राजनीति विधि-कानून पुराने कानूनों से मुक्ति के साथ संशोधन भी जरूरी April 2, 2018 / April 2, 2018 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment पुराने कानूनों से मुक्ति के साथ संशोधन भी जरूरी प्रमोद भार्गव यह अच्छी बात है कि केंद्र सरकार कुछ उपनिवेशिक कानूनों को खत्म करने के बाद अवशेष रह गए कानूनों को भी समाप्त करने की भी तैयारी में हैं । नरेंद्र मोदी सरकार ने नई पहल करते हुए अंग्रेजों के जमाने के अप्रासंगिक हो चुके […] Read more » feaured अदालतों उच्च न्यायालयों उपनिवेषिक कानूनों केंद्र सरकार खत्म प्रशासनिक कानूनों ब्रिटिश हुकूमत मद्रास हाईकोर्ट मोदी सरकार वकीलों
विधि-कानून विविधा ऐट्रोसिटी कानून के दुरूपयोग पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर March 23, 2018 / March 23, 2018 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on ऐट्रोसिटी कानून के दुरूपयोग पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर संजीव खुदशाह विगत दिनों सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश पारित किया जिसमें इस बात का जिक्र किया गया कि भारत में एट्रोसिटी कानून का दुरुपयोग बड़ी मात्रा में किया जा रहा है। इसलिए अब लोक सेवकों पर सीधे FIR नहीं किया जा सकता ना ही गिरफ्तारी हो सकेगी। ध्यान रखिए यह बंदिश केवल लोक सेवकों […] Read more » Atrocity law Featured misuse of atrocity law Supreme Court seal एट्रोसिटी कानून एट्रोसिटी कानून का दुरुपयोग
जन-जागरण विधि-कानून विविधा बौनी बगावत! January 21, 2018 by शिव शरण त्रिपाठी | Leave a Comment बीता शुक्रवार आजाद न्यायपालिका के ७० साला इतिहास में एक ऐसी बगावत का साक्षी बनने को मजबूर किया गया जिसकी न ही देश को उम्मीद थी और न ही जरूरत। सर्वोच्च न्यायालय के दूसरे वरिष्ठतम न्यायाधीश चेलमेश्वर ने न्यायमूर्ति रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ के साथ शुक्रवार की सुबह अपने […] Read more » Featured जस्ट्सि लोया की मौत न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर न्यायमूर्ति रंजन गोगोई न्यायाधीश चेलमेश्वर सर्वोच्च न्यायालय
विधि-कानून समाज उ. प्र. में न्याय पंचायतों का खात्मा एक अनुचित निर्णय January 13, 2018 by अरुण तिवारी | Leave a Comment स्वयं को भारतीय संस्कृति और परम्पराओं का पोषक दल बताने वाले भारतीय जनता पार्टी के विचारकों के लिए यह आइना देखने की बात है कि उत्तर प्रदेश की योगी केबिनेट ने समाज और संविधान की मान्यता प्राप्त न्याय पंचायत सरीखे एक परम्परागत संस्थान को खत्म करने का निर्णय लिया। उत्तर प्रदेश के पंचायत प्रतिनिधियों तथा ग्रामसभाओं […] Read more » Featured nyaya panchayats unfair decision in UP to end nyaya panchayats अनुचित निर्णय उ.प्र न्याय पंचायत न्याय पंचायतों का खात्मा
विधि-कानून विविधा तीन तलाक विधयेक : निहितार्थ ‘कसक के! January 7, 2018 by शिव शरण त्रिपाठी | Leave a Comment शिव शरण त्रिपाठी लोकसभा में तीन तलाक विधयेक पास होने के बाद कानून बनने की राह पर ज्यों-ज्यों अग्रसर है त्यों-त्यों मुस्लिम वोटों के सौदागरों की चिंतायें बढ़ती जा रही है। सर्वाधिक बुरी स्थिति में तो कांग्रेस फसती नजर आ रही है। जिसके ही एक प्रधानमंत्री की ऐतिहासिक भूल से आज यह स्थिति पैदा हुई […] Read more » Featured ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड तीन तलाक
राजनीति विधि-कानून तो क्या ट्रायल कोर्ट सर्वोच्च न्यायालय से बड़ा है January 5, 2018 by वीरेंदर परिहार | 1 Comment on तो क्या ट्रायल कोर्ट सर्वोच्च न्यायालय से बड़ा है वीरेन्द्र सिंह परिहार 2 जी स्पेक्ट्रम मामले में सी.बी.आई. की विशेष अदालत का फैसला जिसमे ए. राजा और काणिमोझी समेत अन्य आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया, एक बहुत ही आश्चर्यजनक फैसला है। इतना आश्चर्य जनक कि देश के बहुत से लोग इस फैसले को लेकर सन्न हैं। ऐसा इसलिये कि सर्वोच्च न्यायालय ने इसे […] Read more » 2 जी स्पेक्ट्रम मामले 2g spectrum Featured trial court verdict on supreme court ए. राजा काणिमोझी चारा घोटाला ट्रायल कोर्ट शशिकला सर्वोच्च न्यायालय
