मोदी के लिए समय माँगने वालों के लिए …
Updated: September 9, 2014
समय तो कार्यों के मूल्यांकन के लिए चाहिए होता है| कार्य तो अभी वे ही हो रहे हैं जो मनमोहनसिंह ने अधूरे छोड़े थे…
Read more
अच्छे दिन !
Updated: September 9, 2014
एल आर गांधी हाथ की दातुन से निपट कर आखिरी फोलक को थू …. कहने ही वाले थे कि चोखी लामा बीच में आ धमके…
Read more
मधेश, मोदी और मश्वरा
Updated: September 8, 2014
एक कहावत है ‘बिल्ली के भाग्य से छींका टूटना’, पिछले कुछ दिनों में नेपाल की वो जनता, जिनकी नीयत हमेशा से मधेश के लिए बर्इमान…
Read more
मोदी युग की ओर …
Updated: September 7, 2014
वीरेन्द्र सिंह परिहार- इसमें कोई दो मत नहीं कि देश में मोदी युग की सिर्फ शुरूआत ही नहीं हो चली है, बल्कि देश एक तरह…
Read more
बोतल से फिर बाहर आया अलक़ायदा का जिन्न
Updated: September 7, 2014
तनवीर जाफ़री अमेरिका पर हुए विश्व के अब तक के सबसे बड़े आतंकी हमले अर्थात् 9/11 के बाद ओसामा बिन लादेन के नेतृतव में जिस आतंकी…
Read more
ऊर्जा ही ऊर्जा
Updated: September 7, 2014
-फख़रे आलम- भारतीय जनता पार्टी एनडीए गठबंधन ऊर्जा के साथ सत्ता में आई और तब से आज तक प्रधानमंत्री, उनकी पूरी कैबिनेट ऊर्जावान दिखाई दे…
Read more
नमो-नमो हक़ीक़त नहीं, सपनों का सौदागर !
Updated: September 7, 2014
– नीरज वर्मा- सपने बेचना कोई खेल नहीं ! तमाशा नहीं ! हुनर चाहिए ! एक हुनर-मंद गया ! दूसरा अभी-अभी आया है ! बदकिस्मती…
Read more
मोदी ने दिया भारत के भविष्य को हौसला
Updated: September 7, 2014
-सुरेश हिन्दुस्थानी- देश में काम सब करते हैं, परन्तु कुछ लोग ऐसे होते हैं जो सभी कामों को लीक से हटकर करते हुए समाज के…
Read more
युग धर्म में आया परिवर्तन
Updated: September 7, 2014
-राकेश कुमार आर्य- धर्म बन जाया करता है। जब भारत वर्ष में शांति का काल था, सर्वत्र उन्नति और आत्मविकास की बातें होती थीं तो…
Read more
महामहिम के समक्ष भी अपनी ‘नौटंकीबाजी’ से बाज नहीं आए ‘नौटंकीबाज’
Updated: September 7, 2014
-आलोक कुमार- जनता द्वारा सिरे से नकारे जाने और अपने ही विरोधाभासों व अंतर्विरोधों के कारण लगभग बिखरे चुके कुनबे से सीख लेने के बावजूद…
Read more
दिमागी उपज…या कुछ और…!!
Updated: September 6, 2014
अश्वनी कुमार बंगलौर… सुबह के लगभग 8 बज रहे होंगे… शर्मा जी रोज़ की ही तरह आज भी अपने बैंक की ओर अपनी गाडी लेकर…
Read more
बिहार के गरीबों की चिंता में दुबले हुए जा रहे नीतीश जी के नाम एक खुला – पत्र
Updated: September 6, 2014
नीतीश जी ….ये तो हम सब जानते हैं कि गरीबी अभिशाप है ….बेहतर होता आप ये बताते कि आपकी सरपरस्ती के नौ सालों के शासन…
Read more