राजनीति मोदी के लिए समय माँगने वालों के लिए …

मोदी के लिए समय माँगने वालों के लिए …

  समय तो कार्यों के मूल्यांकन के लिए चाहिए होता है| कार्य तो अभी वे ही हो रहे हैं जो मनमोहनसिंह ने अधूरे छोड़े थे…

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व्यंग्य अच्छे दिन !

अच्छे दिन !

एल आर गांधी हाथ की दातुन से निपट कर आखिरी फोलक को थू …. कहने ही वाले थे कि चोखी लामा बीच में आ धमके…

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विश्ववार्ता मधेश, मोदी और मश्वरा

मधेश, मोदी और मश्वरा

एक कहावत है ‘बिल्ली के भाग्य से छींका टूटना’, पिछले कुछ दिनों में नेपाल की वो जनता, जिनकी नीयत हमेशा से मधेश के लिए बर्इमान…

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जरूर पढ़ें मोदी युग की ओर …

मोदी युग की ओर …

वीरेन्द्र सिंह परिहार-  इसमें कोई दो मत नहीं कि देश में मोदी युग की सिर्फ शुरूआत ही नहीं हो चली है, बल्कि देश एक तरह…

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जरूर पढ़ें बोतल से फिर बाहर आया अलक़ायदा का जिन्न

बोतल से फिर बाहर आया अलक़ायदा का जिन्न

तनवीर जाफ़री अमेरिका पर हुए विश्व के अब तक के सबसे बड़े आतंकी हमले अर्थात् 9/11 के बाद ओसामा बिन लादेन के नेतृतव में जिस आतंकी…

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परिचर्चा ऊर्जा ही ऊर्जा

ऊर्जा ही ऊर्जा

-फख़रे आलम- भारतीय जनता पार्टी एनडीए गठबंधन ऊर्जा के साथ सत्ता में आई और तब से आज तक प्रधानमंत्री, उनकी पूरी कैबिनेट ऊर्जावान दिखाई दे…

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जन-जागरण नमो-नमो हक़ीक़त नहीं, सपनों का सौदागर !

नमो-नमो हक़ीक़त नहीं, सपनों का सौदागर !

– नीरज वर्मा- सपने बेचना कोई खेल नहीं ! तमाशा नहीं ! हुनर चाहिए ! एक हुनर-मंद गया ! दूसरा अभी-अभी आया है ! बदकिस्मती…

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राजनीति मोदी ने दिया भारत के भविष्य को हौसला

मोदी ने दिया भारत के भविष्य को हौसला

-सुरेश हिन्दुस्थानी- देश में काम सब करते हैं, परन्तु कुछ लोग ऐसे होते हैं जो सभी कामों को लीक से हटकर करते हुए समाज के…

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जन-जागरण युग धर्म में आया परिवर्तन

युग धर्म में आया परिवर्तन

-राकेश कुमार आर्य- धर्म बन जाया करता है। जब भारत वर्ष में शांति का काल था, सर्वत्र उन्नति और आत्मविकास की बातें होती थीं तो…

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जरूर पढ़ें महामहिम के समक्ष भी अपनी ‘नौटंकीबाजी’ से बाज नहीं आए ‘नौटंकीबाज’

महामहिम के समक्ष भी अपनी ‘नौटंकीबाजी’ से बाज नहीं आए ‘नौटंकीबाज’

-आलोक कुमार- जनता द्वारा सिरे से नकारे जाने और अपने ही विरोधाभासों व अंतर्विरोधों के कारण लगभग बिखरे चुके कुनबे से सीख लेने के बावजूद…

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कहानी दिमागी उपज…या कुछ और…!!

दिमागी उपज…या कुछ और…!!

अश्वनी कुमार बंगलौर… सुबह के लगभग 8 बज रहे होंगे… शर्मा जी रोज़ की ही तरह आज भी अपने बैंक की ओर अपनी गाडी लेकर…

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राजनीति बिहार के गरीबों की चिंता में दुबले हुए जा रहे नीतीश जी के नाम एक खुला – पत्र

बिहार के गरीबों की चिंता में दुबले हुए जा रहे नीतीश जी के नाम एक खुला – पत्र

नीतीश जी ….ये तो हम सब जानते हैं कि गरीबी अभिशाप है ….बेहतर होता आप ये बताते कि आपकी सरपरस्ती के नौ सालों के शासन…

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