विधि-कानून विविधा मुस्लिम महिला विधेयक December 29, 2017 by विपिन किशोर सिन्हा | Leave a Comment हिन्दुओं में सती प्रथा के उन्मूलन के बाद सामाजिक बुराइयों को दूर करने के लिए किसी भी सरकार द्वारा पहली बार कल एक अत्यन्त साहसिक और क्रान्तिकारी विधेयक लोकसभा में पास हुआ। विवाह के बाद मुस्लिम महिला के अधिकारों की रक्षा के लिए यह विधेयक लाना और इसे कानून का रूप देना केन्द्र सरकार का […] Read more » ban on triple talaq Featured triple talaq तीन तत्काल अवैध तीन तलाक अमान्य मुताह हलाला
विधि-कानून विविधा …तो फिर 2जी घोटाले का दोषी कौन? December 28, 2017 by सुरेश हिन्दुस्थानी | 1 Comment on …तो फिर 2जी घोटाले का दोषी कौन? देश में संप्रग सरकार के समय हुए 2जी घोटाले में न्यायालय के निर्णय के साथ ही भाजपा और कांग्रेस में राजनीतिक बयानबाजी प्रारंभ हो गई है। कांग्रेस जहां इस घोटाले को पूरी तरह से झूठा प्रमाणित करने की कवायद कर रही है, वहीं भाजपा की तरफ से अभी भी इसे घोटाले का रुप ही देने […] Read more » 2G scam Featured who is guilty of 2G scam दो जी स्पेक्ट्रम घोटाले सीबीआई के विशेष न्यायाधीश ओ.पी. सैनी
विधि-कानून विविधा न्याय की धीमी गति पर खड़े हुए सवाल December 28, 2017 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग देश में कानून प्रक्रिया की धीमी एवं सुस्त गति एक ऐसी त्रासदी बनती जा रही है, जिसमें न्यायालयों में न्याय के बजाय तारीखों का मिलना, केवल पीड़ित व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि समूची व्यवस्था को घायल कर देती है। इससे देश के हर नागरिक के मौलिक अधिकारों का न केवल हनन होता है […] Read more » Featured justice slow speed of justice Standing on the slow speed of justice न्याय न्याय की धीमी गति
विधि-कानून भारत में न्यायिक प्रणाली, समस्याएं और सुधार September 18, 2017 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | 3 Comments on भारत में न्यायिक प्रणाली, समस्याएं और सुधार एडवोकेट डा. राधेश्याम द्विवेदी लोकतांत्रिक भारत सरकार की तीन स्वतंत्र शाखाएं हैं – कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका। भारतीय न्यायिक प्रणाली अंग्रेजों ने औपनिवेशिक शासन के दौरान बनाई थी। इसको आम कानून व्यवस्था के रुप में जाना जाता है जिसमें न्यायाधीश अपने फैसलों, आदेशों और निर्णयों से कानून का विकास करते हैं। देश में कई स्तर […] Read more » Featured judicial system जिला और अधीनस्थ न्यायालय न्यायपालिका में भ्रष्टाचार न्यायिक प्रणाली न्यायिक प्रणाली की समस्याएं न्यायिक सुधार पारदर्शिता की कमी भारत का सुप्रीम कोर्ट लंबित मामलों का बैकलाग समाज से परस्पर संवाद नहीं
विधि-कानून विविधा देश में न्याय की उम्मीद जगाते हाल के फैसले September 10, 2017 by डॉ नीलम महेन्द्रा | Leave a Comment अभी हाल ही में भारत में कोर्ट द्वारा जिस प्रकार से फैसले दिए जा रहे हैं वो देश में निश्चित ही एक सकारात्मक बदलाव का संकेत दे रहे हैं। 24 साल पुराने मुम्बई बम धमाकों के लिए अबु सलेम को आजीवन कारावास का फैसला हो या 16 महीने के भीतर ही बिहार के हाई प्रोफाइल […] Read more » Featured hope of justice Judiciary justice न्याय न्याय की उम्मीद
विधि-कानून विविधा विधि या कानून का लचीलापन August 30, 2017 / September 1, 2017 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी विधि या कानून किसी भी नियम संहिता को कह सकते हैं। विधि प्रायः भलीभांति लिखी हुई संसूचकों (इन्स्ट्रक्शन्स) के रूप में होती है। समाज को सम्यक ढंग से चलाने के लिये विधि अत्यन्त आवश्यक है।विधि मनुष्य का आचरण के वे सामान्य नियम होते है जो राज्य द्वारा स्वीकृत तथा लागू किये जाते […] Read more » कानून का लचीलापन विधि का लचीलापन