खेल जगत टेनिस की नई त्रिमूर्ति

टेनिस की नई त्रिमूर्ति

साल के चौथे और आखिरी ग्रैंड स्लैम का सफर थम गया लेकिन इसकी चर्चाएं शायद कुछ दिन और चले । इसका सबसे कारण है साल…

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जन-जागरण फ़िरकापरस्त और कश्मीर की बाढ़

फ़िरकापरस्त और कश्मीर की बाढ़

      आज का समाचार है कि कश्मीर में चार लाख लोग अभी भी बाढ़ में फ़ंसे हैं। राहत कार्य में सेना के एक लाख जवान…

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आर्थिकी जनधन योजना के छलावे ?

जनधन योजना के छलावे ?

प्रमोद भार्गव देश में हरेक व्यक्ति का खाता हो,यह अच्छी बात है। लेकिन महज बैंक खाता खुल जाने से व्यक्ति की तकदीर बदल जाएगी,वित्तिय अछूतता…

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राजनीति दागियों से मुक्ति के नैतिक सरोकार

दागियों से मुक्ति के नैतिक सरोकार

प्रमोद भार्गव सर्वोच्च न्यायालय की पांच सदस्यीय खंडपीठ ने घुमा-फिराकर दागियों से मुक्ति के सवाल को नैतिक तकाजों का हवाला देते हुए विधायिका के पाले…

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जन-जागरण विश्व हिन्दू परिषद के पचास वर्ष

विश्व हिन्दू परिषद के पचास वर्ष

डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री दुनिया भर में रहने वाले हिन्दू समाज की पिछले सौ साल में स्पष्ट ही दो श्रेणियाँ हो गईं हैं । हिन्दुस्तान…

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जन-जागरण निजी विश्वविद्यालय: विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह

निजी विश्वविद्यालय: विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह

प्रो. एस. के. सिंह पिछले वर्षं मेघालय में एक निजी विश्वविद्यालय (सी.एम.जे. विश्वविद्यालय) द्वारा यू.जी.सी के नियमों की अनदेखी करते हुए एक वर्ष में 434…

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बच्चों का पन्ना कबड्डी

कबड्डी

तूम तड़क्का धूम धड़क्का. सुन्ने का है वादा पक्का| तू तू तू तू तू तू बोलेंगे| आज कबड्डी फिर खेलेंगे| यह है अपना खेल पुराना|…

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टॉप स्टोरी वैदिक के ये कैसे बोल ?

वैदिक के ये कैसे बोल ?

वरिष्ठ पत्रकार और विदेशी मामलों के जानकार डॉक्टर वेदप्रताप वैदिक मुम्बई हमले की साजिश रचने वाले पाकिस्तान में हाफिज़ सईद से मुलाकात के बाद सवालों…

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जन-जागरण संत न छोड़े संतई कोटिक मिले असंत ..

संत न छोड़े संतई कोटिक मिले असंत ..

अनुज अग्रवाल बचपन में पिताजी कहानियां सुनाया करते थे | उसमे एक कहानी थी बिच्छू और साधू की | होता क्या है कि एक बिच्छू…

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राजनीति सनसनी फैलाने में माहिर आप

सनसनी फैलाने में माहिर आप

सुरेश हिन्दुस्थानी दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर जिस प्रकार का खेल खेला जा रहा है, उससे हमें बचपन की एक घटना याद आती है।…

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कविता अंधेरे रास्तों पर

अंधेरे रास्तों पर

  जीवन में क्यों कोई राह नजर नहीं आती है ? हर राह पर क्यों नई परेशानी चली आती है ? जब जब चाहा भूल…

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समाज मानव तस्करी का धंधा

मानव तस्करी का धंधा

बुनियादी सुविधाओं, जागरूकता एवं प्रशासन की कारगुजारियों की वजह फल-फूल रहा है कोडरमा में मानव तस्करी का धंधा पिछले दिनों बेंगलूरू के कोल्स पार्क के…

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