माफ़ी किसानों की आत्महत्या खेती की बढ़ती लागत
मीडिया शख्सियत समाज मानवतावादी रचनाकार विष्णु प्रभाकर April 10, 2015 / April 11, 2015 by डॉ. सौरभ मालवीय | Leave a Comment कालजयी जीवनी आवारा मसीहा के रचियता सुप्रसिद्ध साहित्यकार विष्णु प्रभाकर कहते थे कि एक साहित्यकार को केवल यह नहीं सोचना चाहिए कि उसे क्या लिखना है, बल्कि इस पर भी गंभीरता से विचार करना चाहिए कि क्या नहीं लिखना है. वह अपने लिखने के बारे में कहते थे कि प्रत्येक मनुष्य दूसरे के प्रति उत्तरदायी […] Read more » Featured मानवतावादी रचनाकार मानवतावादी रचनाकार विष्णु प्रभाकर विष्णु प्रभाकर
समाज छत April 8, 2015 / April 11, 2015 by विजय कुमार | Leave a Comment मेरे निवास के बगल में ही एक बड़ी संस्था से सम्बद्ध वृद्धाश्रम है। कई बुजुर्ग वहां रहते हैं। एक गोशाला, हनुमान मंदिर और चिकित्सालय भी है। मंदिर में यों तो हर दिन सैकड़ों लोग आते हैं; पर मंगलवार को दर्शनार्थियों की लाइन लगी रहती है। साल में दो बार, नवरात्र के दौरान कथा का […] Read more » Featured छत
समाज पहले किसानों, मज़दूरों और गरीबों की बात हो :-केएन गोविंदाचार्य April 8, 2015 / April 11, 2015 by डॉ. मनीष कुमार | 12 Comments on पहले किसानों, मज़दूरों और गरीबों की बात हो :-केएन गोविंदाचार्य केएन गोविंदाचार्य को इस देश में भला कौन नहीं जानता. प्रसिद्ध चिंतक-विचारक, आरएसएस के पूर्व प्रचारक और भारतीय जनता पार्टी के पूर्व महासचिव गोविंदाचार्य एक स्थायी क्रांतिकारी हैं. जेपी आंदोलन हो, गंगा बचाओ आंदोलन हो, स्वदेशी आंदोलन हो या फिर अन्ना हजारे के नेतृत्व में चल रहा भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन हो, गोविंदाचार्य हर जगह […] Read more » Featured interview of Govindaacharya ji किसानों की बात केएन गोविंदाचार्य गरीबों की बात मज़दूरों की बात
प्रवक्ता न्यूज़ समाज गीता की हत्या ! क्या कुंठित मानसिकता से ग्रस्त समाज लेगा सबक April 6, 2015 / April 11, 2015 by लक्ष्मी नारायण लहरे कोसीर पत्रकार | 1 Comment on गीता की हत्या ! क्या कुंठित मानसिकता से ग्रस्त समाज लेगा सबक सदियों से महिलाओं की स्थिति निम्न रही है यातनाएं भरी जीवन आज भी जी रही है। नारी की महत्वकांक्षा कहें या महत्ता पुरूष के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं फिर भी अपेक्षाओं के अनुरूप नारी जाति का सम्मान समाज में नही मिल पा रही है आज आजादी के बाद भी उपेक्षित का […] Read more » Featured गीता की हत्या ! क्या कुंठित मानसिकता से ग्रस्त समाज लेगा सबक भारतीय संस्कृति महिलाओं की स्थिति मुखाग्नि लक्ष्मी नारायण लहरे