परिचर्चा हिन्दू हृदय सम्राट महाराजा सूरजमल

हिन्दू हृदय सम्राट महाराजा सूरजमल

-अशोक “प्रवृद्ध” उत्तर भारत में एक स्वतंत्र हिन्दू राज्य बनाकर इतिहास में गौरव स्थान प्राप्त करने वाले राजनीति कुशल, दूरदर्शी, सुन्दर, सुडौल और स्वस्थ वदन…

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पर्यावरण पर्यावरण संरक्षण के लिये सार्थक प्रयत्न

पर्यावरण संरक्षण के लिये सार्थक प्रयत्न

– आचार्य डाॅ. लोकेशमुनि- पर्यावरण के प्रति लोगों को संवेदनशील बनाने, उसकी रक्षा करने एवं उसे बचाने के उद्देश्य से हर वर्ष 5 जून 2019…

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स्‍वास्‍थ्‍य-योग नित्य करें योग

नित्य करें योग

तन-मन को रखना हो निरोग  तो नित्य करें योग  योग अगर है हमारे साथ  तो आरोग्य थाम लेगा हाथ।  योग करने से रहोगे स्वस्थ व…

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लेख भारत हुआ नशीला

भारत हुआ नशीला

-अनिल अनूप सुरा प्रेम में भारत का दर्जा दुनिया के अन्य कई देशों से बहुत ऊपर है। विश्व में हमारा खुशहाली सूचकांक गिर रहा है…

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कविता बिन आग के तू आग लगा देती

बिन आग के तू आग लगा देती

बिन आग के तुम आग लगा देती |बिन पानी के तुम इसे बुझा देती || सीखा है कहाँ से तुमने ये हूनर |मुझको भी जरा…

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धर्म-अध्यात्म राष्ट्रवाद को चुनौती देता “अल्पसंख्यकवाद”

राष्ट्रवाद को चुनौती देता “अल्पसंख्यकवाद”

अल्पसंख्यकवाद या मुस्लिम उन्मुखी राजनीति की विवशता आज राष्ट्रवादियों के समक्ष एक बड़ी चुनौती  बन रही है। जबकि स्वतंत्र भारत के नीति नियंताओं का ध्येय स्वस्थ…

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साहित्‍य सूरज है रूठा: नवगीत

सूरज है रूठा: नवगीत

अविनाश ब्यौहार वर्षा की पहली फुहार है। और हवा के आर पार है।। डाली में कोंपल फूटी है। आज तपन लगती झूठी है।। हरितिमा की…

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ज्योतिष जानिए सर्जरी/ऑपरेशन हेतु शुभ मुहूर्त का महत्व ??

जानिए सर्जरी/ऑपरेशन हेतु शुभ मुहूर्त का महत्व ??

प्रिय पाठकों/मित्रों, शुभ मुहूर्त में जब आप कोई भी कार्य करते है तो वह बिना बाधा के संपन्न होता है ऐसा शास्त्र कथन है तथा…

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लेख सीए: सम्मान के साथ जिम्मेदारियाँ हजार

सीए: सम्मान के साथ जिम्मेदारियाँ हजार

(आलेख- डॉ अर्पण जैन ‘अविचल’) राष्ट्र के नवनिर्माण की बयार है, उद्योग नीति की श्रेष्ठता से हिंदुस्तान में स्वरोजगार चरम पर है, कही छोटी इकाइयाँ…

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चिंतन “ईश्वर का सत्यज्ञान वेद एवं वैदिक साहित्य में ही उपलब्ध है”

“ईश्वर का सत्यज्ञान वेद एवं वैदिक साहित्य में ही उपलब्ध है”

-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। हम जन्म लेने के बाद जब कुछ-कुछ समझना आरम्भ कर देते हैं तो इस संसार को देखकर आश्चर्यचकित होते हैं। हममें…

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कविता अपने प्यार का कुछ भरम तो रहने दो

अपने प्यार का कुछ भरम तो रहने दो

अपने प्यार का, कुछ भरम तो रहने दो |अपने अहसानों का कुछ बोझ तो रहने दो || भले ही प्यार न करो,सितम्ब तो रहने दो…

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धर्म-अध्यात्म “वैदिक जीवन ही श्रेष्ठ एवं सर्वोत्तम है”

“वैदिक जीवन ही श्रेष्ठ एवं सर्वोत्तम है”

-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। एक परमात्मा ने ही समस्त संसार के मनुष्यों एवं इतर प्राणियों को बनाया है। लोगों ने समय-समय पर अपनी बुद्धि के…

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