विविधा सार्थक पहल अविरल और निर्मल गंगा October 15, 2016 by विजय कुमार | 3 Comments on अविरल और निर्मल गंगा गंगा को सुधारना है, तो राजनीतिक इच्छाशक्ति, सामाजिक जागरूकता, विशेषज्ञों द्वारा निर्मित समयबद्ध योजना, कठोर कानून और उनका पालन, धर्म, विज्ञान और वर्तमान जनसंख्या की जरूरतों में व्यावहारिक समन्वय जैसे मुद्दों पर एक साथ काम करना होगा, तब जाकर जगत कल्याणी मां गंगा स्नान और ध्यान, वंदन और आचमन के योग्य बन सकेगी। Read more » Featured अविरल और निर्मल गंगा निर्मल गंगा
विविधा हैती में तबाही का तांडव रच गया मैथ्यू October 13, 2016 / October 13, 2016 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment हालांकि वैज्ञानिक इस विकटतम स्थिति में भी निराश नहीं हैं। मानव समुदायों को विपरीत हालातों में भी प्राकृतिक परिवेश हासिल करा देने की दृष्टि से प्रयत्नशील हैं। क्योंकि वैज्ञानिकों ने हाल के अनुसंधानों में पाया है कि उच्चतम ताप व निम्नतम जाड़ा झेलने के बावजूद जीवन की प्रक्रिया का क्रम जारी है। दरअसल जीव वैज्ञानिकों ने 70 डिग्रेी तक चढ़े पारे और 70 डिग्री सेल्सियस तक ही नीचे गिरे पारे के बीच सूक्ष्म जीवों की आश्चर्यजनक पड़ताल की है। Read more » Featured तबाही का तांडव मैथ्यू हैती
विविधा मुनाफे की शिक्षा October 13, 2016 by जावेद अनीस | 2 Comments on मुनाफे की शिक्षा भारत में शिक्षा की व्यवस्था गंभीर रूप से बीमार है इसकी जड़ में हितों का टकराव ही है. प्राथमिक शिक्षा से लेकर कॉलेज शिक्षा तक पढ़ाई के अवसर सीमित और अत्यधिक मंहगें होने के कारण आम आदमी की पहुँच से लगभग दूर होते जा रहे हैं. शिक्षा के इस माफिया तंत्र से निपटने के लिए साहसिक फैसले लेने की जरूरत है. हालत अभी भी नियंत्रण से बाहर नहीं हुए है और इसमें सुधार संभव है. Read more » Featured मुनाफे की शिक्षा
मीडिया विविधा सार्थक पहल एक पाती आदरणीय रविश जी के नाम डॉ नीलम महेंद्र की कलम से October 11, 2016 by डॉ नीलम महेन्द्रा | 3 Comments on एक पाती आदरणीय रविश जी के नाम डॉ नीलम महेंद्र की कलम से अफसोस है कि आप इस देश की मिट्टी से पैदा होने वाले आम आदमी को पहचान नहीं पाए । यह आदमी न तो अमीर होता है न गरीब होता है जब अपनी पर आ जाए तो केवल भारतीय होता है । इनका डीएनए गुरु गोविंद सिंह जी जैसे वीरों का डीएनए है जो इस देश पर एक नहीं अपने चारों पुत्र हंसते हंसते कुर्बान कर देते हैं।इस देश की महिलाओं के डीएनए में रानी लक्ष्मी बाई रानी पद्मिनी का डिएनए है कि देश के लिए स्वयं अपनी जान न्यौछावर कर देती हैं । Read more » Featured
विविधा भारतीय मूल्यों पर आधारित हो शिक्षा October 8, 2016 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment वैसे भी जो समाज व्यापार के बजाए शिक्षा से मुनाफा कमाने लगे उसका तो राम ही मालिक है। हमारे ऋषियों-मुनियों ने जिस तरह की जिजीविषा से शिक्षा को सेवा और स्वाध्याय से जोड़ा था वह तत्व बहुलतः शिक्षा व्यवस्था और तंत्र से गायब होता जा रहा है। इस ऐतिहासिक फेरबदल ने हमारे शिक्षा जगत से चिंतन, शोध और अनुसंधान बंद कर दिया है। पश्चिम के दर्शन और तौर-तरीकों को स्वीकार करते हुए अपनी जड़ें खोद डालीं। आज हम न तो पश्चिम की तरह बन पाए, न पूरब का सत्व और तेज बचा पाए। Read more » Featured Indian Education Indian education based on Indian values Indian Education Policy भारतीय मूल्यों पर आधारित हो शिक्षा वसुधैव कुटुम्बकम् शिक्षा
महत्वपूर्ण लेख विविधा केंद्र की श्रेष्ठ शिक्षा नीति का बुरा हाल October 8, 2016 by मयंक चतुर्वेदी | 1 Comment on केंद्र की श्रेष्ठ शिक्षा नीति का बुरा हाल वस्तुत: सरकार को यदि शिक्षा के स्तर में समानता रखनी है तो सबसे पहले संपूर्ण देश में एक जैसा पाठ्यक्रम लागू करने पर जोर देना होगा, बोर्ड माध्यम फिर केंद्रीय हो या राज्य स्तरीय पुस्तकों के स्तर में बहुत अंतर नहीं होना चाहिए। इसमें स्थानीय स्तर पर कुछ पाठ अलग हो सकते हैं लेकिन ऐसा न हो कि पूरा का पूरा सिलेबस ही अलग हो Read more » Featured शिक्षा का अधिकार कानून शिक्षा नीति का बुरा हाल
