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हवा की शुद्वता के लिए प्रदूषण के खिलाफ जनान्दोलन छेड़ने की जरूरत

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खेती और किसानों के लिए अहम पराली को संरक्षित करने के बाबत बनाई गई राष्ट्रीय पराली नीति भी राज्य सरकारों के ठेंगा पर दिख रही है। गेहूं, धान और गन्ने की पत्तियां सबसे ज्यादा जलाई जाती है। अधिकृत रिपोर्ट के अनुसार देश के सभी राज्यों को मिलाकर सालाना 50 करोड़ टन से अधिक पराली निकलती है उम्मीदों से भरे प्रदेश उत्तर प्रदेश मे छह करोड़ टन पराली में से 2.2 करोड़ टन पराली जलाई जाती है।

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एक बेहतर दुनिया के लिए लोकमंथन

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लोकमंथन के बहाने हमें एक नया समाज दर्शन भी चाहिए जिसमें राजनीति नहीं लोक केंद्र में हो। समाज का दर्शन और राजनीति का दर्शन अलग-अलग है। राजनीति का काम विखंडन है जबकि समाज जुड़ना चाहता है। राजनीति समाज को लडाकर, कड़वाहटें पैदाकर अपने लक्ष्य संधान करती है। ऐसे में राजनीति और समाज में अंतर करने की जरूरत है। वैचारिक शून्य को भरे बिना, जनता का प्रशिक्षण किए बिना यह संभव नहीं है। हमें इसके लिए समाज को ही शक्ति केंद्र बनाना होगा। लोगों की आकांक्षाएं, कामनाएं, आचार और व्यवहार मिलकर ही समाज बनाने हैं।

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