Category: विविधा

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आज की आवश्यकता है एकात्म मानवदर्शन

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जिस समय न केवल दुनिया में बल्कि भारत में भी इन विचारधाराओं का वर्चस्व था, खासकर साम्यवादी विचारधारा का, तब संघ के द्वितीय संघचालक माधव सदाशिव राव गोलवलकर ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को यह जिम्मेदारी सौंपी थी कि वह प्रकृति के अनुकूल विचारदर्शन प्रस्तुत करें। इसके बाद ही पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने एकात्म मानवदर्शन जैसा सम्पूर्ण विचारदर्शन दुनिया के समक्ष प्रस्तुत किया। एकात्म मानवदर्शन में परस्पर निर्भरता की बात कही गई। सबको एक-दूसरे के साथ एकात्म मानकर विचार किया गया।

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विविधा

मानव तस्‍करी से मुक्‍ति के लिए केंद्र के प्रयास

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इन दिनों जिस तरह केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने मानव तस्करी रोधी विधेयक के मसौदे को कैबिनेट के पास भेजा है। उसे देखते हुए यह कहने में कोई संकोच नहीं कि भारत सरकार इस विषय और इससे जुड़े अपराध को जड़ से समाप्त करने के लिए संकल्पित हो उठी है। संसद में इस बिल पर मोहर लग जाने के बाद उम्मीद यही की जा सकती है कि इसके सख्त कानून के दायरे में आने से अपराधियों में भय व्याप्त होगा और वे छोटी-मोटी सजा के बजाय लम्बी एवं जीवनभर की सजा पाने के भय से इस अपराध से दूर रहेंगे।

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महत्वपूर्ण लेख विज्ञान विविधा

टेक्सास में हुई अद्भुत भ्रूण शल्यक्रिया का विश्लेषण

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देखा जाए तो अतिप्राचीन युग में भी भारत की चिकित्सा प्रणाली का उद्देश्य वृहत रुप से व्यापक और सर्वज्ञान पद्धति से परिपूर्ण था। ‘चरक संहिता’ सिर्फ भारत में ही नहीं, अपितु विदेशों में भी इसका अध्ययन किया जा रहा है। इसी आधार पर आज भी पाश्चात्य चिकित्सक इस बात को सार्वजनिकतौर पर बोलने से भले ही कतराते हों, परन्तु आंतरिकरुप से स्वीकार करते हैं कि चरक-सुश्रुत के काल में भारतीय चिकित्सा विज्ञान आधुनिक पश्चिमी चिकित्सा विज्ञान से कहीं अधिक आगे था।

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जन-जागरण विविधा

कैसे बढ़ेंगी पुलिस-पब्लिक की नजदीकियां

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दिल्ली और मुंबई पुलिस ने कुछ बहुत अच्छे प्रयोग किए हैं। जाहिर तौर पर महानगरों की पुलिस ज्यादा संसाधनों से लैस है लेकिन राज्यों में वे प्रयोग दुहराए जा सकते हैं। यह बात निश्चित है कि धटनाएं रोकी नहीं जा सकतीं किंतु एक बेहतर पुलिसिंग समाज में संवाद और भरोसे का निर्माण करती है। यह भरोसा बचाना और उसे बढ़ाना आज के पुलिस तंत्र की जिम्मेदारी है। यहां यह भी जोड़ना जरूरी है कि मीडिया के तमाम अवतारों और प्रयोगों के बाद भी व्यक्तिगत संपर्कों और व्यक्तित्व का महत्व कम नहीं होगा।

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