विविधा स्वच्छता अभियान और मोदी सरकार October 8, 2016 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment पुराने समय में लोग खुले में शौच जाते थे तो अपने मल को खेत में मिट्टी से दबाकर आते थे इससे उत्तम 'मल विनष्टीकरण' का कोई अन्य ढंग नही हो सकता। इस क्रिया से मल की बदबू वातावरण में नही फैलती थी। पर मल मिट्टी के साथ मिलकर 24 घंटे में ही खाद बन जाता था, जिससे खेत की उत्पादन क्षमता बढ़ती थी। इसके अतिरिक्त आजकल शौचालय में जिन सीटों को हम बैठने के लिए प्रयोग करते हैं-उन्होंने हम सबको बीमार कर दिया है। Read more » Featured मोदी सरकार स्वच्छता अभियान
विविधा ताज पर प्रदूषण के दाग की जांच October 6, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment 1874 में गुंबद के कलश पर चढ़ाया मुलम्मा:-ब्रिटिश काल में 1874 में तत्कालीन एक्जीक्यूटिव इंजीनियर जेडब्ल्यू एलेंक्जेंडर ने ताजमहल में मुख्य गुंबद के संरक्षण पर 70,926 रुपये खर्च किए थे। तीन साल तक चले संरक्षण में गुंबद के टूटे पत्थरों को बदलने के साथ पच्चीकारी का काम कराया गया। गुंबद के ऊपर पिनेकल पर मुलम्मा चढ़ाया गया था। इसके बाद 1880 में तत्कालीन डीएम एफ बॉकर ने मेहमान खाने की ओर चमेली फर्श पर इसी कलश का काले ग्रेनाइट से छाया चित्र तैयार कराया Read more » Featured ताज
विविधा हमारे नेताओं को आखिर वीडियो क्यों चाहिए? October 6, 2016 by लोकेन्द्र सिंह राजपूत | 1 Comment on हमारे नेताओं को आखिर वीडियो क्यों चाहिए? अंतरराष्ट्रीय मीडिया की रिपोर्ट और पाकिस्तान की हरकत पर अरविंद केजरीवाल का खून इतना ही खौल रहा था, तब उन्हें भारतीय सेना से आग्रह करना चाहिए था कि एक सर्जिकल स्ट्राइक और कर दो, ताकि पाकिस्तान को समझ आए कि हाँ सर्जिकल स्ट्राइक हुआ है। केजरीवाल की तरह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदम्बरम और संजय निरुपम को भी सेना पर भरोसा नहीं है। Read more » Featured आप्रेशन सर्जिकल स्ट्राइक सर्जिकल स्ट्राइक सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो
विविधा नीतीश की शराबबंदी ठीक, लेकिन….? October 6, 2016 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment यदि किसी के घर या दफ्तर में शराब की बोतल पाई जाए तो उस घर और दफ्तर के सभी सदस्यों को 10 साल की सजा हो जाए, इसे कौन ठीक मान सकता है? इससे तो वे महिलाएं भी जेल चली जाएंगी, जो शराबबंदी की समर्थक हैं और जिन्होंने नीतीश को वोट दिए हैं। यदि शराब का सुराग देने वालों को पुरस्कार का कानून बने तो यह कहीं बेहतर होगा। शराबबंदी के मामले में नीतीश के उत्साह की जितनी तारीफ की जाए कम है लेकिन हम उनसे यह आशा भी करते हैं कि वे कानून ऐसा बनाएं, जो व्यावहारिक हो। Read more » Featured नीतीश नीतीश की शराबबंदी शराबबंदी
विविधा अनकही कहानी… अनकहा दर्द …!! October 5, 2016 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment खबर बिल्कुल सामान्य थी।एक बड़े शहर के व्यवसायी का शव कस्बे के लॉज में फंदे से लटकता पाया गया। सुसाइट नोट से पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि बंदा आर्थिक समस्याओं से परेशान था। बच्चों के लिए निवाला न जुटा पाने की बात भी उसने सुसाइट नोट में लिखी थी। साथ ही सरकार से अपने बच्चों के लिए निवाले की व्यवस्था की आखिरी मार्मिक अपील भी दुनिया छोड़ने वाले ने की थी। Read more » Featured अनकहा दर्द अनकही कहानी दर्द
विविधा चीन ने रोका ब्रह्मपुत्र का पानी October 4, 2016 by प्रमोद भार्गव | 1 Comment on चीन ने रोका ब्रह्मपुत्र का पानी 2013 में एक अंतरमंत्रालय विशेष समूह गठित किया गया था। इसमें भारत के साथ चीन का यह समझौता हुआ था कि चीन पारदर्षिता अपनाते हुए पानी के प्रवाह से संबंधित आंकड़ों को साझा करेगा। लेकिन चीन ने इस समझौते का पालन नहीं किया। वह जब चाहे तब ब्रह्मपुत्र का पानी रोक देता है, अथवा इकट्ठा छोड़ देता है। पिछले वर्षों में अरुणाचल और हिमाचल प्रदेशों में जो बाढ़ें आई हैं Read more » Featured चीन चीन ने रोका ब्रह्मपुत्र का पानी